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Mirzapur News: ई-केवाईसी नहीं होने से 65 हजार गैस उपभोक्ताओं की बुकिंग बंद
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ई-केवाईसी के बाद ही शुरू होगी ऑनलाइन एलपीजी की बुकिंग
85000 गैस उपभोक्ता में से 20000 ने कराया ई-केवाईसी
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। जिले के 65000 गैस उपभोक्ता अब गैस सिलिंडर के लिए ऑनलाइन बुकिंग नहीं करा सकेंगे। उनको या तो व्यावसायिक या फिर छोटे सिलिंडर लेने होंगे। या फिर लकड़ी पर भोजन बनाना पड़ सकता है। ई-केवाईसी कराने के बाद उनकी ऑनलाइन सुविधा शुरू हो जाएगी।
तेल कंपनियों ने ग्राहकों की सूची में पारदर्शिता के लिए केंद्र सरकार के निर्देश पर ई-केवाईसी कराने का अभियान चलाया था। करीब पांच महीने पूर्व शुरू हुए अभियान की तिथि पहले भी दो बार बढ़ाई गई थी। उसके बाद अंतिम तिथि ई केवाईसी की अंतिम तारीख 30 सितंबर भी बीत गई है। उपभोक्ताओं को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई थी कि यदि 30 सितंबर तक उन्होंने ई-केवाईसी नहीं कराया तो ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा बंद हो जाएगी। फिर वह ई-केवाईसी के बाद ही शुरू होगी। जिले के 5. 50 लाख उपभोक्ताओं में से 85000 उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी नहीं कराया। इससे उनकी ऑनलाइन सुविधा बंद हो गई। इसके बाद लगभग 20 हजार उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी करा लिया लेकिन 65000 ने अभी भी अपनी ई केवाईसी नहीं कराई है।
सबसे अधिक इंडियन ऑयल के हैं उपभोक्ता
जिले में 5.50 लाख उपभोक्ताओं में से सबसे अधिक उपभोक्ता इंडियन ऑयल के हैं। उनकी संख्या 3.15 लाख के करीब है। इसके बाद हिंदुस्तान पेट्रोलियम व भारत गैस के उपभोक्ता हैं। जो जिले के 50 वितरकों के माध्यम से गैस सिलिंडर की सुविधा प्राप्त करते हैं। इन सभी उपभोक्ताओं के लिए यह दिशा निर्देश है कि जिन्होंने ई-केवाईसी नहीं कराया है, वे जब ई-केवाईसी कराएंगे तो ही उनकी सुविधा शुरू होगी।
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नौ महीने में 1270 रुपये महंगा हो गया कॉमर्शियल सिलिंडर
साल की शुरुआत में जो कॉमर्शियल सिलिंडर 1684 रुपये था, अभी उसकी कीमत 2954 रुपये हो गई है। नौ महीने में व्यावसायिक सिलिंडर पूरे 1270 रुपये महंगा हो गया है। इस वर्ष अप्रैल में भी व्यावसायिक गैस सिलिंडर की कीमतें बढ़ाई गई थीं। पश्चिम एशिया में संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा आपूर्ति में रुकावट के बीच, तेल मार्केटिंग कंपनियों ने उस समय कीमतें 195.50 से 214 रुपये तक बढ़ाई थीं। मई में कीमतें फिर बढ़ाई गईं, जिसमें एक ही बार में प्रति सिलिंडर 993 रुपये की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद जून में 42 रुपये की बढ़ोतरी हुई। एक जुलाई 2026 को तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले व्यावसायिक सिलिंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कटौती की। अगस्त में भी व्यावसायिक सिलिंडरों की कीमतों में बड़ी कटौती हुई। सितंबर में कीमत 9.50 रुपये बढ़ी। अब बृहस्पतिवार से व्यावसायिक सिलिंडर की कीमत 70 रुपये और बढ़ गई है। अब इसका दाम 2954 रुपये प्रति सिलिंडर बताया जा रहा है।
जिले में 3.05 लाख हैं उज्ज्वला उपभोक्ता
जिले में एलपीजी के 5. 50 लाख उपभोक्ताओं में से 3. 05 लाख उपभोक्ता उज्ज्वला योजना के हैं। साथ ही 2. 45 लाख सामान्य उपभोक्ता हैं। जिन लोगों ने ई-केवाईसी नहीं कराया है, उनमें अधिकतर उज्ज्वला योजना के उपभोक्ता हैं।
वर्जन
एक अक्तूबर से यह निर्देश आ गया है कि जिन लोगों ने ई-केवाईसी नहीं कराया है। वे ऑनलाइन बुकिंग नहीं करा सकेंगे। जब वे ई-केवाईसी करा लेंगे तो उनकी सुविधा बहाल हो जाएगी।
एके वर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक इंडियन ऑयल
प्रतिक्रिया
व्यावसायिक सिलिंडर बार-बार महंगा हो रहा है। इससे चाय पान व इसी प्रकार के व्यवसाय करने वाले प्रभावित होंगे।
लक्ष्मण कुमार, मिर्जापुर
रोज कमाने वाले खाने वालों के लिए व्यावसायिक सिलिंडर के महंगा होने से काफी असर पड़ेगा, खाने पीने की चीजें महंगी हो जाएंगी।
सुधाकर सिंह, मिर्जापुर
घरेलू सिलिंडर को दुकानों के लिए पहले ही मना कर दिया गया है। व्यावसायिक सिलिंडर इतना महंगा हो गया है कि खरीदना मुश्किल है।
श्याम सुंदर सिंह, मिर्जापुर
अब लगता है कि फिर से कोयले या लकड़ी की शरण में जाना होगा। अब तो वह भी आसानी से नहीं मिलता है।
