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देहरादून से मिर्जापुर के हरदी मिश्र गांव पहुंची टीम
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Fri, 10 Jul 2015 12:28 AM IST
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केशवदेव मालवीय पेट्रोलियम अन्वेषण संस्थान देहरादून की दो सदस्यीय टीम गुरुवार को लालगंज के हरदी मिश्र गांव में बोरवेल से निकल रही गैस की जांच करने पहुंची।
इस दौरान टीम ने एक दर्जन से अधिक सैंपल लिए। कहा कि सैंपल की जांच के बाद ही पता चलेगा कि यहां कौन सी गैस निकल रही है।
लागलंज की भौगोलिक स्थिति देख कर बताया कि पूर्व में यहां पर समुद्र रहा होगा, जिसके कारण धरती के भीतर गैस भरी है।
वरिष्ठ रसायनविद उपेंद्र प्रताप सिंह एवं ओएनजीसी फ्रंटियर बेसिन के भूगर्भ वैज्ञानिक सूर्यांश सुयस मिश्र की टीम गुरुवार की दोपहर करीब 12 बजे हरदी खुर्द गांव निवासी लक्ष्मण मौर्या की जमीन में बोरिंग से निकल रही गैस की जांच करने पहुंची। टीम ने गैस के कई सैंपल लिए।
उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गैस का नाम हाइड्रोकार्बन बायोजेनिक, थर्मलजेनिक हो सकता है। लेकिन अमोनिया गैस की संभावनाओं की भी जांच की जाएगी।
उन्होंने बताया कि बायोजेनिक बैक्टीरिया से भी गैस निकलने की संभावना है। भौगोलिक स्थिति बता रही है कि यहां पर कभी समुद्र रहा होगा। इसी के चलते यह गैस निकल रही है।
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इस दौरान टीम ने एक दर्जन से अधिक सैंपल लिए। कहा कि सैंपल की जांच के बाद ही पता चलेगा कि यहां कौन सी गैस निकल रही है।
लागलंज की भौगोलिक स्थिति देख कर बताया कि पूर्व में यहां पर समुद्र रहा होगा, जिसके कारण धरती के भीतर गैस भरी है।
वरिष्ठ रसायनविद उपेंद्र प्रताप सिंह एवं ओएनजीसी फ्रंटियर बेसिन के भूगर्भ वैज्ञानिक सूर्यांश सुयस मिश्र की टीम गुरुवार की दोपहर करीब 12 बजे हरदी खुर्द गांव निवासी लक्ष्मण मौर्या की जमीन में बोरिंग से निकल रही गैस की जांच करने पहुंची। टीम ने गैस के कई सैंपल लिए।
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उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गैस का नाम हाइड्रोकार्बन बायोजेनिक, थर्मलजेनिक हो सकता है। लेकिन अमोनिया गैस की संभावनाओं की भी जांच की जाएगी।
उन्होंने बताया कि बायोजेनिक बैक्टीरिया से भी गैस निकलने की संभावना है। भौगोलिक स्थिति बता रही है कि यहां पर कभी समुद्र रहा होगा। इसी के चलते यह गैस निकल रही है।
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