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20 अप्रैल से शुरू हो सकती हैं औद्योगिक इकाईयां
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पथरहिया स्थित इंडस्ट्रीयल एरिया में औद्योगिक इकाई का निरीक्षण करते संयुक्त आयुक्त उद्योग उमेश ?
- फोटो : MIRZAPUR
मिर्जापुर। सब कुछ ठीक रहा तो 20 अप्रैल से मिर्जापुर सहित प्रदेश की औद्योगिक इकाइयां शुरू हो सकती हैं। इसकी कवायदें तेज हो गई हैं। हालांकि 20 अप्रैल तक इंडस्ट्री से जुड़े किसी भी प्रकार के पास बनाने पर रोक लगा दिया गया है। इसकी तैयारियों का जायजा लेने और उद्यमी व कामगारों को जागरूक करने के उद्देश्य से गुरुवार को संयुक्त आयुक्त उद्योग उमेश सिंह मिर्जापुर पहुंचे। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र का भ्रमण करने के साथ ही उद्यमियों से सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने व करवाने का निर्देश दिया।
उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के कथन के अनुरूप हमारा फोकस जान और जहान दोनों को सुरक्षित करना है। आवश्यक सेवाओं से जुड़े उद्योगों में काफी को पहले ही शुरू कर दिया गया है। इससे अलग अन्य उत्पादन इकाइयों में से भी कुछ का पास बनाया गया है। आगे बताया कि लॉकडाउन के दौरान 20 अप्रैल तक अनुमति नहीं देने का निर्देश है। अब 20 अप्रैल से फिलहाल सभी तरह की उद्योग शुरू होने जा रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र या रूरल एरिया में मौजूद इकाइयों को कुछ शर्तों के साथ शुरू करने की तैयारी है। सेनिटाइजेशन का ध्यान, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा। जितनी जरूरत हो उतने ही कामगार लगाने होंगे। संयुक्त आयुक्त ने बताया कि उनकी सीमा में आने वाले सात जिलों में मौजूद सभी यूनिट का निरीक्षण किया जा रहा है। वहां के संचालक और काम करने वालों को प्रशिक्षण और जागरूक किया जा रहा है। 20 अप्रैल के बाद जिले में डीआईसी के थ्रू पास जारी किया जाएगा। इस अवसर पर उपायुक्त उद्योग वीके चौधरी के साथ ही उद्यमियों में रामकृष्ण पांडेय, सुरेश पांडेय, विनय पांडेय, सुरेश चंद्र पांडेय, रमेश चंद्र तिवारी, मोहन दास अग्रवाल, सुभाष चंद्र पांडेय आदि शामिल रहे।
ताकि किसी को न आए आर्थिक समस्या
- रजिस्टर्ड कामगारों को मार्च का वेतन दिला दिया गया है। अप्रैल का वेतन कैसे मिले इसका प्रयास चल रहा है। सभी यूनिट संचालकों से से अनुरोध किया जा रहा है। संयुक्त आयुक्त का कहना है कि अभी कामगारों का सहयोग करें जिससे जान और जहान दोनों स्वस्थ रहे। बाद में एडजस्ट कर सकते हैं। ईंट भट्ठा को परमिट दिया गया है। बाकी को चालू किया जाना है जिससे कि निर्माण कार्य चालू हो सके। आर्थिक गलियारों को चरणबद्ध तरीके से खोलना है।कोई लॉकडाउन को हल्के में न इसकी निगरानी होगी।
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योजनाओं के माध्यम से मिलेगा लाभ
- केंद्र व राज्य सरकार की इच्छा है कि विभागीय योजनाओं के माध्यम से लोगों का आर्थिक सहयोग किया जाए। विभिन्न प्रकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम, ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान आदि के माध्यम से लोगों को आर्थिक संबल प्रदान किया जाए।
खाने, रहने के साथ ही करें डेडिकेटेड ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था
- शासन, प्रशासन का प्रयास है कि उद्यमी अपने इंडस्ट्री परिसर में ही श्रमिकों के लिए खाने व रहने की व्यवस्था करें। इससे लॉकडाउन नहीं टूटेगा। वहीं डेडिकेटेड ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था भी कुछ इकाइायों द्वारा की जा रही है। इसके माध्यम से उद्यमी श्रमिकों को लाने ले जाने के लिए अलग से वाहन चलाएं। ऐसा कई लोग कर भी रहे हैँ।।
इलेक्ट्रिकसिटी ड्यूटी में मिल सकती है छूट
