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Mirzapur News: नए सत्र से शुरू हो सकता है समेकित दिव्यांग विद्यालय
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मिर्जापुर। नए शैक्षणिक सत्र से समेकित दिव्यांग विद्यालय का संचालन शुरू होने जा रहा है। दिव्यांगजनों के लिए पटेहरा ब्लॉक के दीपनगर के पास 17 करोड़ की लागत से विद्यालय भवन का निर्माण कराया गया है। यहां विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों को शिक्षा मिल सकेगी। अभी विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों को शिक्षा के लिए वाराणसी या प्रयागराज जाना पड़ रहा है।
इस आवासीय विद्यालय में कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त हो सकेगी। जिले में विशिष्ट आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के लिए एक भी इस तरह के माध्यमिक विद्यालय नहीं है। अब इस विद्यालय के संचालन से कमी की भरपाई हो सकेगी। विद्यालय भवन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। कार्यदायी संस्था ने इसे हस्तांतरित भी कर दिया है। कुछ काम बचे हैं, जिसे जल्दी ही पूरा कराया जाएगा। विद्यालय परिसर में बालिकाओं और बालकों के लिए अलग-अलग हास्टल भी बनाए गए हैं। शासन के निर्देशानुसार सभी माध्यमिक विद्यालयों में विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों का नामांकन हो सकता है और वे वहां जाकर पढ़ाई कर सकते हैं। विशेषकर रूप से दृष्टि बाधित दिव्यांग बच्चे किसी भी विद्यालय में नामांकन कराकर शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन व्यवहार में यह संभव नहीं हो पा रहा है। इसलिए इस प्रकार के विद्यालय की आवश्यकता महसूस की गई। जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी राजेश सोनकर का कहना है कि समेकित दिव्यांग विद्यालय का निर्माण पूरा हो चुका है। कार्यदायी संस्था ने उसे हस्तांतरित भी कर दिया है। दो शिक्षकों की नियुक्ति भी हो चुकी है। नए शैक्षणिक सत्र से बच्चों का पंजीकरण कराया जाएगा और पठन-पाठन शुरू किया जाएगा।
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इस आवासीय विद्यालय में कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त हो सकेगी। जिले में विशिष्ट आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के लिए एक भी इस तरह के माध्यमिक विद्यालय नहीं है। अब इस विद्यालय के संचालन से कमी की भरपाई हो सकेगी। विद्यालय भवन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। कार्यदायी संस्था ने इसे हस्तांतरित भी कर दिया है। कुछ काम बचे हैं, जिसे जल्दी ही पूरा कराया जाएगा। विद्यालय परिसर में बालिकाओं और बालकों के लिए अलग-अलग हास्टल भी बनाए गए हैं। शासन के निर्देशानुसार सभी माध्यमिक विद्यालयों में विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों का नामांकन हो सकता है और वे वहां जाकर पढ़ाई कर सकते हैं। विशेषकर रूप से दृष्टि बाधित दिव्यांग बच्चे किसी भी विद्यालय में नामांकन कराकर शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन व्यवहार में यह संभव नहीं हो पा रहा है। इसलिए इस प्रकार के विद्यालय की आवश्यकता महसूस की गई। जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी राजेश सोनकर का कहना है कि समेकित दिव्यांग विद्यालय का निर्माण पूरा हो चुका है। कार्यदायी संस्था ने उसे हस्तांतरित भी कर दिया है। दो शिक्षकों की नियुक्ति भी हो चुकी है। नए शैक्षणिक सत्र से बच्चों का पंजीकरण कराया जाएगा और पठन-पाठन शुरू किया जाएगा।
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