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आक्सजीन प्लांट से लेकर वेंटीलेटर की सुविधा बढ़ी
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मिर्जापुर। कोविड की पहली और दूसरी लहर के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में काफी विस्तार हुआ। हालात से निपटने के लिए जिले में चार आक्सीजन प्लांट लगे। साथ ही एल-टू अस्पताल में वेंटीलेटर की सुविधा हुई। इसके अलावा जिले की चार सीएचसी पर भी 30 बेड कोविड वार्ड बने। बच्चों के लिए अलग वार्ड बनाए गए।
कोविड के प्रथम संक्रमण में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर नहीं थी। विंध्याचल सीएचसी में 30 बेड और ट्रामा सेंटर एल-टू में 50 बेड थे। दूसरा संक्रमण फैलने पर व्यवस्थाएं यथावत रहीं। इस दौर में होम आईसोलेशन शुरू हो गया था, पर आक्सीजन को लेकर हाहाकार मच गया था। इसके बाद स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बढ़ाया गया। तीसरी लहर से पहले विंध्याचल के अलावा तीन अन्य सीएचसी पर 30 बेड का कोविड वार्ड बनाया गया। यहां पर बच्चों के लिए 10 बेड का वार्ड अलग से बना। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि ट्रामा सेंटर की क्षमता को 50 बेड से बढ़ाकर 100 बेड किया गया। 28 वेंटीलेटर लगाए गए। 40 आक्सीजन कंसंट्रेटर लगाए गए। चारों सीएचसी पर भी 40 से 50 आक्सीजन कंसंट्रेटर की सुविधा उपलब्ध कराई गई। दो वेंटीलेटर और आईसीयू बेड उपलब्ध कराए गए। चार आक्सीजन प्लांट लगाए गए। इसमें मंडलीय अस्पताल में 300 लीटर प्रति मिनट, ट्रामा सेंटर के पास 250 लीटर प्रति मिनट, विंध्याचल में 330 लीटर प्रति मिनट, महिला अस्पताल में 900 लीटर प्रति मिनट क्षमता के आक्सीजन प्लांट लगाए गए। तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमण की आशंका को देखते हर पीएचसी पर एक डाक्टर को ट्रेनिंग दी गई थी। फिलहाल तीसरे संक्रमण में ऐसा कुछ नहीं हुआ।
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कोविड के प्रथम संक्रमण में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर नहीं थी। विंध्याचल सीएचसी में 30 बेड और ट्रामा सेंटर एल-टू में 50 बेड थे। दूसरा संक्रमण फैलने पर व्यवस्थाएं यथावत रहीं। इस दौर में होम आईसोलेशन शुरू हो गया था, पर आक्सीजन को लेकर हाहाकार मच गया था। इसके बाद स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बढ़ाया गया। तीसरी लहर से पहले विंध्याचल के अलावा तीन अन्य सीएचसी पर 30 बेड का कोविड वार्ड बनाया गया। यहां पर बच्चों के लिए 10 बेड का वार्ड अलग से बना। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि ट्रामा सेंटर की क्षमता को 50 बेड से बढ़ाकर 100 बेड किया गया। 28 वेंटीलेटर लगाए गए। 40 आक्सीजन कंसंट्रेटर लगाए गए। चारों सीएचसी पर भी 40 से 50 आक्सीजन कंसंट्रेटर की सुविधा उपलब्ध कराई गई। दो वेंटीलेटर और आईसीयू बेड उपलब्ध कराए गए। चार आक्सीजन प्लांट लगाए गए। इसमें मंडलीय अस्पताल में 300 लीटर प्रति मिनट, ट्रामा सेंटर के पास 250 लीटर प्रति मिनट, विंध्याचल में 330 लीटर प्रति मिनट, महिला अस्पताल में 900 लीटर प्रति मिनट क्षमता के आक्सीजन प्लांट लगाए गए। तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमण की आशंका को देखते हर पीएचसी पर एक डाक्टर को ट्रेनिंग दी गई थी। फिलहाल तीसरे संक्रमण में ऐसा कुछ नहीं हुआ।
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