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मटिहानी माइनर पर महिलाओं का कब्जा
ब्यूरो/अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Mon, 05 Oct 2015 12:59 AM IST
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धनरौल बांध से मुख्य घाघर नहर में पानी छोड़े जाने की जानकारी होते ही रविवार की सुबह दस बजे मटिहानी की सैकड़ों महिलाएं गांव के माइनर का गेट खोलकर बैठ गई।
क्षेत्रीय किसानों ने इसका विरोध किया तो महिलाओं ने कहा कि पहले उनके खेतों की सिंचाई होगी, इसके बाद ही पानी आगे जाएगा। इसके लिए वह हर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
महिलाएं शाम चार बजे तक वहीं बैठी रहीं। 27 सितंबर से छह अक्तूबर तक धनरौल बांध से मुख्य घाघर नहर में मड़िहान के लिए पानी छोड़ा जाना था, लेकिन सोनभद्र के कुछ नेताओं ने मड़िहान पानी नहीं आने दिया और अपने ही जनपद के खेतों की सिंचाई कराते रहे।
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जानकारी होने पर चुनाव लड़ रहे नेताओं ने हस्तक्षेप कर पड़रवा से पानी से आगे बढ़वाया। नहर में पानी आने की जानकारी होने पर मटिहानी माइनर के पास के किसान परिवारों की सैकड़ों महिलाएं रविवार की सुबह दस बजे माइनर का गेट खोलकर अपने खेतों की सिंचाई करने लगीं।
पानी बीच में रोक लेने की जानकारी होने पर इलाके के किसान जब गेट बंद करने पहुंचे तो महिलाएं भड़क गईं। कहा कि पहले उनके इलाके के खेतों की सिंचाई होगी, इसके बाद ही पानी आगे जाने दिया जाएगा।
किसानों ने मामले से जिलाधिकारी को अवगत कराने के लिए कहा तो और महिलाएं जुट गईं। इसको लेकर नोकझोंक का सिलसिला शाम चार बजे तक चलता रहा और महिलाएं गेट के पास बैठी रहीं।
बताते चलें कि धनरौंध बांध से निकलने वाले पानी को तीन भागों में बांटा गया है। इसमें पहला मुख्य घाघर नहर है जिससे सोनभद्र जनपद के खेतों की सिंचाई होती है। दूसरा लूसा ब्रांच है, जिससे पड़रवा से पटेहरा तक के खेतों की सिंचाई होती है।
तीसरा मड़िहान ब्रांच है, जिसका पानी पटेहरा से अमोई पूरवा क्षेत्र में जाता है।
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क्षेत्रीय किसानों ने इसका विरोध किया तो महिलाओं ने कहा कि पहले उनके खेतों की सिंचाई होगी, इसके बाद ही पानी आगे जाएगा। इसके लिए वह हर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
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महिलाएं शाम चार बजे तक वहीं बैठी रहीं। 27 सितंबर से छह अक्तूबर तक धनरौल बांध से मुख्य घाघर नहर में मड़िहान के लिए पानी छोड़ा जाना था, लेकिन सोनभद्र के कुछ नेताओं ने मड़िहान पानी नहीं आने दिया और अपने ही जनपद के खेतों की सिंचाई कराते रहे।
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जानकारी होने पर चुनाव लड़ रहे नेताओं ने हस्तक्षेप कर पड़रवा से पानी से आगे बढ़वाया। नहर में पानी आने की जानकारी होने पर मटिहानी माइनर के पास के किसान परिवारों की सैकड़ों महिलाएं रविवार की सुबह दस बजे माइनर का गेट खोलकर अपने खेतों की सिंचाई करने लगीं।
पानी बीच में रोक लेने की जानकारी होने पर इलाके के किसान जब गेट बंद करने पहुंचे तो महिलाएं भड़क गईं। कहा कि पहले उनके इलाके के खेतों की सिंचाई होगी, इसके बाद ही पानी आगे जाने दिया जाएगा।
किसानों ने मामले से जिलाधिकारी को अवगत कराने के लिए कहा तो और महिलाएं जुट गईं। इसको लेकर नोकझोंक का सिलसिला शाम चार बजे तक चलता रहा और महिलाएं गेट के पास बैठी रहीं।
बताते चलें कि धनरौंध बांध से निकलने वाले पानी को तीन भागों में बांटा गया है। इसमें पहला मुख्य घाघर नहर है जिससे सोनभद्र जनपद के खेतों की सिंचाई होती है। दूसरा लूसा ब्रांच है, जिससे पड़रवा से पटेहरा तक के खेतों की सिंचाई होती है।
तीसरा मड़िहान ब्रांच है, जिसका पानी पटेहरा से अमोई पूरवा क्षेत्र में जाता है।