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पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे बढ़ रही गंगा, रौद्र रुप से बढ़ा बाढ़ का खतरा
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तटवर्ती इलाकों में अधिकांश घर पानी से घिरे, फसलें हुई जलमग्न
पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही गंगा, रौद्र रुप से बढ़ा बाढ़ का खतरा
पक्काघाट व नारघाट के आसपास कई सीढि़यों समेत छोटे-छोटे मंदिर डूबे
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। प्रति घंटे पांच सेंटीमीटर बढ़ रहे गंगा में पानी से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। शुक्रवार को तटवर्ती इलाकों का रुख होने से कई घर व मकान जहां पानी से घिर गए हैं वहीं फसलें पानी में डूब जाने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। बुधवार को गंगा का जलस्तर 75.470 मीटर पहुंच गया है।
नदी और नाले के सहारे घिरते गांव को देखकर निचले इलाकों के लोग सुरक्षित ठिकानों की तलाश में जुटे रहे। नगर में प्रति घंटे दो घंटे के अंतराल में एक के बाद एक घाटो की डूबती सीढि़यों को देखकर लोग हैरत में हैं। बाढ़ का नजारा देखने के लिए गंगा के दोनों किनारों पर सुबह, शाम लोगों का हुजूम उमड़ रहा है। नगर के पक्काघाट व नारघाट के आसपास कई सीढि़यों समेत छोटे-छोटे मंदिर पानी से डूब गए हैं। लोगों ने आशंका जताई कि यदि इसी तरह से गंगा बढ़ती रहीं तो आने वाले दिनों में बाढ़ से काफी क्षति से इनकार नहीं किया जा सकता है।
इनसेट
बाढ़ के पानी घिरा अंत्येष्टि स्थल, शव जलाने में हो रही असुविधा
चील्ह। विकास खंड कोन के पुराने बाडा स्थित गंगा घाट पर बना अंतर्राज्यीय अंत्येष्टि स्थल बाढ़ के पानी से घिर गया। बुधवार को शव जलाने में लोगों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ा। कई तो नाव के सहारे शव व लकडि़यों के साथ पहुंचकर क्रियाक्रम में जुटे रहे।
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इनसेट
बाढ़ से अकोढ़ी-बबुरा मार्ग बंद, नौका संचालन की मांग
जिगना। गंगा नदी का जल स्तर बढने से अकोढी- बबुरा मार्ग बंद हो गया है। जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
बतादें कि अकोढी- बबुरा मार्ग पर कर्णावती नदी पर बने पुल पर पानी आ जाने से अकोढी, चौखठ सहित बबुरा, जोपा, दत्तीपट्टी, थानीपट्टी, उंचडीह, अधवार आदि गांवों के लोगों का आवागमन शुक्रवार से बंद हो गया। प्रमुख सुमन सिंह, अवधराज सिंह, ग्राम प्रधान अकोढी सतीश चंद तिवारी, बबुरा प्रधान आनंदमोहन सिंह, विनोद कुमार पांडेय आदि ने कर्णावती नदी में तत्काल नाव संचालन कराने की जिलाधिकारी से मांग की है।
इनसेट
चुनार में सहमे तटवर्ती इलाके में बसे लोग
चुनार। गंगा के निरंतर बढ़ते जल स्तर के चलते तटवर्ती इलाके में बसे लोगों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। लोग अपनी रिहायशी मकान के साथ ही मवेशियों के चारा पानी आदि के बारे में सोचकर चिंतित होने लगे हैं।
चुनार तहसील क्षेत्र अंतर्गत भौरहीं, धौरहरा, समसपुर, टम्मलगंज, बहरामगंज, ऐबकपुर मोहाना, चितरहा, गांगपुर, धरम्मरपुर, बगही, जलालपुर माफी, शिवपुर, रैपुरिया आदि बाढ़ प्रभावित गांव है। बाढ़ के मद्देनजर प्रभावित इलाके के लोग अभी से ही अपने रिहायशी के साथ ही मवेशियों के चारा पानी की व्यवस्था बनाने में जुट गए हैं। शुक्रवार की सुबह गंगा के बढ़ते जल स्तर के चलते संतोषी माता मंदिर घाट की रेलिंग व किला घाट स्थित साहित्य संत धाम की सीढ़ी तक पानी पहुंच गया है।
चुनार में बाढ़ चौकियों को किया गया सतर्क
चुनार। बाढ़ के मद्देनजर तहसील प्रशासन की ओर से बाढ़ चौकियों को शुक्रवार को सतर्क कर दिया गया। जोगवा, खेमई बरी, बहुआर, ओढ़ी, डवक, विक्सी, पसियाही, डोमनपुर, खैरा, रामगढ़ कला, सीखड, मगरहां, मोइनुद्दीनपुर, अदलपुरा, टेकौर, जलालपुर माफी, बगही गांगपुर, भवानीपुर, नकहरा , पचेवरा दर्रा, शेरपुर सहित कुल 23 बाढ़ चौकियां गांव के प्राथमिक विद्यालय, पंचायत भवन में स्थापित की गयी है। तहसीलदार अरूण कुमार गिरि ने बताया कि सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। आवश्यकता अनुसार जरूरतमदों को सहयोग मुहैया करायी जाएगी। उन्होंने बताया कि गंगा में सात सेंटीमीटर प्रति घंटा बढ़ाव हो रहा है।
