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एक सप्ताह के अंदर पूरी कराएं बाउंड्रीवाल

Mon, 04 Nov 2019 12:27 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 04 Nov 2019 12:27 AM IST
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पड़री। नवागत जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल ने रविवार को डागमगपुर के पास ग्राम सभा सिंधोरा में जाकर गोवंश पशु आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। साथ ही जिले के अन्य गोवंश आश्रय स्थलों के बारे में जानकारी ली। डीएम ने सिंधौरा आश्रय स्थल की छह माह से बन रही बाउड्रीवाल की धीमी प्रगति पर उपस्थित कान्टेक्टर को कडी फटकार लगाते हुये कहा कि बाउंड्रीवाल के निर्माण में बहुत काम नहीं रह गया है। कार्य मे तेजी लाकर 10 नवम्बर तक पूर्ण कर फोटोग्राफी कर अवगत करायें। जिलाधिकारी ने अपर मुख्य अधिकारी को भी निर्देशित किया कि वे अपनी देख-रेख में कार्य पूर्ण कराएं। उन्होंने कहा कि उसके बाद यदि अपूर्ण पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी। आश्रय स्थल के मुख्य गेट से अन्दर जाने के लिये लगभग 22 मीटर का कच्चा रास्ता देख उन्होंने हिदायत दी कि यहां पर या तो खड़ंजा या गिट्टी डालकर रास्ता बनाया जाये ताकि बरसात में कीचड़ आदि न होने पाए। निरीक्षण के दौरान डीएम ने गौ पूजन भी किया तथा उसे गुड़ भी खिलाया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि सिंधौरा आश्रय स्थल में साढ़े तीन सौ पशुओं के रखने की क्षमता है। वर्तमान में 157 पशु आश्रय स्थल में रखे गए हैं। पशुओं के पानी पीने के लिए तीन चरही तथा रहने व खाने के लिए चार शेड बनाए गए हैं। इसी स्थल पर भूसा रखने के लिये गोदाम भी बनाया गया तथा पानी पीने के लिए बोरिंग व बगल में डैम भी उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने सभी शेडों में जा-जाकर एक पशुओं को देखा। जिलाधिकारी ने आश्रय स्थल के परिसर का निरीक्षण किया। नीचे की तरफ छोटे-छोटे गड्ढे देख कहा कि इन गड्डों में रैंप के आकार का एक या दो फिट गहरा तालाब का आकार देकर पानी इकट्ठा किया जाए ताकि किसी भी समय पशु वहां जाकर पानी पी सके। उन्होंने कहा कि चहारदीवारी पूर्ण होने के बाद पशुओं को परिसर चरने के लिए भी छोड़ा जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि पशुओं के गोबर के द्वारा या तो बायोगैस बनाने के कार्य या तो कंपोस्ट खाद बनाकर किसानों में विक्रय किया जाए ताकि उस आमदनी से आश्रय स्थलों को और विकसित किया जा सके। इस दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया बगल के टांडाफाल में स्थित गौवंश आश्रय स्थल में वर्तमान में कुल 451 पशु हैं।
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