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सांसों की तमन्ना हूं तेरे दिल की मैं धड़कन हूं...
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Tue, 14 Apr 2015 01:09 AM IST
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संकटमोचन मंदिर पर रविवार की रात अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
साहित्यकार स्व. राजेश वर्मा की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कवियों व शायराें ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियाें से श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी।
कवि सम्मेलन में हास्य रस के साथ ही वीर रस और श्रृंगार रस सहित अन्य रसों की कविताएं प्रस्तुत की गई।
डा. राजेश वर्मा स्मृति साहित्स संस्थान की ओर से आयोजित कवि सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि सपा जिलाध्यक्ष शिवशंकर सिंह यादव ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
कवि सुरेश फक्कड़ ने- कवि अगर हो तो दिनमान की बातें करों..प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी।
कवि सतीश मधुप ने- मंदिर मस्जिद के झगड़े में झंडा मत झुकने देना..सुनाकर देश भक्ति की भावना को जागृत किया।
कवि राधेश्याम भारती ने- फरमाईश पर फरमाईश जीने नहीं देती..प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी।
युवा कवि विनय शुक्ल ने- मेरी कविता ज्ञान न देती राजा या सम्राटाें को..सुनाकर खूब तालियां बटोरी। कवयित्री पूनम श्रीवास्तव ने- सांसों की तमन्ना है तेरे दिल की मैं धड़कन हूं, राधा के पगों की मैं पायल की छनछन हूं..सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध हो गए।
कवि शैलेंद्र मधुर ने- हादसा इक अचानक हो गया रात में..प्रस्तुत कर समां बांध दिया।
संचालन करते हुए कवि अनिल चौबे ने- बाबा रामदेव यदि पाक चले जाएं तो पूरा पाक उनका चेला बन जाएगा.. सुनाकर श्रोताओं से खूब ठहाके लगवाए, वहीं सलीम ने अपनी हास्य कविताओं से लोगों को खूब हंसाया।
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कवि रूद्राक्ष ने- काली कुर्सी से निवाला वो तो पा रहे हैं..कवि हेमंत पांडेय ने पति गर है सुस्त खुद में लीन है बीवी..तथा कवि मनोज सागर ने हंसना और हंसाना सीखो..प्रस्तुत कर कार्यक्रम को एक आयाम तक पहुंचाया।
कवि सम्मेलन की अध्यक्षता हसन काजमी ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में रूपेश वर्मा, अरूण श्रीवास्तव, इलियास खां, मृदुल मेहरोत्रा, संजू तिवारी, श्याम लाल, नफीस अहमद, आकाश यादव, अजय गुप्त आदि मौजूद रहे।
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साहित्यकार स्व. राजेश वर्मा की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कवियों व शायराें ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियाें से श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी।
कवि सम्मेलन में हास्य रस के साथ ही वीर रस और श्रृंगार रस सहित अन्य रसों की कविताएं प्रस्तुत की गई।
डा. राजेश वर्मा स्मृति साहित्स संस्थान की ओर से आयोजित कवि सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि सपा जिलाध्यक्ष शिवशंकर सिंह यादव ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
कवि सुरेश फक्कड़ ने- कवि अगर हो तो दिनमान की बातें करों..प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी।
कवि सतीश मधुप ने- मंदिर मस्जिद के झगड़े में झंडा मत झुकने देना..सुनाकर देश भक्ति की भावना को जागृत किया।
कवि राधेश्याम भारती ने- फरमाईश पर फरमाईश जीने नहीं देती..प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी।
युवा कवि विनय शुक्ल ने- मेरी कविता ज्ञान न देती राजा या सम्राटाें को..सुनाकर खूब तालियां बटोरी। कवयित्री पूनम श्रीवास्तव ने- सांसों की तमन्ना है तेरे दिल की मैं धड़कन हूं, राधा के पगों की मैं पायल की छनछन हूं..सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध हो गए।
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कवि शैलेंद्र मधुर ने- हादसा इक अचानक हो गया रात में..प्रस्तुत कर समां बांध दिया।
संचालन करते हुए कवि अनिल चौबे ने- बाबा रामदेव यदि पाक चले जाएं तो पूरा पाक उनका चेला बन जाएगा.. सुनाकर श्रोताओं से खूब ठहाके लगवाए, वहीं सलीम ने अपनी हास्य कविताओं से लोगों को खूब हंसाया।
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कवि रूद्राक्ष ने- काली कुर्सी से निवाला वो तो पा रहे हैं..कवि हेमंत पांडेय ने पति गर है सुस्त खुद में लीन है बीवी..तथा कवि मनोज सागर ने हंसना और हंसाना सीखो..प्रस्तुत कर कार्यक्रम को एक आयाम तक पहुंचाया।
कवि सम्मेलन की अध्यक्षता हसन काजमी ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में रूपेश वर्मा, अरूण श्रीवास्तव, इलियास खां, मृदुल मेहरोत्रा, संजू तिवारी, श्याम लाल, नफीस अहमद, आकाश यादव, अजय गुप्त आदि मौजूद रहे।