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Mirzapur News: पत्नी के प्रेमी की हत्या के दोषी को उम्रकैद
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-पांच वर्ष पुराना है मामला, दोषी पति पर 55 हजार रुपये का जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। अदलहाट थाना क्षेत्र में पांच वर्ष पहले पत्नी पूनम पटेल से मिलने आए 21 वर्षीय अभिषेक उर्फ चित्रवीर की हत्या कर शव छिपाने के मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार गौतम ने पति संदीप कुमार सिंह उर्फ संदीप पटेल को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 55 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना न अदा करने पर नौ महीने के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
बांदा के पैलानी अलमोर निवासी तरुण सिंह ने अदलहाट थाने में तहरीर देकर बताया कि उनका छोटा भाई अभिषेक उर्फ चित्रवीर डीबीएल कंपनी ग्राम दर्रा में हेल्पर था। कार्य के दौरान छुट्टी लेकर घर गया था। लगभग डेढ़ माह घर रहने के दौरान वह ग्राम दर्रा की पूनम पटेल पत्नी संदीप पटेल के नंबरों पर बात करने लगा। एक दिन उनका भाई अभिषेक पूनम से बात कर रहा था। तभी घर के लोगों ने महिला के बारे में पूछा तो उनके भाई ने बताया कि वह ड्यूटी के दौरान उस महिला से परिचित हुआ था।
13 अप्रैल 2021 को भाई घर से पूनम से मिलने के लिए उसके गांव दर्रा आया था। उसने अपने ग्राम दर्रा आने की सूचना देकर बताया कि यहां लोगों से मिलकर 16-17 अप्रैल को अपने घर पहुंच जाएगा। जब उनका भाई घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसके नंबर पर फोन किया। मोबाइल बंद बता रहा था। इसके अलावा अन्य लोगों से भी भाई के बारे में पता किया, लेकिन कहीं कुछ पता नहीं चला। तब परिजन अपने गांव से अभिषेक को खोजने के लिए दर्रा गांव आए, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। तहरीर में शक जताया गया कि उनके भाई को पूनम पटेल ने कहीं गायब करा दिया है।
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पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर पूनम के साथ उसके पति संदीप कुमार सिंह, अभिषेक कुमार सिंह, संजय सिंह और सुनील सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेज दिया। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने गवाह और साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत कराकर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की अपील की। मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार गौतम ने गवाहों के बयान और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर संदीप को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। अदलहाट थाना क्षेत्र में पांच वर्ष पहले पत्नी पूनम पटेल से मिलने आए 21 वर्षीय अभिषेक उर्फ चित्रवीर की हत्या कर शव छिपाने के मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार गौतम ने पति संदीप कुमार सिंह उर्फ संदीप पटेल को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 55 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना न अदा करने पर नौ महीने के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
बांदा के पैलानी अलमोर निवासी तरुण सिंह ने अदलहाट थाने में तहरीर देकर बताया कि उनका छोटा भाई अभिषेक उर्फ चित्रवीर डीबीएल कंपनी ग्राम दर्रा में हेल्पर था। कार्य के दौरान छुट्टी लेकर घर गया था। लगभग डेढ़ माह घर रहने के दौरान वह ग्राम दर्रा की पूनम पटेल पत्नी संदीप पटेल के नंबरों पर बात करने लगा। एक दिन उनका भाई अभिषेक पूनम से बात कर रहा था। तभी घर के लोगों ने महिला के बारे में पूछा तो उनके भाई ने बताया कि वह ड्यूटी के दौरान उस महिला से परिचित हुआ था।
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13 अप्रैल 2021 को भाई घर से पूनम से मिलने के लिए उसके गांव दर्रा आया था। उसने अपने ग्राम दर्रा आने की सूचना देकर बताया कि यहां लोगों से मिलकर 16-17 अप्रैल को अपने घर पहुंच जाएगा। जब उनका भाई घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसके नंबर पर फोन किया। मोबाइल बंद बता रहा था। इसके अलावा अन्य लोगों से भी भाई के बारे में पता किया, लेकिन कहीं कुछ पता नहीं चला। तब परिजन अपने गांव से अभिषेक को खोजने के लिए दर्रा गांव आए, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। तहरीर में शक जताया गया कि उनके भाई को पूनम पटेल ने कहीं गायब करा दिया है।
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पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर पूनम के साथ उसके पति संदीप कुमार सिंह, अभिषेक कुमार सिंह, संजय सिंह और सुनील सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेज दिया। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने गवाह और साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत कराकर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की अपील की। मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार गौतम ने गवाहों के बयान और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर संदीप को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।