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नहीं मिल पा रही जलापूर्ति व पेयजल की समस्या की जानकारी
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मिर्जापुर। जलापूर्ति व पेयजल की समस्या से संबंधित जानकारी नहीं मिल पा रही है। यह स्थिति तब है कि जबकि यह जानकारी शासन स्तर से मांगी गी है। इस पर शनिवार को जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने संबंधित अधिकारियों को जिला व ब्लाक स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।
जिले में इन दिनों जल जीवन मिशन की 22 सौ करोड़ रुपये की परियोजनाएं संचालित हैं। जिले के नौ स्थानों पर इस परियोजना के तहत प्रस्तावित कार्य शुरू किए गए हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए शासन ने नमामि गंगे परियोजना के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से पेयजलापूर्ति में आने वाली समस्याओं की सूचना मांगी थी। इसके बाद भी पेयजल से संबंधित समस्याओं की जानकारी नहीं मिल पा रही है। इससे शासन को अपेक्षित सूचनाएं नहीं मिल पा रही थीं। इस पर नमामि गंगे के एडीएम अमरेंद्र वर्मा ने नाराजगी भी जतायी थी। साथ ही पत्र जारी कर सभी को अपेक्षित सूचनाएं उपलब्ध कराने को कहा था।
जानकारी मिलने पर डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया और जिला व ब्लाक स्तर पर कंट्रोल रूम बनाकर सूचना देने को कहा है। जिला स्तर पर बने कंट्रोल रूम का प्रभारी एसडीएम शिवप्रसाद को बनाया गया है, जबकि ब्लाक स्तर पर बने कंट्रोल रूम का प्रभारी संबंधित खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी अथवा जिस अधिकारी की उपलब्धता हो, को बनाया गया है। डीएम ने पत्र जारी कर उम्मीद जतायी है कि अब सूचना मिलने में विलंब नहीं होगा।
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24 घंटे अलर्ट मोड पर रहेगा कंट्रोल रूम
मिर्जापुर। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहेगा। साथ ही निर्धारित प्रारूप पर जिला प्रशासन को सूचनाएं उपलब्ध कराएगा। इससे परियोजनाओं के संचालन व समस्याओं के निराकरण में मदद मिलेगी।
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जिले में इन दिनों जल जीवन मिशन की 22 सौ करोड़ रुपये की परियोजनाएं संचालित हैं। जिले के नौ स्थानों पर इस परियोजना के तहत प्रस्तावित कार्य शुरू किए गए हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए शासन ने नमामि गंगे परियोजना के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से पेयजलापूर्ति में आने वाली समस्याओं की सूचना मांगी थी। इसके बाद भी पेयजल से संबंधित समस्याओं की जानकारी नहीं मिल पा रही है। इससे शासन को अपेक्षित सूचनाएं नहीं मिल पा रही थीं। इस पर नमामि गंगे के एडीएम अमरेंद्र वर्मा ने नाराजगी भी जतायी थी। साथ ही पत्र जारी कर सभी को अपेक्षित सूचनाएं उपलब्ध कराने को कहा था।
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जानकारी मिलने पर डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया और जिला व ब्लाक स्तर पर कंट्रोल रूम बनाकर सूचना देने को कहा है। जिला स्तर पर बने कंट्रोल रूम का प्रभारी एसडीएम शिवप्रसाद को बनाया गया है, जबकि ब्लाक स्तर पर बने कंट्रोल रूम का प्रभारी संबंधित खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी अथवा जिस अधिकारी की उपलब्धता हो, को बनाया गया है। डीएम ने पत्र जारी कर उम्मीद जतायी है कि अब सूचना मिलने में विलंब नहीं होगा।
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24 घंटे अलर्ट मोड पर रहेगा कंट्रोल रूम
मिर्जापुर। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहेगा। साथ ही निर्धारित प्रारूप पर जिला प्रशासन को सूचनाएं उपलब्ध कराएगा। इससे परियोजनाओं के संचालन व समस्याओं के निराकरण में मदद मिलेगी।