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पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही गंगा, रौद्र रुप से बढ़ा बाढ़ का खतरा
पक्काघाट व नारघाट के आसपास कई सीढि़यों समेत छोटे-छोटे मंदिर डूबे
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। प्रति घंटे पांच सेंटीमीटर बढ़ रहे गंगा में पानी से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। शुक्रवार को तटवर्ती इलाकों का रुख होने से कई घर व मकान जहां पानी से घिर गए हैं वहीं फसलें पानी में डूब जाने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। बुधवार को गंगा का जलस्तर 75.470 मीटर पहुंच गया है।
नदी और नाले के सहारे घिरते गांव को देखकर निचले इलाकों के लोग सुरक्षित ठिकानों की तलाश में जुटे रहे। नगर में प्रति घंटे दो घंटे के अंतराल में एक के बाद एक घाटो की डूबती सीढि़यों को देखकर लोग हैरत में हैं। बाढ़ का नजारा देखने के लिए गंगा के दोनों किनारों पर सुबह, शाम लोगों का हुजूम उमड़ रहा है। नगर के पक्काघाट व नारघाट के आसपास कई सीढि़यों समेत छोटे-छोटे मंदिर पानी से डूब गए हैं। लोगों ने आशंका जताई कि यदि इसी तरह से गंगा बढ़ती रहीं तो आने वाले दिनों में बाढ़ से काफी क्षति से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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बाढ़ के पानी घिरा अंत्येष्टि स्थल, शव जलाने में हो रही असुविधा
चील्ह। विकास खंड कोन के पुराने बाडा स्थित गंगा घाट पर बना अंतर्राज्यीय अंत्येष्टि स्थल बाढ़ के पानी से घिर गया। बुधवार को शव जलाने में लोगों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ा। कई तो नाव के सहारे शव व लकडि़यों के साथ पहुंचकर क्रियाक्रम में जुटे रहे।
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बाढ़ से अकोढ़ी-बबुरा मार्ग बंद, नौका संचालन की मांग
जिगना। गंगा नदी का जल स्तर बढने से अकोढी- बबुरा मार्ग बंद हो गया है। जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
बतादें कि अकोढी- बबुरा मार्ग पर कर्णावती नदी पर बने पुल पर पानी आ जाने से अकोढी, चौखठ सहित बबुरा, जोपा, दत्तीपट्टी, थानीपट्टी, उंचडीह, अधवार आदि गांवों के लोगों का आवागमन शुक्रवार से बंद हो गया। प्रमुख सुमन सिंह, अवधराज सिंह, ग्राम प्रधान अकोढी सतीश चंद तिवारी, बबुरा प्रधान आनंदमोहन सिंह, विनोद कुमार पांडेय आदि ने कर्णावती नदी में तत्काल नाव संचालन कराने की जिलाधिकारी से मांग की है।
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चुनार में सहमे तटवर्ती इलाके में बसे लोग
चुनार। गंगा के निरंतर बढ़ते जल स्तर के चलते तटवर्ती इलाके में बसे लोगों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। लोग अपनी रिहायशी मकान के साथ ही मवेशियों के चारा पानी आदि के बारे में सोचकर चिंतित होने लगे हैं।
चुनार तहसील क्षेत्र अंतर्गत भौरहीं, धौरहरा, समसपुर, टम्मलगंज, बहरामगंज, ऐबकपुर मोहाना, चितरहा, गांगपुर, धरम्मरपुर, बगही, जलालपुर माफी, शिवपुर, रैपुरिया आदि बाढ़ प्रभावित गांव है। बाढ़ के मद्देनजर प्रभावित इलाके के लोग अभी से ही अपने रिहायशी के साथ ही मवेशियों के चारा पानी की व्यवस्था बनाने में जुट गए हैं। शुक्रवार की सुबह गंगा के बढ़ते जल स्तर के चलते संतोषी माता मंदिर घाट की रेलिंग व किला घाट स्थित साहित्य संत धाम की सीढ़ी तक पानी पहुंच गया है।
चुनार में बाढ़ चौकियों को किया गया सतर्क
चुनार। बाढ़ के मद्देनजर तहसील प्रशासन की ओर से बाढ़ चौकियों को शुक्रवार को सतर्क कर दिया गया। जोगवा, खेमई बरी, बहुआर, ओढ़ी, डवक, विक्सी, पसियाही, डोमनपुर, खैरा, रामगढ़ कला, सीखड, मगरहां, मोइनुद्दीनपुर, अदलपुरा, टेकौर, जलालपुर माफी, बगही गांगपुर, भवानीपुर, नकहरा , पचेवरा दर्रा, शेरपुर सहित कुल 23 बाढ़ चौकियां गांव के प्राथमिक विद्यालय, पंचायत भवन में स्थापित की गयी है। तहसीलदार अरूण कुमार गिरि ने बताया कि सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। आवश्यकता अनुसार जरूरतमदों को सहयोग मुहैया करायी जाएगी। उन्होंने बताया कि गंगा में सात सेंटीमीटर प्रति घंटा बढ़ाव हो रहा है।