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तीसरी लहर को देखते हुए अस्पतालों में किया गया पूर्वाभ्यास

Wed, 05 Jan 2022 12:21 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 05 Jan 2022 12:21 AM IST
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In view of the third wave, rehearsals were done in hospitals
कोविड की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर मंगलवार को एल-टू, एल-वन समेत सीएचसी पर पूर्वाभ्यास किया गया। इसका जिले के चिकित्साधिकारियों ने निरीक्षण किया। सुबह से अपराह्न तक तीन चरणों में निरीक्षण के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी गई।
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सुबह 10 बजे के करीब एंबुलेंस से लालगंज से एक किशोर और विंध्याचल से युवक मरीज के रूप में प्रतीकात्मक स्वरूप एंबुलेंस से आए। सूचना पर एल-टू अस्पताल में उनको भर्ती करने की तैयारी की गई थी। एंबुलेंस से उतारकर उनको आईसीयू में भर्ती किया गया। वहां पर उनको ऑक्सीजन और अन्य उपकरणों की सहायता से इलाज शुरू किया गया। इस दौरान अस्पताल में स्टाफ पीपीई किट के साथ मौजूद रहे। डॉक्टर मरीज का चेकअप करने के बाद जरूरी दवाएं दी। निरीक्षण करने आए अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अशोक कुमार, एसआईसी डॉ. आलोक, एसीएमओ डॉ. निलेश श्रीवास्तव, डॉ. गुलाब मौर्या, पीकू वार्ड के नोडल डॉ. देवराज यादव, मैनेजर अनुज ठाकुर ने अस्पताल में उपलब्ध व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने सुबह 10 बजे के बाद टीम ने दोपहर एक बजे और अपराह्न तीन बजे एल-टू अस्पताल का निरीक्षण कर अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण कर जायजा लिया।
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तीसरी लहर की आशंका के बीच लालगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आपातकालीन तैयारी की डिप्टी सीएमओ ने पूर्वाभ्यास कराया। मंगलवार को डिप्टी सीएमओ डा. वीके भारती ने अधीक्षक डॉ. संजय सिंह के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था का निरीक्षण कर जायजा लिया। सीएचसी में 30 बेड में से 10 बेड बच्चों के इलाज के लिए तैयार हैं। उसमें से दो आईसीयू बेड बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त 18 बेड पुरुष और महिलाओं के इलाज के लिए ऑक्सीजन के 35 सिलिंडर के साथ उपलब्ध हैं। अधीक्षक डॉ. संजय सिंह ने बताया कि दवा और चिकित्सा व्यवस्था समुचित रूप से उपलब्ध है। यहां हलिया और लालगंज दोनों के चिकित्सकों की ड्यूटी का रोटेशन बना लिया गया है। मरीज पाए जाने पर यहां से डिलीवरी का कार्य हटाकर दुबार स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र पर कराई जाएगी और ओपीडी की व्यवस्था लहंगपुर व दुबार दोनों उपकेंद्रों पर होगी। यह व्यवस्था उस स्थिति के लिए बनाई गई है, जब ओमिक्रॉन पीड़ित मरीज पाए जाएंगे। ऐसी स्थिति में चिकित्सक आठ घंटे की ड्यूटी 14 दिन तक करेंगे। इसके बाद दूसरी टीम के चिकित्सक मरीजों के उपचार में जुट जाएंगे। कुल 8 टीमों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि ग्राम सभा में 53 समितियों को सक्रिय कर दिया गया है। टीम में आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और लेखपाल शामिल हैं। ज्ञात हो, ओमिक्रॉन से प्रभावित बच्चों के साथ अभिभावकों को आवास और भोजन की भी व्यवस्था स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार के दौरान के लिए की गई है। मॉक ड्रिल में डा. वंदना मौर्य, डॉ अशोक यादव, वीरेंद्र आजाद, अभिषेक त्रिपाठी, अवधेश द्विवेदी, शिल्पी गुप्ता, पुष्पा सिंह, साहब अहमद आदि मौजूद रहे। कोविड और ओमिक्रॉन के दृष्टिगत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विंध्याचल में डमी मरीजों के साथ मॉक ड्रिल की गई। इसके तहत सीएचसी में कोविड का मरीज आने पर उपचार की पूरी व्यवस्था के साथ कितनी देर में इलाज शुरू किया जा सकता है, इसका रिहर्सल किया गया। क्षेत्र के गैपुरा गांव से डमी मरीज 108 एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल लाया गया। इसके बाद उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि कोविड के दृष्टिगत मॉक ड्रिल की गई है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में 40 बेड पूरी तरह से सुरक्षित रखे गए हैं। उन सभी बेड के साथ ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध है।
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