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फर्जी शिक्षकों के मामले में अभी भी हो रही है जांच
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मिर्जापुर। जिले में वर्ष 2016 में एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती में हुए फर्जीवाड़े की जांच अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इस फर्जीवाड़े से पूरे प्रदेश में तहलका मच गया था। पुलिस की क्राइम ब्रांच प्रकरण की जांच कर रही है।
वर्ष 2016 में संयुक्त शिक्षा निदेशक विंध्याचल मंडल की ओर से 531 शिक्षकों की भर्ती का आवेदन मांगा गया था। आवेदकों की काउंसिंलिंग के बाद अस्थायी तौर पर एक वर्ष के लिए उनकी नियुक्ति कर दी गई। नियुक्ति के बाद जब शिक्षकों के अभिलेखों की जांच होने लगी तो यह मामला सामने आया। इसके बाद तत्कालीन संयुक्त शिक्षा निदेशक माया निरंजन ने 308 आरोपियों के खिलाफ शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई। इसमें 123 महिला शिक्षक और 185 पुरुष शिक्षक शामिल थे। बाद में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो पुरुष और दो महिला शिक्षकों को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि इन शिक्षकों ने साल 2016 में राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेजों में एलटी ग्रेड सहायक अध्यापक-अध्यापिका भर्ती के दौरान विंध्याचल मंडल में फर्जी कागजात लगाकर आवेदन किया था। इसमें से कई गैर जिलों की निवासी थे। हालांकि इसमें कई आवेदकों ने अपना कार्यभार भी ग्रहण नहीं किया था। आरोप है कि विभिन्न विश्वविद्यालयों के जो शैक्षणिक अभिलेख इन आवेदकों ने संलग्न किए थे। वह पूर्णतया फर्जी पाए गए थे। इसी आरोप में उन पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
वर्जन
यह चार वर्ष पुराना मामला है। जांच के लिए क्राइम ब्रांच की टीम को विभाग ने सभी अभिलेख सौंप दिए थे। फिलहाल जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार जांच प्रगति पर है।
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- डॉ. कामता राम पाल, संयुक्त शिक्षा निदेशक विंध्याचल मंडल
इनसेट
समाप्त की गई थी 11 शिक्षकों की सेवा
मिर्जापुर। डॉ. भीमराव अंबडेकर विश्वविद्यालय आगरा से फर्जी बीएड की डिग्री लेकर नौकरी करने वाले 11 परिषदीय शिक्षकों की सेवा 2019 मेें समाप्त कर दी गई थी। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) जांच में वर्ष 2004-05 और वर्ष 2005-06 की बीएड की डिग्री में गड़बडि़यां मिली थीं। एसआईटी की जांच रिपोर्ट के बाद शिक्षा निदेशक बेसिक लखनऊ और उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के सचिव ने वर्ष 2004-05 के बाद डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से वर्ष 2004-05 और 2005-06 में बीएड करने वाले शिक्षकों की नौकरी समाप्त करने का आदेश दिया था। इसके बाद तत्कालीन बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने फर्जी शिक्षकों के खिलाफ खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगते हुए कार्रवाई शुरू कर दी। अंतत: 11 शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई।
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वर्ष 2016 में संयुक्त शिक्षा निदेशक विंध्याचल मंडल की ओर से 531 शिक्षकों की भर्ती का आवेदन मांगा गया था। आवेदकों की काउंसिंलिंग के बाद अस्थायी तौर पर एक वर्ष के लिए उनकी नियुक्ति कर दी गई। नियुक्ति के बाद जब शिक्षकों के अभिलेखों की जांच होने लगी तो यह मामला सामने आया। इसके बाद तत्कालीन संयुक्त शिक्षा निदेशक माया निरंजन ने 308 आरोपियों के खिलाफ शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई। इसमें 123 महिला शिक्षक और 185 पुरुष शिक्षक शामिल थे। बाद में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो पुरुष और दो महिला शिक्षकों को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि इन शिक्षकों ने साल 2016 में राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेजों में एलटी ग्रेड सहायक अध्यापक-अध्यापिका भर्ती के दौरान विंध्याचल मंडल में फर्जी कागजात लगाकर आवेदन किया था। इसमें से कई गैर जिलों की निवासी थे। हालांकि इसमें कई आवेदकों ने अपना कार्यभार भी ग्रहण नहीं किया था। आरोप है कि विभिन्न विश्वविद्यालयों के जो शैक्षणिक अभिलेख इन आवेदकों ने संलग्न किए थे। वह पूर्णतया फर्जी पाए गए थे। इसी आरोप में उन पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
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वर्जन
यह चार वर्ष पुराना मामला है। जांच के लिए क्राइम ब्रांच की टीम को विभाग ने सभी अभिलेख सौंप दिए थे। फिलहाल जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार जांच प्रगति पर है।
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- डॉ. कामता राम पाल, संयुक्त शिक्षा निदेशक विंध्याचल मंडल
इनसेट
समाप्त की गई थी 11 शिक्षकों की सेवा
मिर्जापुर। डॉ. भीमराव अंबडेकर विश्वविद्यालय आगरा से फर्जी बीएड की डिग्री लेकर नौकरी करने वाले 11 परिषदीय शिक्षकों की सेवा 2019 मेें समाप्त कर दी गई थी। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) जांच में वर्ष 2004-05 और वर्ष 2005-06 की बीएड की डिग्री में गड़बडि़यां मिली थीं। एसआईटी की जांच रिपोर्ट के बाद शिक्षा निदेशक बेसिक लखनऊ और उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के सचिव ने वर्ष 2004-05 के बाद डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से वर्ष 2004-05 और 2005-06 में बीएड करने वाले शिक्षकों की नौकरी समाप्त करने का आदेश दिया था। इसके बाद तत्कालीन बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने फर्जी शिक्षकों के खिलाफ खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगते हुए कार्रवाई शुरू कर दी। अंतत: 11 शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई।