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पत्नी-बच्चों की हत्या के बाद की खुदकुशी: तनाव में डॉक्टर ने परिवार के साथ दी थी जान, परिवार ने खोला ये राज

Thu, 07 Dec 2023 10:06 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 07 Dec 2023 10:06 AM IST
सार

मिर्जापुर के रहने वाले आंख के डॉक्टर, पत्नी और दो बच्चों की रायबरेली में मौत के मामले में परिवार ने कई खुलासे किए हैं। परिवार ने बताया कि अवसाद के चलते चिकित्सक ने परिवार के साथ जान दी थी। परिजनों का कहना है कि कुछ वर्ष पहले पारिवारिक विसंगतियों के चलते डॉ. अरुण कुमार अवसादग्रस्त हो गए। इससे उबरने के लिए उन्होंने अपना इलाज कराना मुनासिब समझा। वर्षों तक इलाज चलता रहा।

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Mirzapur eye doctor, wife and two children die in Rae Bareli
परिवारकी हत्या कर डॉक्टर ने की खुदकुशी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डॉक्टर्स और इंजीनियर का आर्थिक रूप से संपन्न परिवार अवसाद का शिकार हो गया। मरीजों का इलाज कर आंखों को रोशनी देने वाले चिकित्सक पर अवसाद के चलते निराशा हावी हो गई। इलाज के बावजूद चिकित्सक अपने को नहीं संभाल सके। नेत्र चिकित्सक ने पत्नी और बच्चों के साथ मौत को गले लगा लिया। मामला अहरौरा के फरहदा गांव निवासी नेत्र चिकित्सक डॉ. अरुण कुमार का है। 
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उन्होंने रायबरेली स्थित आरेडिका के सरकारी आवास में सोमवार को फंदे से लटक कर जान दे दी थी। जिले के अहरौरा थाना क्षेत्र के फरहदा निवासी कैलाश नाथ ने एनसीएल में अपनी सेवा के दौरान तीन बेटों की परवरिश की। इनके बड़े पुत्र नेत्र चिकित्सक डॉ. अरुण कुमार आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (आरेडिका) रायबरेली में कार्यरत थे। 
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मध्य प्रदेश के जयंत स्थित एनसीएल कॉलेज में शिक्षा ग्रहण करने के बाद लगभग डेढ़ दशक पूर्व उनकी शादी मिर्जापुर के बरकछा निवासी अर्चना के साथ हुई। बड़ी बेटी अदीवा (12) व छोटे बेटे आरव (4) के साथ वे रह रहे थे।
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परिजनों का कहना है कि कुछ वर्ष पहले पारिवारिक विसंगतियों के चलते डॉ. अरुण कुमार अवसादग्रस्त हो गए। इससे उबरने के लिए उन्होंने अपना इलाज कराना मुनासिब समझा। वर्षों तक इलाज चलता रहा। अंततः निराशा हावी हो गई और सोमवार को पत्नी और बच्चों के साथ उन्होंने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस परिजनों का बयान लेकर घटना की जांच कर रही है। मौत के स्पष्ट कारण का अब तक पता नहीं चल सका है।

मौत की जानकारी मिलने पर परिजन स्तब्ध हैं। पिता कैलाश नाथ तथा मां कलावती के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर हाल बेहाल है। फरहदा गांव में मातम है। शोक संतप्त परिवार को ढाढ़स बंधाने के लिए ग्रामीण पहुंच रहे हैं। चाचा उमानाथ ने बताया कि वे लोग घटनास्थल पर जा रहे हैं। मौत की वजह आर्थिक परेशानी नहीं हो सकती है। घटना की जांच होनी चाहिए।

माता-पिता को पुत्र की मौत का सता रहा गम
ज्येष्ठ पुत्र डॉ. अरुण कुमार की मौत का गम सह पाना माता-पिता के लिए असहनीय हो गया है। पिता कैलाश नाथ बेटे की मौत की खबर सुनते ही फफक कर रो पड़े। मां कलावती भी रो-रोकर बेहाल हैं। सुधबुध खोकर मां अपने बेटे को बार-बार पुकार रही हैं, वहीं पिता की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।

मंझले भाई अशोक कुमार गुजरात स्थित अहमदाबाद स्थित अडानी ग्रुप आफ कंपनीज में इंजीनियर तथा छोटे भाई आनंद सिंह छत्तीसगढ़ के रायपुर एम्स में चिकित्सक के पद पर तैनात हैं। दोनों परिवार हादसे की जानकारी सुनते ही फूट-फूट कर रो पड़े।

गंभीर प्रवृत्ति के थे चिकित्सक अरुण
शादी समारोह में अहरौरा स्थित फरहदा गांव में आकर परिवार के संग समय बिताने वाले नेत्र चिकित्सक डॉ. अरुण कुमार गंभीर प्रवृत्ति थे। किसी भी बात को लेकर उनकी सजगता की चर्चा होती रही। तनाव उन पर हावी हुआ तो अवसाद में चले गए। परिवार के लोगों ने इलाज करने के लिए दबाव बनाया। इसके बाद काफी समय तक अवसाद का इलाज भी कराते रहे।

फार्म हाउस तथा आबादी की भी है प्रॉपर्टी
आर्थिक रूप से संपन्न चिकित्सक डॉ. अरुण कुमार के पास चुनार में अपना फार्म हाउस, अहरौरा में खेती की पर्याप्त भूमि व पैतृक संपत्ति के अलावा आबादी की भूमि भी है। परिजनों का कहना है कि धन की कोई कमी नहीं थी। उनके हिस्से की कृषि योग्य भूमि की देखरेख पिता कैलाश नाथ करते थे और बंटाई पर दे देते थे।
 

पिता की 40 वर्ष पूर्व लगी थी हिंडाल्को में नौकरी
हिंडाल्को में अधिशासी अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हुए पिता कैलाश नाथ अपनी पत्नी कलावती के साथ शक्तिनगर में ही अपना आवास बनवाकर रह रहे हैं। अहरौरा के फरहदा स्थित पैतृक आवास को नौकरी लगने के बाद तकरीबन 40 वर्ष पूर्व उन्होंने छोड़ दिया था। शादी अथवा अन्य विशेष मौकों पर ही आना-जाना होता रहा है। तभी पूरा परिवार एक जगह इकट्ठा होता है। इस संबंध में अरुण के चाचा पारसनाथ सिंह ने बताया कि मिलनसार प्रवृत्ति का व्यावहारिक परिवार है। सभी का एक दूसरे से घनिष्ठ लगाव है।
 
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