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श्रीकृष्ण के जयकारे से गूंज उठा पंडाल
ब्यूरो/अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Fri, 16 Oct 2015 12:41 AM IST
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अमर सिंह फैंस एसोसिएशन एवं मां विंध्यवासिनी सेवा समिति कोलकाता के तत्वावधान में मोतियाझील स्थित भंडारा स्थल परिसर में चल रहे भव्य रासलीला का मंचन देखने भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
रासलीला के दौरान वृंदावन के कलाकारों ने अपने भावपूर्ण मंचन से उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। मंचन के दौरान श्रीकृष्ण के जयकारे से परिसर गुंजायमान हो रहा था।
रासलीला देखने आसपास के इलाके से बड़ी संख्या में भक्तजन पहुंचे थे। रासलीला मंचन के दौरान वृंदावन के कलाकारों ने अपने भावपूर्ण उत्कृष्ट मंचन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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मंचन के दौरान कंस ने देवकी के छह पुत्रों का वध किया और सातवां गर्भ में ही नष्ट हो गया। आठवीं संतान के रूप में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ।
वासुदेव जी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को मथुरा से गोकुल लाने का मंचन किया गया। जब वासुदेव भगवान श्रीकृष्ण को यमुना में से लेकर गुजर रहे थे और शेषनाग ने छाया प्रदान किया।
गोकुल में भगवान श्रीकृष्ण आए तो बड़ी ही धूमधाम से बधाई गाई जाने लगी। भव्य रासलीला के दौरान कंस द्वारा पूतना को गोकुल आने का मंचन व श्रीकृष्ण द्वारा पूतना का वध किया गया।
इस अवसर पर बाल श्रीकृष्ण के मनोहारी मयूर नृत्य ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
रासलीला के दौरान संस्था के अध्यक्ष विजय उपाध्याय सहित कार्यक्रम संयोजक मनीष औदिच्य सहित सभासद शंकर बिंद, दिनेश्वरपति त्रिपाठी, प्रभात जायसवाल, पुरुषोत्तम गड़ोदिया, विपुल द्विवेदी, पंकज द्विवेदी, अनूप मिश्र आदि रहे।
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रासलीला के दौरान वृंदावन के कलाकारों ने अपने भावपूर्ण मंचन से उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। मंचन के दौरान श्रीकृष्ण के जयकारे से परिसर गुंजायमान हो रहा था।
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रासलीला देखने आसपास के इलाके से बड़ी संख्या में भक्तजन पहुंचे थे। रासलीला मंचन के दौरान वृंदावन के कलाकारों ने अपने भावपूर्ण उत्कृष्ट मंचन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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मंचन के दौरान कंस ने देवकी के छह पुत्रों का वध किया और सातवां गर्भ में ही नष्ट हो गया। आठवीं संतान के रूप में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ।
वासुदेव जी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को मथुरा से गोकुल लाने का मंचन किया गया। जब वासुदेव भगवान श्रीकृष्ण को यमुना में से लेकर गुजर रहे थे और शेषनाग ने छाया प्रदान किया।
गोकुल में भगवान श्रीकृष्ण आए तो बड़ी ही धूमधाम से बधाई गाई जाने लगी। भव्य रासलीला के दौरान कंस द्वारा पूतना को गोकुल आने का मंचन व श्रीकृष्ण द्वारा पूतना का वध किया गया।
इस अवसर पर बाल श्रीकृष्ण के मनोहारी मयूर नृत्य ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
रासलीला के दौरान संस्था के अध्यक्ष विजय उपाध्याय सहित कार्यक्रम संयोजक मनीष औदिच्य सहित सभासद शंकर बिंद, दिनेश्वरपति त्रिपाठी, प्रभात जायसवाल, पुरुषोत्तम गड़ोदिया, विपुल द्विवेदी, पंकज द्विवेदी, अनूप मिश्र आदि रहे।