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लाइनमैन की गोली मारकर हत्या, एक नामजद समेत तीन पर मुकदमा दर्ज
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चुनार। कोतवाली क्षेत्र के बकियाबाद गांव में सोमवार की रात हुई संविदा लाइनमैन की हत्या की घटना में पुलिस ने उसकी मां की तहरीर पर देर रात रिपोर्ट दर्ज की। घटना के बाद हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को लेकर परिवार ने पुलिस को शव सौंपने से इंकार कर दिया। पुलिस ने एक नामजद तथा दो अज्ञात को आरोपित किया है।
पिरल्लीपुर उपकेंद्र में बतौर संविदा पर लाइनमैन के पद पर आसीन बकियाबाद गांव निवासी अनिल सिंह (35) की सोमवार की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के वक्त बकियाबाद गांव में फाल्ट ठीक कर वह घर लौट रहे थे। हत्या से पूर्व अनिल के मोबाइल पर किसी का फोन भी आया था। इस दौरान वे गांव के चौराहे पर इंद्रजीत बिंद के साथ मौजूद दो अन्य से मिले भी थे। दर्ज मामले में मां ने बताया कि अनिल से बात करने के बाद इंद्रजीत भगवती देवी मंदिर की तरफ बढ़ा। उसे गोली मार दी गई। फायर की आवाज सुन धनेश्वर सिंह सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे। इस दौरान इंद्रजीत बिंद असलहा लहराते हुए सभी को धमकाते हुए बाइक पर सवार होकर भाग गया। मंगलवार की सुबह मौके पर पहुंचे एसपी अजय कुमार सिंह ने पीड़ित मां मुनक्का देवी को कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही उनकी तहरीर पर इंद्रजीत बिंद उर्फ मुन्ना के साथ दो अज्ञात को आरोपित कर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। एएसपी नक्सल महेश सिंह ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है। जल्द ही आरोपितों को पुलिस गिरफ्तार करेगी। इसके लिए चुनार कोतवाली के सहयोग में क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीम को लगाया गया है।
मृत अनिल की मां मुनक्का देवी की मानें तो बकियाबाद गांव स्थित मंदिर के खर्चे को लेकर उसके पुत्र का इंद्रजीत से विवाद चलता था। मंदिर पर होने वाली पूजा के खर्च की व्यवस्था उनका पुत्र अनिल सिंह करता था। इंद्रजीत को यह नागवार लगता था। इसी कारण उसने मंदिर के पास उसके बेटे के सीने में गोली मारी।
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लाइनमैन का शव पोस्टमार्टम के बाद घर ले जाते समय परिजन व सगे संबंधी पिरल्लीपुर विद्युत उपकेंद्र के सामने एनएच-सात पर शव रखकर धरने पर बैठ गए। हत्यारोपी को गिरफ्तार संग लाइनमैन की पत्नी को नौकरी की मांग की। मौके पर पहुंचे पुलिस उपाधीक्षक रामानंद, कोतवाल ने उन्हें समझाने की कोशिश की। आधा घंटे बाद अपर पुलिस अधीक्षक नक्सल महेश सिंह अत्रि व उपजिलाधिकारी चुनार रोशनी यादव भी पहुंचीं, लेकिन परिजन नहीं माने। इसके बाद शाम लगभग छह बजे अपर जिलाधिकारी यूपी सिंह पहुंचे और परिजनों से बात की। मौके पर अधिशासी अभियंता द्वारा विभागीय लोगों के सहयोग से तत्काल परिवार को एक लाख रुपये दिए गए। साथ ही ठेकेदार पारस सिंह द्वारा 50 हजार रुपये दिया गया। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि नियमानुसार और जो भी सरकारी सहयोग होगा। उसे दिलाया जाएगा। इस आश्वासन पर दो घंटे बाद शाम समाप्त हुआ। परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए ले गए।
संविदा लाइनमैन की हत्या से नाराज विद्युत विभाग के संविदा कर्मियों ने मंगलवार को पिरल्लीपुर विद्युत उपकेंद्र पर धरना प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन से मांग की कि हत्यारोपी की 24 घंटे में गिरफ्तारी और परिवार के आश्रितों को पांच लाख मुआवजा एवं मृतक की विधवा को नौकरी दिलाई जाए। संविदा कर्मियों ने कहा कि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो विद्युत आपूर्ति बंद कर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। धरनारत संविदा कर्मियों को समझाने के लिए कोतवाल पहुंचे, लेकिन वे आला अधिकारियों को बुलाने की जिद पर अड़े रहे। इसके बाद शाम को पुलिस उपाधीक्षक रामानंद पहुंचे। उन्होंने हत्यारोपी की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। तब संविदाकर्मी माने और धरना समाप्त किया। इस मौके पर विद्याशंकर, रहमत अली, पंचम, धर्मेन्द्र कुमार, रमेश कुमार, उमाकांत, विशाल, प्रभात यादव, श्याम किशोर, सुबास, प्रियुश आदि संविदा कर्मी प्रमुख मौजूद रहे।
