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प्राइवेट पार्ट पर भी चोट के निशान, शरीर पर डाला था केमिकल
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मिर्जापुर। लालगंज थाना क्षेत्र के कुशियरा जंगल में मिले युवक के शव का शनिवार को पोस्टमार्टम कराया गया। शाम तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट तो नहीं आई , पर परिजनों के मुताबिक चालक परविंद सिंह की हत्या करने वालों ने उसे नग्न कर उसकी पिटाई करने के साथ ही प्राइवेट पार्ट पर भी हमला किया। इसके बाद धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर शव को जलाने के लिए केमिकल डाल दिया। वहीं रोहनियां पुलिस गाड़ी बुक करने वाले से पूछताछ कर रही है। पुलिस को सीसी टीवी का एक वीडियो भी मिला है। जिसमें कार सवार दिखाई दे रहे हैं।
वाराणसी जनपद के रोहनियां थाना क्षेत्र के दरेखूं गांव निवासी परविंद सिंह (28) पुत्र ऋषि नरायण कार चालक था। 23 सितंबर की सुबह आठ बजे वाराणसी से विंध्याचल के लिए ओम प्रकाश पाल नामक व्यक्ति ने कार मालिक जितेंद्र सिंह से एक कार बुक करायी। परविंद लोहता बनकट के पास जाकर तीन लोगों को कार में बैठाकर विंध्याचल के लिए निकला। औराई में एक युवक और बैठ गया। विंध्याचल, देवरहा आश्रम दर्शन करने के बाद लालगंज-गैपुरा मार्ग पर कुशियरा के जंगल में वे गए। वहां पर परविंद की गला रेत कर हत्या करने के बाद कार लेकर फरार हो गए। उसके भाई अरविंद ने बताया कि कार मालिक जितेंद्र ने कार की जीपीएस दूसरी जगह मिलने पर परविंद को फोन किया तो कार सवार ने बताया कि परविंद शराब के नशे में है। शंका होने पर जितेंद्र ने रातेश्वर चक्का बड़ागांव के पास कार के इंजन को लाक कर दिया। गाड़ी बंद होने पर कार सवार ने परविंद के मोबाइल से कार मालिक जितेंद्र को फोन कर कार खराब होने के बारे में बताया। जितेंद्र ने उन्हें रुकने के लिए कहा तो वे कार छोड़कर भाग गए। अरविंद के भाई ने बताया कि उसके भाई के शरीर पर चोट का निशान है। प्राइवेट पार्ट पर भी चोट लगा है। गला रेता गया है। शव की शिनाख्त न हो इसके लिए चेहरे से लेेकर शरीर पर केमिकल डाला गया है। शरीर पर बने टैटू से उसकी शिनाख्त हुई।
दो दिन खोजने के बाद मिला शव
वंद ने बताया कि दो दिन खोजने के बाद शव बरामद हुआ। बताया कि 23 की सुबह उसका भाई कार लेकर गया था। शाम को कार बड़ागांव के रामेश्वर के पास बरामद हुई। इसके बाद दो गाड़ी से परिवार और साथी जीपीएस के लोकेशन से विंध्यायल और कुशियरा जंगल में खोजने के लिए गए। फिर अगले दिन 24 सितंबर को भी खोजबीन की। पड़री पर खोजबीन की गई पर पता नहीं चला। 25 सितंबर को जंगल में खोजबीन शुरू की तो झालिड़यों के बीच शव मिला। इसपर पुलिस को सूचना दी गई।
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सीसी कैमरे से पता चलेगा कार में कौन लोग थे
मिर्जापुर। चालक की हत्या करने वाले लोग वाराणसी से विंध्याचल आए। विंध्याचल से लालगंज के कुशियरा जंगल मेें गए। इस बीच रास्ते में कई स्थानों पर सीसी कैमरे लगे हैं। लालगंज थाने के आगे तिराहे पर भी कैमरा लगा है। बदमाश कार लेकर उस रास्ते से गुजरे हैं। पुलिस वहां पर लगे सीसी कैमरे के फुटेज तलाश करे तो कार सवार लोगों के बारे में पता चल सकता है।
हत्या के कारण से परिजन भी अनभिज्ञ
मिर्जापुर। परविंद की हत्या को लेकर कारणों की पुलिस जांच कर रही। लेकिन परिवार वाले भी हत्या के कारणों से अनभिज्ञ हैं। वह तीन भाइयों में दूसरे पर था। उसे एक पुत्री लक्ष्मी और पुत्र लक्ष्य हैं। छोटे भाई अरविंद ने बताया कि किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। हत्या क्यों की गई और किसने की इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। पुलिस छानबीन कर रही है। कार लूट भी हत्या का कारण हो सकता है।
देवरहा में हत्या कर कुशियरा में ठिकाने लगाने की आशंका
