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संकल्पित हैं तो आगे बढ़ने में कोई रोक नहीं सकता - जिलाधिकारी
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मिर्जापुर। महिला कल्याण विभाग के तत्वावधान में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में महिला सशक्तीकरण व बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत अध्ययनरत छात्राओं को जिलाधिकारी ने उपयोगी टिप्स दिए। लड़कियों से बेधड़क होकर बाहर निकल कर भविष्य बनाने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने कहा कि सिविल सर्विसेज के लिए स्नातक होना तथा न्यूनतम उम्र 21 वर्ष होनी चाहिए। सफलता प्राप्त करने के दृढ़ इच्छाशक्ति सबसे ज्यादा जरूरत है। इस दौरान एक छात्रा ने उनसे कहा कि लड़कियों के साथ समाज में घट रही अप्रिय घटनाओं के कारण अभिभावक लड़कियों को बाहर भेजने से डर रहे हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि मनोबल ऊंचा है तो कहीं डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी के द्वारा पहली बार कोई कमेंट किया जाता है तो लड़कियां उस पर चुप्पी न साधें। आवाज उठाएं। उन्होंने यह भी कहा कि इसके अलावा डायल 112 व 1090 पर जरूरत पड़े तो जरूर फोन करें। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो जूडो कराटे व बचाव के प्रारंभिक तरीके अवश्य सीखें। यह पूछने पर कि किस विषय से तैयारी अच्छी होगी, तो जिलाधिकारी ने कहा कि यदि ज्ञान है तो सभी विषय अच्छे हैं, ज्ञान नहीं है तो सभी विषय खराब हैं। उन्होंने ने यह भी बताया कि सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए अपने प्रदेश व आसपास की जानकारी रखते हुए एनसीईआरटी की कक्षा 6 से 12 तक की पुस्तकों को एक बार जरूर पढ़ लें। अंत में जिलाधिकारी ने सफलता की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जब दृढ़ इच्छा नहीं होगी तब तक सब व्यर्थ है। इस अवसर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरीश दूबे, महिला कल्याण अधिकारी डा. मंजू के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने कहा कि सिविल सर्विसेज के लिए स्नातक होना तथा न्यूनतम उम्र 21 वर्ष होनी चाहिए। सफलता प्राप्त करने के दृढ़ इच्छाशक्ति सबसे ज्यादा जरूरत है। इस दौरान एक छात्रा ने उनसे कहा कि लड़कियों के साथ समाज में घट रही अप्रिय घटनाओं के कारण अभिभावक लड़कियों को बाहर भेजने से डर रहे हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि मनोबल ऊंचा है तो कहीं डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी के द्वारा पहली बार कोई कमेंट किया जाता है तो लड़कियां उस पर चुप्पी न साधें। आवाज उठाएं। उन्होंने यह भी कहा कि इसके अलावा डायल 112 व 1090 पर जरूरत पड़े तो जरूर फोन करें। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो जूडो कराटे व बचाव के प्रारंभिक तरीके अवश्य सीखें। यह पूछने पर कि किस विषय से तैयारी अच्छी होगी, तो जिलाधिकारी ने कहा कि यदि ज्ञान है तो सभी विषय अच्छे हैं, ज्ञान नहीं है तो सभी विषय खराब हैं। उन्होंने ने यह भी बताया कि सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए अपने प्रदेश व आसपास की जानकारी रखते हुए एनसीईआरटी की कक्षा 6 से 12 तक की पुस्तकों को एक बार जरूर पढ़ लें। अंत में जिलाधिकारी ने सफलता की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जब दृढ़ इच्छा नहीं होगी तब तक सब व्यर्थ है। इस अवसर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरीश दूबे, महिला कल्याण अधिकारी डा. मंजू के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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