{"_id":"666cbb30ed5932a17d0e70a4","slug":"first-hit-by-car-then-crushed-by-pickup-and-took-life-mirzapur-news-c-192-1-svns1035-117615-2024-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mirzapur News: पहले कार से मारी टक्कर, फिर पिकअप से रौंदकर ली जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mirzapur News: पहले कार से मारी टक्कर, फिर पिकअप से रौंदकर ली जान
विज्ञापन
मिर्जापुर। लालगंज के लहंगपुर निवासी पंचायत मित्र की हादसे में संदिग्ध मौत मामले का पुलिस ने शुक्रवार को सनसनीखेज खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने गांव के प्रधान और हत्या में शामिल चार अन्य को गिरफ्तार किया है। हत्या में प्रयुक्त कार और पिकअप को भी बरामद किया। ग्राम प्रधान के अनैतिक कार्य में पंचायत मित्र के बाधा बनने पर पिकअप से टक्कर से बाद कार चढ़ाकर पंचायत मित्र की हत्या की गई थी। मामले का खुलासा एएसपी ऑपरेशन ओपी सिंह और सीओ लालगंज शैलेंद्र त्रिपाठी ने शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में किया।
पांच जून को पंचायत मित्र राजीव कुमार मौर्य की संदिग्ध परिस्थितियों में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। जिसके बाद मृतक के भाई संजय कुमार मौर्य ने थाने में तहरीर देकर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत पांच हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच में जुटी थी।
पुलिस की छानबीन में आया कि पंचायत मित्र की ग्राम प्रधान मड़वा नेवादा रामनरेश मौर्य से नहीं पट रही थी। सीओ लालगंज शैलेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस जांच में जुटी, तो पंचायत मित्र की बाइक का पीछा करते एक पिकअप और एक कार दिखाई दी। कार पर महादेव लिखा और शिवलिंग बना था। आगे टोल प्लाजा से कार पार नहीं की गई। इसके बाद आरटीओ की मदद से लालगंज क्षेत्र में टीयूवी कार की तलाश की जाने लगी। पांच कार मिली। इसमें एक कार लालगंज खजुरी की मिली। जिस पर महादेव लिखा व शिवलिंग बना मिला। कार मालिक से पूछताछ की गई तो बताया कि पांच जून को चालक संतोष मौर्य भाड़े पर गाड़ी लेेकर गया था। कार का बोनट बदला गया और डेंट पाया गया। चालक संतोष से पूछताछ की गई तो उसने हत्या का सारा राज बताया। जिस दुकान पर गाड़ी की मरम्मत हुई। वहां से गाड़ी का पुराना सामान बरामद हुआ। जिसका कुछ हिस्सा घटना स्थल पर मिला था। इसके बाद ग्राम प्रधान रामनरेश मौर्य, उसके सगे साले सतीश मौर्य निवासी रामगढ़ थाना बलुआ जनपद चन्दौली, कार चालक संतोष कुमार मौर्य निवासी डांगरकेरी, भाई के साले दिनेश मौर्य और शिवकुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। पता चला कि पंचायत मित्र राजीव कुमार मौर्य द्वारा ग्राम प्रधान रामनरेश मौर्य के मनरेगा योजना में किए जा रहे अनैतिक कार्यों में विरोध व हस्तक्षेप किया जाता था। पूर्व में ग्राम प्रधान रामनरेश व राजीव कुमार मौर्य में इसी बात को लेकर वाद-विवाद, गाली-गलौज व मारपीट भी हो चुकी थी। ग्राम सभा से अवैध कमाई नहीं होने से क्षुब्ध होकर ग्राम प्रधान रामनरेश ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या कराई थी। पुलिस ने पांचों आरोपियों को जेल भेज दिया। प्रधान के भाई प्रमोद की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पांच जून को पंचायत मित्र राजीव कुमार मौर्य की संदिग्ध परिस्थितियों में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। जिसके बाद मृतक के भाई संजय कुमार मौर्य ने थाने में तहरीर देकर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत पांच हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच में जुटी थी।
विज्ञापन
पुलिस की छानबीन में आया कि पंचायत मित्र की ग्राम प्रधान मड़वा नेवादा रामनरेश मौर्य से नहीं पट रही थी। सीओ लालगंज शैलेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस जांच में जुटी, तो पंचायत मित्र की बाइक का पीछा करते एक पिकअप और एक कार दिखाई दी। कार पर महादेव लिखा और शिवलिंग बना था। आगे टोल प्लाजा से कार पार नहीं की गई। इसके बाद आरटीओ की मदद से लालगंज क्षेत्र में टीयूवी कार की तलाश की जाने लगी। पांच कार मिली। इसमें एक कार लालगंज खजुरी की मिली। जिस पर महादेव लिखा व शिवलिंग बना मिला। कार मालिक से पूछताछ की गई तो बताया कि पांच जून को चालक संतोष मौर्य भाड़े पर गाड़ी लेेकर गया था। कार का बोनट बदला गया और डेंट पाया गया। चालक संतोष से पूछताछ की गई तो उसने हत्या का सारा राज बताया। जिस दुकान पर गाड़ी की मरम्मत हुई। वहां से गाड़ी का पुराना सामान बरामद हुआ। जिसका कुछ हिस्सा घटना स्थल पर मिला था। इसके बाद ग्राम प्रधान रामनरेश मौर्य, उसके सगे साले सतीश मौर्य निवासी रामगढ़ थाना बलुआ जनपद चन्दौली, कार चालक संतोष कुमार मौर्य निवासी डांगरकेरी, भाई के साले दिनेश मौर्य और शिवकुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। पता चला कि पंचायत मित्र राजीव कुमार मौर्य द्वारा ग्राम प्रधान रामनरेश मौर्य के मनरेगा योजना में किए जा रहे अनैतिक कार्यों में विरोध व हस्तक्षेप किया जाता था। पूर्व में ग्राम प्रधान रामनरेश व राजीव कुमार मौर्य में इसी बात को लेकर वाद-विवाद, गाली-गलौज व मारपीट भी हो चुकी थी। ग्राम सभा से अवैध कमाई नहीं होने से क्षुब्ध होकर ग्राम प्रधान रामनरेश ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या कराई थी। पुलिस ने पांचों आरोपियों को जेल भेज दिया। प्रधान के भाई प्रमोद की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन