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Mirzapur News: कोविड मरीज के उपचार के लिए किया गया मॉक ड्रिल
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मिर्जापुर। कोविड के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में मंगलवार को मंडलीय अस्पताल परिसर में बने कोविड अस्पताल में माॅक ड्रिल किया गया। इसमें कोविड संक्रमित मरीज का कैसे उपचार करना है, इसका पूर्वाभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की निगरानी में हुआ। माॅक ड्रिल के बाद प्राचार्य ने ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया। मंगलवार को सुबह करीब 11 बजे एंबुलेंस से कोविड का एक डमी संक्रमित मरीज आया। इसके बाद पीपीई किट पहने दो वार्ड ब्वाय उसे स्ट्रेचर से नीचे वार्ड में लेकर जाते हैं। वार्ड में आने पर वहां मौजूद डाॅ. निशा पांडेय मरीज की जांच करती हैं और उसे जरूरी दवा देती हैं। ऑक्सीजन लगाया जाता है। इसके बाद वेंटिलेटर की जरूरत पड़ने पर एनेस्थिसिया के डाॅ. नवीन यादव ने वेंटिलेटर टेक्निशियन विनय भारती और बाल गोविंद के साथ मरीज को वेंटिलेटर उपलब्ध कराया। इसके बाद मरीज को बेड पर लिटाया। इसके बाद मॉक ड्रिल पूरा हुआ।
प्राचार्य डाॅ. आरबी कमल ने बताया कि कोविड संक्रमित मरीज के लिए 30 बेड का अस्पताल बनाया गया है। जहां वेंटिलेटर, मानिटर, दवा आदि की उपलब्ध है। फिलहाल कोविड संक्रमित मरीज का होम आइसोलेशन में इलाज किया जा रहा है। अगर भर्ती वाले मरीज आएंगे तो उनको भर्ती किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को कोविड अस्पताल में पुराने अनुभवी कर्मचारियों को तैनात करने का निर्देश भी दिया। माॅक ड्रिल के बाद प्राचार्य ने ऑक्सजीन प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि 250 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) के प्लांट से कोविड के 30 बेड पर ऑक्सीजन दिया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर सिलिंडर अथवा ऑक्सजीन कंसंट्रेटर भी उपलब्ध रहेगा। इस दौरान एसआईसी डाॅ. अरविंद सिंह, डाॅ. अरविंद सिन्हा, मैनेजर अनुज ठाकुर आदि मौजूद रहे।
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प्राचार्य डाॅ. आरबी कमल ने बताया कि कोविड संक्रमित मरीज के लिए 30 बेड का अस्पताल बनाया गया है। जहां वेंटिलेटर, मानिटर, दवा आदि की उपलब्ध है। फिलहाल कोविड संक्रमित मरीज का होम आइसोलेशन में इलाज किया जा रहा है। अगर भर्ती वाले मरीज आएंगे तो उनको भर्ती किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को कोविड अस्पताल में पुराने अनुभवी कर्मचारियों को तैनात करने का निर्देश भी दिया। माॅक ड्रिल के बाद प्राचार्य ने ऑक्सजीन प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि 250 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) के प्लांट से कोविड के 30 बेड पर ऑक्सीजन दिया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर सिलिंडर अथवा ऑक्सजीन कंसंट्रेटर भी उपलब्ध रहेगा। इस दौरान एसआईसी डाॅ. अरविंद सिंह, डाॅ. अरविंद सिन्हा, मैनेजर अनुज ठाकुर आदि मौजूद रहे।
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