{"_id":"60e9f2838ebc3e726f2f2ae4","slug":"homeopathy-department-running-under-the-light-of-mobile-torch-mirzapur-news-vns599740218","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोबाइल टार्च की रोशनी में चल रहा होम्योपैथी विभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोबाइल टार्च की रोशनी में चल रहा होम्योपैथी विभाग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल में वैसे तो 24 घंटे बिजली आपूर्ति की सुविधा है, पर परिसर में मौजूद होम्योपैथी विभाग बीते पांच दिनों से बिना बिजली के संचालित है। इस भीषण गर्मी और उमस में बिजली न होने से डाक्टर के साथ कर्मचारियों और मरीजों की दुर्दशा हो रही।
मंडलीय अस्पताल के द्वितीय तल पर होम्योपैथी विभाग का संचालन होता है। विभाग में फिलहाल एक डाक्टर के साथ एक फार्मासिस्ट और दो वार्ड ब्वाय की तैनाती की गई है। सप्ताह में छह दिन संचालित होने वाले इस विभाग की ओपीडी ठीक ठाक है, लेकिन किसी फाल्ट के चलते बीते पांच दिनों से होम्योपैथी विभाग की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। इस समय जब धूप और भीषण गर्मी और उमस से लोगों का जीना दुभर हो गया है, ऐेसे में बिजली कटने से डाक्टर और कर्मचारियों के साथ ओपीडी में आने वाले मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डा. सुनील श्रृंगार ने बताया कि उनके कमरे में अंधेरा रहता है, ऐसे में मरीजों को देखने और दवा लिखने के लिए मोबाइल की रोशनी का सहारा लेना पड़ रहा। दूसरी तरफ पंखा न चलने से मरीज और कर्मचारियों की हालत खराब हो जा रही। डा. सुनील श्रृृंगार के अनुसार उन्होंने इस समस्या से एसआईसी के साथ बिजली मिस्त्री को अवगत करा दिया है। इसके बाद भी समस्या का निदान नहीं किया जा सका।
विज्ञापन
मंडलीय अस्पताल के द्वितीय तल पर होम्योपैथी विभाग का संचालन होता है। विभाग में फिलहाल एक डाक्टर के साथ एक फार्मासिस्ट और दो वार्ड ब्वाय की तैनाती की गई है। सप्ताह में छह दिन संचालित होने वाले इस विभाग की ओपीडी ठीक ठाक है, लेकिन किसी फाल्ट के चलते बीते पांच दिनों से होम्योपैथी विभाग की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। इस समय जब धूप और भीषण गर्मी और उमस से लोगों का जीना दुभर हो गया है, ऐेसे में बिजली कटने से डाक्टर और कर्मचारियों के साथ ओपीडी में आने वाले मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डा. सुनील श्रृंगार ने बताया कि उनके कमरे में अंधेरा रहता है, ऐसे में मरीजों को देखने और दवा लिखने के लिए मोबाइल की रोशनी का सहारा लेना पड़ रहा। दूसरी तरफ पंखा न चलने से मरीज और कर्मचारियों की हालत खराब हो जा रही। डा. सुनील श्रृृंगार के अनुसार उन्होंने इस समस्या से एसआईसी के साथ बिजली मिस्त्री को अवगत करा दिया है। इसके बाद भी समस्या का निदान नहीं किया जा सका।
विज्ञापन