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लापरवाही पर डीएम ने एसआईसी सहित छह से मांगा स्पष्टीकरण

Thu, 21 Nov 2019 11:48 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 21 Nov 2019 11:48 PM IST
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मिर्जापुर। जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल ने गुरुवार को मंडलीय अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मरीजों के द्वारा बाहर की दवा लिखे जाने, समय से ओपीडी में न बैठने व जांच के लिए मरीजों को परेशान करने संबंधी लापरवाही पाए जाने पर एसआईसी समेत छह स्वास्थ्य कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा और बिना जानकारी के अनुपस्थित बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके सिंह का एक दिन का वेतन काटाने का निर्देश दिया। यह उमर उजाला के 17 नवंबर के अंक में पेज दो पर छपी खबर ‘ डाक्टरों का करना पड़ता है घंटो इंतजार’ शीर्षक की खबर का असर है। अमर उजाला ने खबर में जिन समस्याओं को उठाया था। डीएम ने अपने निरीक्षण में उन समस्याओं को देख कर सुधार का निर्देश दिया।
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डीएम सुशील कुमार पटेल गुरुवार की सुबह साढ़े दस बजे मंडलीय अस्पताल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सभी ओपीडी कक्ष का निरीक्षण किया। इस दौरान शिकायत मिलने पर डाक्टर से स्पष्टीकरण मांगा। ओपीडी निरीक्षण के बाद डीएम एसआईसी कक्ष में पहुंच कर उपस्थिति रजिस्टर के बाद सीसी टीवी फुटेज देखी। पूछता कि कौन-कौन डाक्टर प्रयागराज और अन्य जनपदों से आता है। उन डाक्टरों का हस्ताक्षर और सीसी टीवी फुटेज में उनके उपस्थिति को देखा। सीसी टीवी फुटेज में एसआईसी डा. आलोक स्वयं नौ बजकर 50 मिनट पर अपने कमरे में प्रवेश करते मिले। इसके बाद आईसीएम पंकज, डॉ. नंदलाल, डॉ. केएन पांडेय को हस्ताक्षर बताते पाया गया। डॉ. आरके सिंह 19 नवंबर को अवकाश प्रार्थना पत्र देकर गए। बिना किसी सूचना के गुरुवार का अनुपस्थित पाए गए। एसआईसी ने बताया कि दो दिन के अवकाश पर गए है। अनुपस्थित डाक्टर और कर्मचारियों का बीच-बचाव करने पर डीएम ने एसआईसी को फटकार कर स्पष्टीकरण मांगा। अस्पताल देर से आने पर डॉ. केएन पांडेय, पंकज, डा. नंदलाल समेत छह लोगों से स्पष्टीकरण मांगा। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके सिंह के बिना बताए अनुपस्थित रहने पर एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। इस दौरान सीएमओ डॉ. ओपी तिवारी मौजूद रहे।
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डीएम सुशील कुमार पटेल ओपीडी कर निरीक्षण करते समय सभी मरीजों पूछा कि बाहर की दवा तो नहीं लिखी जाती। डीएम सुबह साढ़े 10 बजे हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके सिंह के ओपीडी कक्ष से निकले मरीज से पूछताछ किया तो बताया कि बाहर की दवा लिखी गई है। इसके बाद ईएनटी डॉ. आभा यादव के ओपीडी कक्ष से निकले रैकरी निवासी पूनम से बात किया तो बताया कि 500 रुपये की दवा बाहर से लिखने की बात कही। इंदी गांव निवासी प्रेमशंकर ने भी बाहर से दवा लिखने की शिकायत किया। बाहर से दवा लिखने पर डीएम ने स्पष्टीकरण मांगा। सर्जन कक्ष का निरीक्षण किया। इसमें डॉ. विकास सिंह और डॉ. गणेश यादव नहीं थे। बताया गया कि वे आपरेशन थियेटर में है। इसके बाद चेस्ट रोग विशेषज्ञ डा. केपी श्रीवास्तव और चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. ओपी सिंह और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण सिंह के कक्ष में पहुंचे। मरीजों से बात कर संतुष्ट नजर आए। इस दौरान लहंगपुर निवासी अमरेश ने शिकायत किया कि रक्त के लिए 11 बजे के पहले गया था। जांच करने वालों ने 11 बजे का हवाला देकर जांच करने से मना कर दिया। डीएम उसे लेकर सीधे पैथोलाजी पहुंचे। एसआईसी ने बताया कि सुबह 11 बजे उसके बाद दो बजे जांच के लिए सेंपल लिया जाता है। डीएम ने एसआईसी से तय समय का शासनादेश मांगा, न दिखाने पर एक बजे तक जांच करने का निर्देश दिया।
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