दिनेश कुमार, मिर्जापुर
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85000 गैस उपभोक्ता में से 20000 ने कराया ई-केवाईसी
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। जिले के 65000 गैस उपभोक्ता अब गैस सिलिंडर के लिए ऑनलाइन बुकिंग नहीं करा सकेंगे। उनको या तो व्यावसायिक या फिर छोटे सिलिंडर लेने होंगे। या फिर लकड़ी पर भोजन बनाना पड़ सकता है। ई-केवाईसी कराने के बाद उनकी ऑनलाइन सुविधा शुरू हो जाएगी।
तेल कंपनियों ने ग्राहकों की सूची में पारदर्शिता के लिए केंद्र सरकार के निर्देश पर ई-केवाईसी कराने का अभियान चलाया था। करीब पांच महीने पूर्व शुरू हुए अभियान की तिथि पहले भी दो बार बढ़ाई गई थी। उसके बाद अंतिम तिथि ई केवाईसी की अंतिम तारीख 30 सितंबर भी बीत गई है। उपभोक्ताओं को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई थी कि यदि 30 सितंबर तक उन्होंने ई-केवाईसी नहीं कराया तो ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा बंद हो जाएगी। फिर वह ई-केवाईसी के बाद ही शुरू होगी। जिले के 5. 50 लाख उपभोक्ताओं में से 85000 उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी नहीं कराया। इससे उनकी ऑनलाइन सुविधा बंद हो गई। इसके बाद लगभग 20 हजार उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी करा लिया लेकिन 65000 ने अभी भी अपनी ई केवाईसी नहीं कराई है।
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सबसे अधिक इंडियन ऑयल के हैं उपभोक्ता
जिले में 5.50 लाख उपभोक्ताओं में से सबसे अधिक उपभोक्ता इंडियन ऑयल के हैं। उनकी संख्या 3.15 लाख के करीब है। इसके बाद हिंदुस्तान पेट्रोलियम व भारत गैस के उपभोक्ता हैं। जो जिले के 50 वितरकों के माध्यम से गैस सिलिंडर की सुविधा प्राप्त करते हैं। इन सभी उपभोक्ताओं के लिए यह दिशा निर्देश है कि जिन्होंने ई-केवाईसी नहीं कराया है, वे जब ई-केवाईसी कराएंगे तो ही उनकी सुविधा शुरू होगी।
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नौ महीने में 1270 रुपये महंगा हो गया कॉमर्शियल सिलिंडर
साल की शुरुआत में जो कॉमर्शियल सिलिंडर 1684 रुपये था, अभी उसकी कीमत 2954 रुपये हो गई है। नौ महीने में व्यावसायिक सिलिंडर पूरे 1270 रुपये महंगा हो गया है। इस वर्ष अप्रैल में भी व्यावसायिक गैस सिलिंडर की कीमतें बढ़ाई गई थीं। पश्चिम एशिया में संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा आपूर्ति में रुकावट के बीच, तेल मार्केटिंग कंपनियों ने उस समय कीमतें 195.50 से 214 रुपये तक बढ़ाई थीं। मई में कीमतें फिर बढ़ाई गईं, जिसमें एक ही बार में प्रति सिलिंडर 993 रुपये की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद जून में 42 रुपये की बढ़ोतरी हुई। एक जुलाई 2026 को तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले व्यावसायिक सिलिंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कटौती की। अगस्त में भी व्यावसायिक सिलिंडरों की कीमतों में बड़ी कटौती हुई। सितंबर में कीमत 9.50 रुपये बढ़ी। अब बृहस्पतिवार से व्यावसायिक सिलिंडर की कीमत 70 रुपये और बढ़ गई है। अब इसका दाम 2954 रुपये प्रति सिलिंडर बताया जा रहा है।
जिले में 3.05 लाख हैं उज्ज्वला उपभोक्ता
जिले में एलपीजी के 5. 50 लाख उपभोक्ताओं में से 3. 05 लाख उपभोक्ता उज्ज्वला योजना के हैं। साथ ही 2. 45 लाख सामान्य उपभोक्ता हैं। जिन लोगों ने ई-केवाईसी नहीं कराया है, उनमें अधिकतर उज्ज्वला योजना के उपभोक्ता हैं।
वर्जन
एक अक्तूबर से यह निर्देश आ गया है कि जिन लोगों ने ई-केवाईसी नहीं कराया है। वे ऑनलाइन बुकिंग नहीं करा सकेंगे। जब वे ई-केवाईसी करा लेंगे तो उनकी सुविधा बहाल हो जाएगी।
एके वर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक इंडियन ऑयल
प्रतिक्रिया
व्यावसायिक सिलिंडर बार-बार महंगा हो रहा है। इससे चाय पान व इसी प्रकार के व्यवसाय करने वाले प्रभावित होंगे।
लक्ष्मण कुमार, मिर्जापुर
रोज कमाने वाले खाने वालों के लिए व्यावसायिक सिलिंडर के महंगा होने से काफी असर पड़ेगा, खाने पीने की चीजें महंगी हो जाएंगी।
सुधाकर सिंह, मिर्जापुर
घरेलू सिलिंडर को दुकानों के लिए पहले ही मना कर दिया गया है। व्यावसायिक सिलिंडर इतना महंगा हो गया है कि खरीदना मुश्किल है।
श्याम सुंदर सिंह, मिर्जापुर
अब लगता है कि फिर से कोयले या लकड़ी की शरण में जाना होगा। अब तो वह भी आसानी से नहीं मिलता है।
दिनेश कुमार, मिर्जापुर