{"_id":"60b7d1e58ebc3e751e1c78a8","slug":"madava-dhanaaval-mein-dikha-tendua-mirzapur-news-vns592714254","type":"story","status":"publish","title_hn":"मड़वा धनावल में दिखा तेंदुआ, ग्रामीणों में दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मड़वा धनावल में दिखा तेंदुआ, ग्रामीणों में दहशत
विज्ञापन
हलिया। स्थानीय थाना क्षेत्र के कैमूर पहाड़ से सटे मड़वा धनावल गांव बुधवार को तेंदुआ दिखाई देने पर ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गया। छह दिन पूर्व तेंदुए के हमले में गाय की मौत होने पर वन क्षेत्राधिकारी ड्रमंडगंज वीके तिवारी मौके पर पहुंचकर घटना की जांच पड़ताल की थी और मुआवजा देने की बात कही थी। लेकिन मुआवजा देना तो दूर वन विभाग का कोई नुमाइंदा गांव नहीं पहुंचा।
गांव में तेदुए के हमले को देखते हुए ग्राम प्रधान रमेश सिंह ने क्षेत्राधिकारी से बात कर पहाड़ से सटे गांवों में गश्त बढ़ाने की मांग की थी। लेकिन वनविभाग की उदासीनता के चलते कोई कार्रवाइ न होने से तेंदुए को लेकर ग्रामीणों में खौफ व्याप्त है। कैमूर पहाड़ से सटे मड़वा धनावल ग्राम पंचायत के धनावल गांव की आबादी करीब एक हजार हैै। अधिकांश लोग खेती के साथ भेड़ बकरी और गाय भैंस पालकर अपना जीविकोपार्जन करते हैं। बुधवार दोपहर मड़वा धनावल गांव निवासी गूड्डू सिंह अपने साथी विवेक मौर्य के साथ धनावल गांव स्थित जंगल के समीप अपने पाही पर जा रहे थे कि रास्ते में महुआ के बगीचे में पेड़ की ओट में बैठा तेंदुआ दिखाई देने से उनके होश उड़ गए। संयोग ठीक था कि तेंदुए ने दोनों लोगों की आहट पाते ही जंगल की तरफ चला गया। नहीं तो बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था। तेंदुए को देखकर डरे सहमे ग्रामीण गूड्डू सिंह व विवेक मौर्य ने बस्ती में पहुंचकर तेंदुए के बारे में ग्रामीणों को जानकारी दी। ग्रामीण लाठी डंडा लेकर बगीचे की तरफ गए लेकिन तेंदुए का कोई अता-पता नहीं चल सका। ग्राम प्रधान रमेश सिंह ने गांव में तेंदुए के फिर से दिखाई देने की सूचना रेंजर ड्रमंडगंज को देते हुए वन क्षेत्र में चौकसी बढ़ाने की मांग किया है। इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी ड्रमंडगंज वीके तिवारी ने बताया कि तेंदुए के गांव में दिखाई देने पर ग्रामीणों तथा चरवाहों को जंगल की तरफ मवेशियों को लेकर जाने से रोका जाएगा। साथ ही ग्रामीणों की जानमाल की सुरक्षा के लिए वन टीम द्वारा गांव में चौकसी बरतने के लिए निर्देश है।
विज्ञापन
गांव में तेदुए के हमले को देखते हुए ग्राम प्रधान रमेश सिंह ने क्षेत्राधिकारी से बात कर पहाड़ से सटे गांवों में गश्त बढ़ाने की मांग की थी। लेकिन वनविभाग की उदासीनता के चलते कोई कार्रवाइ न होने से तेंदुए को लेकर ग्रामीणों में खौफ व्याप्त है। कैमूर पहाड़ से सटे मड़वा धनावल ग्राम पंचायत के धनावल गांव की आबादी करीब एक हजार हैै। अधिकांश लोग खेती के साथ भेड़ बकरी और गाय भैंस पालकर अपना जीविकोपार्जन करते हैं। बुधवार दोपहर मड़वा धनावल गांव निवासी गूड्डू सिंह अपने साथी विवेक मौर्य के साथ धनावल गांव स्थित जंगल के समीप अपने पाही पर जा रहे थे कि रास्ते में महुआ के बगीचे में पेड़ की ओट में बैठा तेंदुआ दिखाई देने से उनके होश उड़ गए। संयोग ठीक था कि तेंदुए ने दोनों लोगों की आहट पाते ही जंगल की तरफ चला गया। नहीं तो बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था। तेंदुए को देखकर डरे सहमे ग्रामीण गूड्डू सिंह व विवेक मौर्य ने बस्ती में पहुंचकर तेंदुए के बारे में ग्रामीणों को जानकारी दी। ग्रामीण लाठी डंडा लेकर बगीचे की तरफ गए लेकिन तेंदुए का कोई अता-पता नहीं चल सका। ग्राम प्रधान रमेश सिंह ने गांव में तेंदुए के फिर से दिखाई देने की सूचना रेंजर ड्रमंडगंज को देते हुए वन क्षेत्र में चौकसी बढ़ाने की मांग किया है। इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी ड्रमंडगंज वीके तिवारी ने बताया कि तेंदुए के गांव में दिखाई देने पर ग्रामीणों तथा चरवाहों को जंगल की तरफ मवेशियों को लेकर जाने से रोका जाएगा। साथ ही ग्रामीणों की जानमाल की सुरक्षा के लिए वन टीम द्वारा गांव में चौकसी बरतने के लिए निर्देश है।
विज्ञापन