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पिरल्लीपुर उपकेंद्र में बतौर संविदा पर लाइनमैन के पद पर आसीन बकियाबाद गांव निवासी अनिल सिंह (35) की सोमवार की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के वक्त बकियाबाद गांव में फाल्ट ठीक कर वह घर लौट रहे थे। हत्या से पूर्व अनिल के मोबाइल पर किसी का फोन भी आया था। इस दौरान वे गांव के चौराहे पर इंद्रजीत बिंद के साथ मौजूद दो अन्य से मिले भी थे। दर्ज मामले में मां ने बताया कि अनिल से बात करने के बाद इंद्रजीत भगवती देवी मंदिर की तरफ बढ़ा। उसे गोली मार दी गई। फायर की आवाज सुन धनेश्वर सिंह सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे। इस दौरान इंद्रजीत बिंद असलहा लहराते हुए सभी को धमकाते हुए बाइक पर सवार होकर भाग गया। मंगलवार की सुबह मौके पर पहुंचे एसपी अजय कुमार सिंह ने पीड़ित मां मुनक्का देवी को कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही उनकी तहरीर पर इंद्रजीत बिंद उर्फ मुन्ना के साथ दो अज्ञात को आरोपित कर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। एएसपी नक्सल महेश सिंह ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है। जल्द ही आरोपितों को पुलिस गिरफ्तार करेगी। इसके लिए चुनार कोतवाली के सहयोग में क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीम को लगाया गया है।
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मृत अनिल की मां मुनक्का देवी की मानें तो बकियाबाद गांव स्थित मंदिर के खर्चे को लेकर उसके पुत्र का इंद्रजीत से विवाद चलता था। मंदिर पर होने वाली पूजा के खर्च की व्यवस्था उनका पुत्र अनिल सिंह करता था। इंद्रजीत को यह नागवार लगता था। इसी कारण उसने मंदिर के पास उसके बेटे के सीने में गोली मारी।
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लाइनमैन का शव पोस्टमार्टम के बाद घर ले जाते समय परिजन व सगे संबंधी पिरल्लीपुर विद्युत उपकेंद्र के सामने एनएच-सात पर शव रखकर धरने पर बैठ गए। हत्यारोपी को गिरफ्तार संग लाइनमैन की पत्नी को नौकरी की मांग की। मौके पर पहुंचे पुलिस उपाधीक्षक रामानंद, कोतवाल ने उन्हें समझाने की कोशिश की। आधा घंटे बाद अपर पुलिस अधीक्षक नक्सल महेश सिंह अत्रि व उपजिलाधिकारी चुनार रोशनी यादव भी पहुंचीं, लेकिन परिजन नहीं माने। इसके बाद शाम लगभग छह बजे अपर जिलाधिकारी यूपी सिंह पहुंचे और परिजनों से बात की। मौके पर अधिशासी अभियंता द्वारा विभागीय लोगों के सहयोग से तत्काल परिवार को एक लाख रुपये दिए गए। साथ ही ठेकेदार पारस सिंह द्वारा 50 हजार रुपये दिया गया। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि नियमानुसार और जो भी सरकारी सहयोग होगा। उसे दिलाया जाएगा। इस आश्वासन पर दो घंटे बाद शाम समाप्त हुआ। परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए ले गए।
संविदा लाइनमैन की हत्या से नाराज विद्युत विभाग के संविदा कर्मियों ने मंगलवार को पिरल्लीपुर विद्युत उपकेंद्र पर धरना प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन से मांग की कि हत्यारोपी की 24 घंटे में गिरफ्तारी और परिवार के आश्रितों को पांच लाख मुआवजा एवं मृतक की विधवा को नौकरी दिलाई जाए। संविदा कर्मियों ने कहा कि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो विद्युत आपूर्ति बंद कर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। धरनारत संविदा कर्मियों को समझाने के लिए कोतवाल पहुंचे, लेकिन वे आला अधिकारियों को बुलाने की जिद पर अड़े रहे। इसके बाद शाम को पुलिस उपाधीक्षक रामानंद पहुंचे। उन्होंने हत्यारोपी की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। तब संविदाकर्मी माने और धरना समाप्त किया। इस मौके पर विद्याशंकर, रहमत अली, पंचम, धर्मेन्द्र कुमार, रमेश कुमार, उमाकांत, विशाल, प्रभात यादव, श्याम किशोर, सुबास, प्रियुश आदि संविदा कर्मी प्रमुख मौजूद रहे।