UP: विंध्यवासिनी धाम के दान पेटिका में लगी आग, जले नोटों का आकलन कर रही राजस्व टीम; सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
Mirzapur News: विंध्यवासिनी धाम में दान पेटिका में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। दान पेटिका से धुआं उठता देख मंदिर प्रशासन और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे तथा आग पर काबू पाया। प्रारंभिक जांच में श्रद्धालुओं द्वारा जलाए गए अगरबत्ती और कपूर से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। राजस्व टीम क्षतिग्रस्त नोटों का आकलन कर रही है।
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Vindhyachal Temple: मां विंध्यवासिनी धाम में बुधवार को एक बड़ी दुर्घटना होते-होते टल गई। परिक्रमा पथ प्रांगण स्थित 18 नंबर दान पेटिका से अचानक धुआं उठने लगा, जिससे मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों में हड़कंप मच गया। उस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन-पूजन के लिए कतार में खड़े थे, जबकि कई श्रद्धालु दर्शन कर मंदिर से बाहर निकल रहे थे। इससे दर्शनार्थियों की सुरक्षा पर एक बार फिर से प्रश्नचिन्ह लग गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दान पेटिका के ऊपर श्रद्धालुओं द्वारा अगरबत्ती और कपूर जलाए गए थे। आशंका है कि उसी की चिंगारी दान पेटिका के भीतर पहुंचने से वहां रखे नोटों और अन्य सामग्री सुलगनी शुरू हो गई। कुछ ही देर में पेटिका से धुआं निकलने लगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर छोटे अग्निशमन सिलेंडर की मदद से आग पर काबू पा लिया।
पुलिस और मंदिर प्रशासन की तत्परता से आग फैलने नहीं पाई और कोई जनहानि नहीं हुई। यदि समय रहते कार्रवाई न होती तो दर्शनार्थियों की भारी भीड़ के बीच बड़ा हादसा हो सकता था। इस समय गर्मी का अवकाश चल रहा है और पुरुषोत्तम मास भी चल रहा है। इससे प्रतिदिन मंदिर में दर्शनार्थियों का बड़ी संख्या में आवागमन हो रहा है।
पहले भी लग चुकी है झांकी में आग
मंदिर परिसर में आग लगने की यह कोई नई घटना नहीं है। इसके पहले लॉकडाउन से पूर्व भी मंदिर की झांकी में आग लग चुकी है। एक- दो वर्ष पूर्व मंदिर के पास विद्युत के पैनल में भी आग लग चुकी है। इन सबके मद्देनजर मंदिर प्रशासन द्वारा एंट्रेंस प्लाजा, परिक्रमा पथ, मंदिर प्रांगण सहित विभिन्न स्थानों पर अग्निशमन सिलेंडर और सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं। बुधवार की घटना में यही व्यवस्था प्रभावी साबित हुई। घटना के बाद राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर दान पेटिका में रखे आग से प्रभावित नोटों और अन्य सामग्री का आकलन करने में जुट गई।
अधिकारियों द्वारा क्षतिग्रस्त मुद्रा की गणना की जा रही है तथा नुकसान का विवरण तैयार किया जा रहा है। यह घटना धार्मिक स्थलों पर अग्नि सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि दान पेटिकाओं और अन्य संवेदनशील स्थानों के आसपास अगरबत्ती, दीपक और कपूर जलाने पर नियंत्रण तथा जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके।
आग बुझाते ही तत्काल दान पेटिका खुलवाकर शुरु हुई नोटों की गणना
विंध्याचल। मां विंध्यवासिनी मंदिर परिक्रमा पथ पर लगे दान पेटिका में बुधवार की सुबह धुआं उठने व तैनात पुलिसकर्मियों के द्वारा आग बुझाने के बाद सूचना सिटी मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह के निर्देश पर नायब तहसीलदार सदर गरिमा यादव ने राजस्वकर्मी के साथ मंदिर प्रांगण पहुंचे तथा दान पेटिका खोला गया। साथ ही मंदिर छत पर दान पेटिका से निकले नोटों की गणना शुरु हो गई। श्री विंध्य पंडा समाज के मुताबिक दान पात्र में पड़े धन को कोई नुकसान नहीं हुआ। समाचार लिखे जाने तक गणना चलता रहा।
दान पेटिका में कोई आग नहीं लगी थी। इसके समीप कुछ श्रद्धालु द्वारा दीपक जलाया गया था। पैसा डालने के लिए दो तरफ छेदा था, एक तरफ धुआं प्रवेश कर दूसरे छिद्र से बाहर आ रहा था। जिसे देखकर वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी तत्काल आग बुझा दिए। तत्काल दानपात्र खुलवाया गया उसमें पड़े धन सुरक्षित हैं। जिसकी गणना कराई जा रही है। - पंकज द्विवेदी, अध्यक्ष, श्री विंध्य पंडा समाज विंध्याचल।