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Mirzapur News: कोई गलत इरादे से हाथ पकड़े तो घुमाकर पंच मारो
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अपराजिता कार्यक्रम में आत्मरक्षा का गुर सिखाती छात्राएं, स्रोत संवाद
मिर्जापुर। महर्षि दयानंद बालिका इंटर कॉलेज में बृहस्पतिवार को अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए। प्रशिक्षिका ने बताया कि यदि कोई गलत इरादे से हाथ पकड़े तो घुमाकर पंच मारो। छात्राओं ने इसका अभ्यास किया।
मोनिका ने आंचल के साथ प्रदर्शन कर छात्राओं को आत्मरक्षा के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि कोई हाथ पकड़े तो दूसरे हाथ से उसकी नाक पर पंच मारें। इससे वह तुरंत हाथ छोड़ देगा। अगर कोई पीछे से चोटी पकड़े तो उसको बैक किक या हाथ से हिट किया जा सकता है। नाजिया व श्रुति ने बताया कि कलाई पकड़ने या पीछे से शरीर को पकड़ने पर जोरदार झटका या कोहनी से हमला करना अधिक असरदार होता है। उन्होंने बताया कि यदि कोई साधन नहीं है तो हर लड़की अपने बालों का क्लिप या कांटे का त्वरित इस्तेमाल कर सकती है।
ऐसे समय पर इनका हथियार के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। इसमें सबसे आवश्यक यह है कि किसी भी कठिन परिस्थितियों में लड़कियों को डरना नहीं चाहिए। डरने से बुद्धि कुंद हो जाती है और सोचने समझने की शक्ति क्षीण हो जाती है। ऐसे में बचाव करना मुश्किल हो जाता है। तीजा व संजू के साथ कई छात्राओं ने मंच पर ताइक्वांडों के कुछ दांव का प्रदर्शन किया। महर्षि दयानंद बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य शगुफ्ता परवीन ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को जाग्रत करते हैं। इस दौरान सहायक अध्यापिका आकांक्षा पांडेय, पूजा सिंह, पारवंती पाल आदि थीं।
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मोनिका ने आंचल के साथ प्रदर्शन कर छात्राओं को आत्मरक्षा के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि कोई हाथ पकड़े तो दूसरे हाथ से उसकी नाक पर पंच मारें। इससे वह तुरंत हाथ छोड़ देगा। अगर कोई पीछे से चोटी पकड़े तो उसको बैक किक या हाथ से हिट किया जा सकता है। नाजिया व श्रुति ने बताया कि कलाई पकड़ने या पीछे से शरीर को पकड़ने पर जोरदार झटका या कोहनी से हमला करना अधिक असरदार होता है। उन्होंने बताया कि यदि कोई साधन नहीं है तो हर लड़की अपने बालों का क्लिप या कांटे का त्वरित इस्तेमाल कर सकती है।
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ऐसे समय पर इनका हथियार के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। इसमें सबसे आवश्यक यह है कि किसी भी कठिन परिस्थितियों में लड़कियों को डरना नहीं चाहिए। डरने से बुद्धि कुंद हो जाती है और सोचने समझने की शक्ति क्षीण हो जाती है। ऐसे में बचाव करना मुश्किल हो जाता है। तीजा व संजू के साथ कई छात्राओं ने मंच पर ताइक्वांडों के कुछ दांव का प्रदर्शन किया। महर्षि दयानंद बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य शगुफ्ता परवीन ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को जाग्रत करते हैं। इस दौरान सहायक अध्यापिका आकांक्षा पांडेय, पूजा सिंह, पारवंती पाल आदि थीं।
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