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Mirzapur News: शिक्षा, कौशल एवं नीति-निर्माण से भारत बनेगा आत्मनिर्भर
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- स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विश्राम सिंह राजकीय महाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन
चुनार। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विश्राम सिंह राजकीय महाविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन मंगलवार को हुआ। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा, कौशल एवं नीति-निर्माण का समन्वय आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। इनसे से भारत आत्मनिर्भर बनेगा।
मुख्य अतिथि बीएचयू के वाणिज्य विभाग के प्रो. आशाराम त्रिपाठी, विशिष्ट अतिथि सहायक निदेशक एसकेएस पाण्डेय, प्रो. सुवर्णा सरकार व महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. माधवी शुक्ला ने सरस्वती चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का आरंभ किया। मुख्य वक्ता ने स्थानीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता, निर्यात क्षमता एवं उद्यमिता विकास के महत्व को रेखांकित किया। डॉ. एसकेएस पाण्डेय ने शिक्षा, कौशल एवं नीति-निर्माण के समन्वय को आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला बताया। प्रो. सुवर्णा सरकार और प्रो. आलोक मुखर्जी ने एक जनपद एक उत्पाद योजना के बहुआयामी प्रभावों, विशेषतः सामाजिक समावेशन व क्षेत्रीय विकास पर प्रकाश डाला। दो दिवसीय संगोष्ठी के समस्त तकनीकी सत्रों की संपूर्ण रिपोर्ट चंदन कुमार द्विवेदी ने प्रस्तुत किया। संचालन डॉ. भास्कर प्रसाद द्विवेदी व स्वागत डॉ. रीता मिश्रा ने किया। प्रो. आलोक कुमार पाण्डेय, एएसपी मनीष कुमार मिश्रा ने विचार प्रकट किए। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. दीपक कुमार सिंह ने किया।
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चुनार। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विश्राम सिंह राजकीय महाविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन मंगलवार को हुआ। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा, कौशल एवं नीति-निर्माण का समन्वय आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। इनसे से भारत आत्मनिर्भर बनेगा।
मुख्य अतिथि बीएचयू के वाणिज्य विभाग के प्रो. आशाराम त्रिपाठी, विशिष्ट अतिथि सहायक निदेशक एसकेएस पाण्डेय, प्रो. सुवर्णा सरकार व महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. माधवी शुक्ला ने सरस्वती चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का आरंभ किया। मुख्य वक्ता ने स्थानीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता, निर्यात क्षमता एवं उद्यमिता विकास के महत्व को रेखांकित किया। डॉ. एसकेएस पाण्डेय ने शिक्षा, कौशल एवं नीति-निर्माण के समन्वय को आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला बताया। प्रो. सुवर्णा सरकार और प्रो. आलोक मुखर्जी ने एक जनपद एक उत्पाद योजना के बहुआयामी प्रभावों, विशेषतः सामाजिक समावेशन व क्षेत्रीय विकास पर प्रकाश डाला। दो दिवसीय संगोष्ठी के समस्त तकनीकी सत्रों की संपूर्ण रिपोर्ट चंदन कुमार द्विवेदी ने प्रस्तुत किया। संचालन डॉ. भास्कर प्रसाद द्विवेदी व स्वागत डॉ. रीता मिश्रा ने किया। प्रो. आलोक कुमार पाण्डेय, एएसपी मनीष कुमार मिश्रा ने विचार प्रकट किए। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. दीपक कुमार सिंह ने किया।
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