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Mirzapur News: लखनिया दरी पर्यटन स्थल पर वन विभाग के आदेश से तालाबंदी
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लखनियां दरी में मुख्य गेट के सामने बबूल कटा रखकर बंद किया गया रास्ता।- संवाद।
अहरौरा। पर्यटन स्थल लखनिया दरी पर पिकनिक मनाने से रोकने के लिए वन विभाग के आदेश के बाद प्रवेश मार्ग पर बबूल के कांटे बिछा दिए गए हैं और मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी गई है।
पर्यटकों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। सोनभद्र मार्ग की पुरानी सड़क, जिसकी निर्माण, मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की है, उस पर भी वन विभाग का बोर्ड लगा दिया गया है। आरोप है कि पूर्व में दबंग पथकर की तर्ज पर जबरन वसूली कर रहे थे।
बताया है कि पार्किंग ठेका निलंबित होने के बाद से ही पर्यटन स्थल पर तालाबंदी कर दी गई है और रास्ते में कांटे बिछा दिए गए हैं। बुधवार को दिल्ली, मथुरा, लखनऊ, प्रयागराज, छत्तीसगढ़, सुल्तानपुर, बिहार और वाराणसी सहित विभिन्न स्थानों से पहुंचे पर्यटकों को इस व्यवस्था के कारण निराश होकर लौटना पड़ा। पर्यटकों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के पर्यटन स्थल को बंद कर दिया गया है। न तो इसकी सार्वजनिक जानकारी दी गई और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की गई, जिससे दूर-दराज से आए लोगों को असुविधा हुई।
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विवादित परिक्षेत्र के काश्तकार रवि अस्थाना सहित अन्य भू-स्वामियों का आरोप है कि भूमि स्वामित्व का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद वन विभाग ने नियमों के विपरीत स्थल पर कब्जा किया हुआ है और पार्किंग के नाम पर ठेका देकर सैलानियों से वसूली कराई जाती रही है।
स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि पर्यटकों के आने से क्षेत्र में रौनक थी और उनकी आजीविका चलती थी। वर्तमान स्थिति में कारोबार बंद होने से परिवार का भरण-पोषण कठिन हो गया है। इस पर नाराजगी जताई है। बिना सूचना के बंदी और रास्ते में कांटे बिछाना अनुचित है।
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पर्यटकों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। सोनभद्र मार्ग की पुरानी सड़क, जिसकी निर्माण, मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की है, उस पर भी वन विभाग का बोर्ड लगा दिया गया है। आरोप है कि पूर्व में दबंग पथकर की तर्ज पर जबरन वसूली कर रहे थे।
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बताया है कि पार्किंग ठेका निलंबित होने के बाद से ही पर्यटन स्थल पर तालाबंदी कर दी गई है और रास्ते में कांटे बिछा दिए गए हैं। बुधवार को दिल्ली, मथुरा, लखनऊ, प्रयागराज, छत्तीसगढ़, सुल्तानपुर, बिहार और वाराणसी सहित विभिन्न स्थानों से पहुंचे पर्यटकों को इस व्यवस्था के कारण निराश होकर लौटना पड़ा। पर्यटकों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के पर्यटन स्थल को बंद कर दिया गया है। न तो इसकी सार्वजनिक जानकारी दी गई और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की गई, जिससे दूर-दराज से आए लोगों को असुविधा हुई।
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विवादित परिक्षेत्र के काश्तकार रवि अस्थाना सहित अन्य भू-स्वामियों का आरोप है कि भूमि स्वामित्व का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद वन विभाग ने नियमों के विपरीत स्थल पर कब्जा किया हुआ है और पार्किंग के नाम पर ठेका देकर सैलानियों से वसूली कराई जाती रही है।
स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि पर्यटकों के आने से क्षेत्र में रौनक थी और उनकी आजीविका चलती थी। वर्तमान स्थिति में कारोबार बंद होने से परिवार का भरण-पोषण कठिन हो गया है। इस पर नाराजगी जताई है। बिना सूचना के बंदी और रास्ते में कांटे बिछाना अनुचित है।