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तहसील का निरीक्षण किया नोडल अधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने
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मड़िहान। जिले के नोडल अधिकारी सुरेन्द्र विक्रम सिंह ने बुधवार को मड़िहान तहसील में एसडीएम, तहसीलदार व एनटी न्यायालय, रिकार्डरूम, आरके दफ्तर में अभिलेखों का अवलोकन किया।लम्बित मुकदमों का निस्तारण के लिए सप्ताह में काम से कम दो दिन कोर्ट करने की हिदायत दी। साथ ही तहसीलदार व नायब कोर्ट में केस डायरी नहीं बनाये जाने पर अधिकारियों को फटकार लगाया गया।
गहन निरीक्षण में गार्द रूम, ट्रेजरी, कर्मचारी आवास, अधिवक्ता कक्ष व तहसील परिसर में भ्रमण कर साफ- सफाई का निर्देश दिया। अगस्त माह में प्रशासनिक व्यस्तता के कारण तहसीलदार व नायब कोर्ट न चलने से नाराज नोडल अधिकारी सुरेन्द्र विक्रम सिंह ने निर्देश दिया कि मड़िहान क्षेत्र अति गरीब है। कितने मुवक्किल साइकिल से तहसील आते होंगे। गरीबों का निबटारा जल्द करने के लिए अधिकारी सप्ताह में दो दिन कोर्ट अवश्य करें। कहा कि कोर्ट समय से पूर्व सुबह साढ़े नौ बजे से साढ़े ग्यारह बजे तक जनता की समस्या का निस्तारण करें। सायंकाल मे जांच किया जाय। अविवादित मुकदमे का रजिस्टर न बनाये जाने पर पेशकार व आरके को कड़ी चेतावनी दिया। कहा कि गम्भीर प्रकरण है। भविष्य में गलती मिली तो कार्रवाई होगी। रिकार्ड रूम में प्रकाश की व्यवस्था न होने पर टार्च का सहारा लेना पड़ा। पूछा कि खतौनी का पैसा मेंटेनेंस के लिए ही होता है तो बल्ब क्यो नही लगाया गया। साथ मे जिलाधिकारी अनुराग पटेल भी रहे। मुआयना में उपजिलाधिकारी विमलकुमार दूबे, तहसीलदार कर्मेन्द्र कुमार, नायब तहसीलदार सुप्रिया चतुर्वेदी, आरके राम मूरत, पेशकार सुशील कुमार, रामसहाय, रामप्रीत, उदयकांत चौबे आदि कर्मचारी मौके पर उपस्थित रहे।
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गहन निरीक्षण में गार्द रूम, ट्रेजरी, कर्मचारी आवास, अधिवक्ता कक्ष व तहसील परिसर में भ्रमण कर साफ- सफाई का निर्देश दिया। अगस्त माह में प्रशासनिक व्यस्तता के कारण तहसीलदार व नायब कोर्ट न चलने से नाराज नोडल अधिकारी सुरेन्द्र विक्रम सिंह ने निर्देश दिया कि मड़िहान क्षेत्र अति गरीब है। कितने मुवक्किल साइकिल से तहसील आते होंगे। गरीबों का निबटारा जल्द करने के लिए अधिकारी सप्ताह में दो दिन कोर्ट अवश्य करें। कहा कि कोर्ट समय से पूर्व सुबह साढ़े नौ बजे से साढ़े ग्यारह बजे तक जनता की समस्या का निस्तारण करें। सायंकाल मे जांच किया जाय। अविवादित मुकदमे का रजिस्टर न बनाये जाने पर पेशकार व आरके को कड़ी चेतावनी दिया। कहा कि गम्भीर प्रकरण है। भविष्य में गलती मिली तो कार्रवाई होगी। रिकार्ड रूम में प्रकाश की व्यवस्था न होने पर टार्च का सहारा लेना पड़ा। पूछा कि खतौनी का पैसा मेंटेनेंस के लिए ही होता है तो बल्ब क्यो नही लगाया गया। साथ मे जिलाधिकारी अनुराग पटेल भी रहे। मुआयना में उपजिलाधिकारी विमलकुमार दूबे, तहसीलदार कर्मेन्द्र कुमार, नायब तहसीलदार सुप्रिया चतुर्वेदी, आरके राम मूरत, पेशकार सुशील कुमार, रामसहाय, रामप्रीत, उदयकांत चौबे आदि कर्मचारी मौके पर उपस्थित रहे।
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