वाराणसी से गाड़ी बुक करने के बाद सभी देवरहा बाबा आश्रम की ओर गए। वहां पर डेढ़ घंटा रुके थे। आशंका जताई जा रही है कि वहीं पर हत्या करने के बाद शव को कुशियरा जंगल में ठिकाने लगा दिया। लालगंज थानाध्यक्ष हरिश्चंद्र ने भी हत्या कर शव को कुशयिरा जंगल में ठिकाने लगाने की आशंका जताई है।
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वाराणसी जनपद के रोहनियां थाना क्षेत्र के दरेखूं गांव निवासी परविंद सिंह (28) पुत्र ऋषि नरायण कार चालक था। 23 सितंबर की सुबह आठ बजे वाराणसी से विंध्याचल के लिए ओम प्रकाश पाल नामक व्यक्ति ने कार मालिक जितेंद्र सिंह से एक कार बुक करायी। परविंद लोहता बनकट के पास जाकर तीन लोगों को कार में बैठाकर विंध्याचल के लिए निकला। औराई में एक युवक और बैठ गया। विंध्याचल, देवरहा आश्रम दर्शन करने के बाद लालगंज-गैपुरा मार्ग पर कुशियरा के जंगल में वे गए। वहां पर परविंद की गला रेत कर हत्या करने के बाद कार लेकर फरार हो गए। उसके भाई अरविंद ने बताया कि कार मालिक जितेंद्र ने कार की जीपीएस दूसरी जगह मिलने पर परविंद को फोन किया तो कार सवार ने बताया कि परविंद शराब के नशे में है। शंका होने पर जितेंद्र ने रातेश्वर चक्का बड़ागांव के पास कार के इंजन को लाक कर दिया। गाड़ी बंद होने पर कार सवार ने परविंद के मोबाइल से कार मालिक जितेंद्र को फोन कर कार खराब होने के बारे में बताया। जितेंद्र ने उन्हें रुकने के लिए कहा तो वे कार छोड़कर भाग गए। अरविंद के भाई ने बताया कि उसके भाई के शरीर पर चोट का निशान है। प्राइवेट पार्ट पर भी चोट लगा है। गला रेता गया है। शव की शिनाख्त न हो इसके लिए चेहरे से लेेकर शरीर पर केमिकल डाला गया है। शरीर पर बने टैटू से उसकी शिनाख्त हुई।
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दो दिन खोजने के बाद मिला शव
वंद ने बताया कि दो दिन खोजने के बाद शव बरामद हुआ। बताया कि 23 की सुबह उसका भाई कार लेकर गया था। शाम को कार बड़ागांव के रामेश्वर के पास बरामद हुई। इसके बाद दो गाड़ी से परिवार और साथी जीपीएस के लोकेशन से विंध्यायल और कुशियरा जंगल में खोजने के लिए गए। फिर अगले दिन 24 सितंबर को भी खोजबीन की। पड़री पर खोजबीन की गई पर पता नहीं चला। 25 सितंबर को जंगल में खोजबीन शुरू की तो झालिड़यों के बीच शव मिला। इसपर पुलिस को सूचना दी गई।
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सीसी कैमरे से पता चलेगा कार में कौन लोग थे
मिर्जापुर। चालक की हत्या करने वाले लोग वाराणसी से विंध्याचल आए। विंध्याचल से लालगंज के कुशियरा जंगल मेें गए। इस बीच रास्ते में कई स्थानों पर सीसी कैमरे लगे हैं। लालगंज थाने के आगे तिराहे पर भी कैमरा लगा है। बदमाश कार लेकर उस रास्ते से गुजरे हैं। पुलिस वहां पर लगे सीसी कैमरे के फुटेज तलाश करे तो कार सवार लोगों के बारे में पता चल सकता है।
हत्या के कारण से परिजन भी अनभिज्ञ
मिर्जापुर। परविंद की हत्या को लेकर कारणों की पुलिस जांच कर रही। लेकिन परिवार वाले भी हत्या के कारणों से अनभिज्ञ हैं। वह तीन भाइयों में दूसरे पर था। उसे एक पुत्री लक्ष्मी और पुत्र लक्ष्य हैं। छोटे भाई अरविंद ने बताया कि किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। हत्या क्यों की गई और किसने की इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। पुलिस छानबीन कर रही है। कार लूट भी हत्या का कारण हो सकता है।
देवरहा में हत्या कर कुशियरा में ठिकाने लगाने की आशंका
वाराणसी से गाड़ी बुक करने के बाद सभी देवरहा बाबा आश्रम की ओर गए। वहां पर डेढ़ घंटा रुके थे। आशंका जताई जा रही है कि वहीं पर हत्या करने के बाद शव को कुशियरा जंगल में ठिकाने लगा दिया। लालगंज थानाध्यक्ष हरिश्चंद्र ने भी हत्या कर शव को कुशयिरा जंगल में ठिकाने लगाने की आशंका जताई है।