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गांवों में घुसा गंगा का पानी, पलायन शुरू
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Thu, 18 Aug 2016 11:57 PM IST
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बाढ़ में डूबा घाट
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गंगा का पानी गुरुवार की शाम खतरे के निशान से महज आधा मीटर से भी दूर था। उसमें तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से बढ़त जारी है। बाढ़ का पानी चुनार व सदर तहसील के कई गांवों में घुस गया है जबकि जिले के 300 गांव कभी भी बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। इन गांवों के निवासियों की नींद उड़ गई है और पलायन शुरू हो गया है। 36 से ज्यादा गांवों के लोग सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं।
लगातार हो रही बारिश के चलते मेजा व अदवां बांध भर गया हैं। दोनों बांधों में पानी का अधिक लोड बढ़ने पर बुधवार को लगभग नौ हजार क्यूसेेक पानी छोड़ दिया गया। इससे देर रात गंगा में उफान आ गया। सुबह होते-होते सदर व चुनार तहसील के छानबे, कोन, मझवां, पहाड़ी, सीखड़, नरायनपुर समेत अन्य ब्लाकों के गांवों में पानी घुस गया। इससे अफरातफरी मच गई। लोग सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे।
गंगा का जलस्तर गुरुवार की शाम को 77.220 मीटर था, जो खतरे के निशान 77.724 से आधा मीटर नीचे है। तीन सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गंगा बढ़त जारी है। ऐसे में पानी किसी भी क्षण तटवर्ती गांवों में प्रवेश कर सकता है। इस आशंका को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को एलर्ट कर दिया है। गंगा का तेवर देख चील्ह के हरिसिंगपुर और आसपास के गांवों के लोग रतजगा कर रहे हैं। ये गांव सबसे नीचे हैं और जरा सा पानी बढ़ते ही यह डूब जाते हैं। इससे इन गांवों में चौबीस घंटे बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
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फिलहाल अधिकारी व कर्मचारी बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगाह बनाए हुए हैं। जिलाधिकारी ने खुद बाढ़ चौकियों का निरीक्षण किया और सतर्क रहने की हिदायत दी। डीएम राजेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है। बाढ़ चौकियों पर तैनात अधिकारियों को हमेशा मौजूद रहने को कहा गया है। इसमें कोताही बरदाश्त नहीं की जाएगी।
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लगातार हो रही बारिश के चलते मेजा व अदवां बांध भर गया हैं। दोनों बांधों में पानी का अधिक लोड बढ़ने पर बुधवार को लगभग नौ हजार क्यूसेेक पानी छोड़ दिया गया। इससे देर रात गंगा में उफान आ गया। सुबह होते-होते सदर व चुनार तहसील के छानबे, कोन, मझवां, पहाड़ी, सीखड़, नरायनपुर समेत अन्य ब्लाकों के गांवों में पानी घुस गया। इससे अफरातफरी मच गई। लोग सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे।
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गंगा का जलस्तर गुरुवार की शाम को 77.220 मीटर था, जो खतरे के निशान 77.724 से आधा मीटर नीचे है। तीन सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गंगा बढ़त जारी है। ऐसे में पानी किसी भी क्षण तटवर्ती गांवों में प्रवेश कर सकता है। इस आशंका को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को एलर्ट कर दिया है। गंगा का तेवर देख चील्ह के हरिसिंगपुर और आसपास के गांवों के लोग रतजगा कर रहे हैं। ये गांव सबसे नीचे हैं और जरा सा पानी बढ़ते ही यह डूब जाते हैं। इससे इन गांवों में चौबीस घंटे बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
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फिलहाल अधिकारी व कर्मचारी बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगाह बनाए हुए हैं। जिलाधिकारी ने खुद बाढ़ चौकियों का निरीक्षण किया और सतर्क रहने की हिदायत दी। डीएम राजेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है। बाढ़ चौकियों पर तैनात अधिकारियों को हमेशा मौजूद रहने को कहा गया है। इसमें कोताही बरदाश्त नहीं की जाएगी।