- उद्यमियों को राहत मिले इसके लिए मंत्रालय स्तर पर कई प्रयास किए जा रहे हैँ। इलेक्ट्रिकसिटी ड्यूटी में कुछ महीने की छूट को लेकर मंथन चल रहा है। इसके अलावा भी कई सुझाव औद्योगिक संगठनों की ओर से भेजे गए हैं। साथ ही बैंकों की तरफ से भी कई रियायत दी गई है। ईएसआईसी, श्रम विभाग से जुड़ी पालिसी के माध्यम से भी राहत पहुंचाई जा सकती है।
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उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के कथन के अनुरूप हमारा फोकस जान और जहान दोनों को सुरक्षित करना है। आवश्यक सेवाओं से जुड़े उद्योगों में काफी को पहले ही शुरू कर दिया गया है। इससे अलग अन्य उत्पादन इकाइयों में से भी कुछ का पास बनाया गया है। आगे बताया कि लॉकडाउन के दौरान 20 अप्रैल तक अनुमति नहीं देने का निर्देश है। अब 20 अप्रैल से फिलहाल सभी तरह की उद्योग शुरू होने जा रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र या रूरल एरिया में मौजूद इकाइयों को कुछ शर्तों के साथ शुरू करने की तैयारी है। सेनिटाइजेशन का ध्यान, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा। जितनी जरूरत हो उतने ही कामगार लगाने होंगे। संयुक्त आयुक्त ने बताया कि उनकी सीमा में आने वाले सात जिलों में मौजूद सभी यूनिट का निरीक्षण किया जा रहा है। वहां के संचालक और काम करने वालों को प्रशिक्षण और जागरूक किया जा रहा है। 20 अप्रैल के बाद जिले में डीआईसी के थ्रू पास जारी किया जाएगा। इस अवसर पर उपायुक्त उद्योग वीके चौधरी के साथ ही उद्यमियों में रामकृष्ण पांडेय, सुरेश पांडेय, विनय पांडेय, सुरेश चंद्र पांडेय, रमेश चंद्र तिवारी, मोहन दास अग्रवाल, सुभाष चंद्र पांडेय आदि शामिल रहे।
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ताकि किसी को न आए आर्थिक समस्या
- रजिस्टर्ड कामगारों को मार्च का वेतन दिला दिया गया है। अप्रैल का वेतन कैसे मिले इसका प्रयास चल रहा है। सभी यूनिट संचालकों से से अनुरोध किया जा रहा है। संयुक्त आयुक्त का कहना है कि अभी कामगारों का सहयोग करें जिससे जान और जहान दोनों स्वस्थ रहे। बाद में एडजस्ट कर सकते हैं। ईंट भट्ठा को परमिट दिया गया है। बाकी को चालू किया जाना है जिससे कि निर्माण कार्य चालू हो सके। आर्थिक गलियारों को चरणबद्ध तरीके से खोलना है।कोई लॉकडाउन को हल्के में न इसकी निगरानी होगी।
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योजनाओं के माध्यम से मिलेगा लाभ
- केंद्र व राज्य सरकार की इच्छा है कि विभागीय योजनाओं के माध्यम से लोगों का आर्थिक सहयोग किया जाए। विभिन्न प्रकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम, ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान आदि के माध्यम से लोगों को आर्थिक संबल प्रदान किया जाए।
खाने, रहने के साथ ही करें डेडिकेटेड ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था
- शासन, प्रशासन का प्रयास है कि उद्यमी अपने इंडस्ट्री परिसर में ही श्रमिकों के लिए खाने व रहने की व्यवस्था करें। इससे लॉकडाउन नहीं टूटेगा। वहीं डेडिकेटेड ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था भी कुछ इकाइायों द्वारा की जा रही है। इसके माध्यम से उद्यमी श्रमिकों को लाने ले जाने के लिए अलग से वाहन चलाएं। ऐसा कई लोग कर भी रहे हैँ।।
इलेक्ट्रिकसिटी ड्यूटी में मिल सकती है छूट
- उद्यमियों को राहत मिले इसके लिए मंत्रालय स्तर पर कई प्रयास किए जा रहे हैँ। इलेक्ट्रिकसिटी ड्यूटी में कुछ महीने की छूट को लेकर मंथन चल रहा है। इसके अलावा भी कई सुझाव औद्योगिक संगठनों की ओर से भेजे गए हैं। साथ ही बैंकों की तरफ से भी कई रियायत दी गई है। ईएसआईसी, श्रम विभाग से जुड़ी पालिसी के माध्यम से भी राहत पहुंचाई जा सकती है।