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कइसे खेले जइबू सावन में कजरिया...
ब्यूरो/ मिर्जापुर/ अमर उजाला
Updated Tue, 01 Sep 2015 12:59 AM IST
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त्रिवेणी संस्था के तत्वावधान में रविवार की रात लायंस स्कूल के बिड़ला प्रेक्षागृह में विराट 21 वां वार्षिक कजरी महोत्सव का आयोजन किया गया।
स्थानीय नवोदित कलाकरों ने अपने मधुर कजली गायन से वातावरण में सावनी बयार बहाई। कार्यक्रम के दौरान संस्था की तरफ से कलाकारों को पुरस्कार प्रदान कर पुरस्कृत किया गया।
कजरी महोत्सव के दौरान जनपद की सांस्कृतिक धरोहर कजरी के बढ़ावा पर जोर दिया गया।
कजरी महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्य मंत्री कैलाश चौरसिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम के दौरान श्रेया पांडेय ने- घेरि-घेरि आई घटा कारी-कारी रे..सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
लायंस स्कूल की छात्राओं ने भाव व अभिनय के साथ कैसे खेले जइबू सावन में कजरिया..की प्रस्तुति से समारोह में चार चांद लगा दिया।
कांशीराम राजकीय बालिका इंटर कालेज की छात्राओं ने अलग अंदाज मे ढुनमुनिया कजली प्रस्तुत कर श्रोताओं को झुमा दिया।
सुवर्णा श्रीवास्तव ने- अब कब लेब खबर हमारी बांके कुंज बिहारी..तथा श्वेता पांडेय ने अपनी कजरी सुना कर समां बांध दिया। कार्यक्रम के दौरान शशि लेखा सिंह को संस्था की तरफ से अभिनंदन पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
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उन्होंने- बलम लागल मास सवनवां..सुना कर वातावरण को सावनमय बना दिया। इसी कड़ी में ओम प्रकाश दूबे को गुलाब चंद्र तिवारी ने अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया।
कजली गायिका उर्मिला श्रीवास्तव ने- सूना-सूना मोर भवनवां..तथा कल्पना गुप्ता ने- सखि झूमि-झूमि गावलि कजरिया..प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी। इसी क्रम में सुरेश मौर्य, परशुराम यादव, अमरनाथ शुक्ल, शिवराम गुप्त, माता चरन, शैलेंद्र सिंह, छलिया जी, हौशिला प्रसाद मिश्र, कुसुम पांडेय, रागिनी चंद्रा, प्राची शुक्ला, माया, हौशिला मिश्र ने कजरी गायन प्रस्तुत कर कजरी के दौर को अलमस्त बना दिया।
त्रिवेणी के संयोजक किशन बुधिया ने मुख्य अतिथि का माल्यार्पण कर स्वागत किया तथा उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन राजेश्वर लाल श्रीवास्तव, ध्रुव जी पांडेय व राजेंद्र तिवारी ने किया।
स्थानीय नवोदित कलाकरों ने अपने मधुर कजली गायन से वातावरण में सावनी बयार बहाई। कार्यक्रम के दौरान संस्था की तरफ से कलाकारों को पुरस्कार प्रदान कर पुरस्कृत किया गया।
कजरी महोत्सव के दौरान जनपद की सांस्कृतिक धरोहर कजरी के बढ़ावा पर जोर दिया गया।
कजरी महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्य मंत्री कैलाश चौरसिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम के दौरान श्रेया पांडेय ने- घेरि-घेरि आई घटा कारी-कारी रे..सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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लायंस स्कूल की छात्राओं ने भाव व अभिनय के साथ कैसे खेले जइबू सावन में कजरिया..की प्रस्तुति से समारोह में चार चांद लगा दिया।
कांशीराम राजकीय बालिका इंटर कालेज की छात्राओं ने अलग अंदाज मे ढुनमुनिया कजली प्रस्तुत कर श्रोताओं को झुमा दिया।
सुवर्णा श्रीवास्तव ने- अब कब लेब खबर हमारी बांके कुंज बिहारी..तथा श्वेता पांडेय ने अपनी कजरी सुना कर समां बांध दिया। कार्यक्रम के दौरान शशि लेखा सिंह को संस्था की तरफ से अभिनंदन पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
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उन्होंने- बलम लागल मास सवनवां..सुना कर वातावरण को सावनमय बना दिया। इसी कड़ी में ओम प्रकाश दूबे को गुलाब चंद्र तिवारी ने अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया।
कजली गायिका उर्मिला श्रीवास्तव ने- सूना-सूना मोर भवनवां..तथा कल्पना गुप्ता ने- सखि झूमि-झूमि गावलि कजरिया..प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी। इसी क्रम में सुरेश मौर्य, परशुराम यादव, अमरनाथ शुक्ल, शिवराम गुप्त, माता चरन, शैलेंद्र सिंह, छलिया जी, हौशिला प्रसाद मिश्र, कुसुम पांडेय, रागिनी चंद्रा, प्राची शुक्ला, माया, हौशिला मिश्र ने कजरी गायन प्रस्तुत कर कजरी के दौर को अलमस्त बना दिया।
त्रिवेणी के संयोजक किशन बुधिया ने मुख्य अतिथि का माल्यार्पण कर स्वागत किया तथा उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन राजेश्वर लाल श्रीवास्तव, ध्रुव जी पांडेय व राजेंद्र तिवारी ने किया।