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Mirzapur News: वित्तीय वर्ष बीता, बजट के बाद भी बिजली निगम में 35 फीसदी काम नहीं हुए

Mon, 02 Jun 2025 12:40 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 02 Jun 2025 12:40 AM IST
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Financial year has passed, even after the budget 35% work has not been done in the power corporation
मिर्जापुर। जिले में विद्युत निगम में बजट के बाद भी 35 फीसदी काम नहीं हुए। वित्तीय वर्ष बीतने के बाद भी मात्र 65 फीसदी काम हो सका है। वर्ष 2024- 25 के लिए 24 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ था। इससे कुल 417 कार्य होने थे।
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इसमें ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि, नई लाइनों का निर्माण, जर्जर खंभे और तार बदले जाने थे। ग्रामीण क्षेत्रों की तो बात ही अलग है जबकि नगर में ही 40 से अधिक जर्जर खंभों को बदलने का काम पूरा नहीं हो सका। ये खंभे महीनों से नगर की सड़कों पर तेज धूप और बारिश सहकर जर्जर हो रहे हैं। शहर में वासलीगंज में पांच, पुरानी दशमी में दो, बुंदेलखंडी में चार, रामबाग में दो, पुलिस लाइन रोड पर तीन सहित 40 खंभे बदले जाने थे। इसके साथ ही विद्युत वितरण खंड के सखौरा, जेलरोड, सिविल लाइन और वीरपुर उपकेंद्र के ट्रांफॉर्मर बदले जाने थे। इन्हें पांच एमवीए से 10 एमवीए कर दिया गया है। नगर क्षेत्र में 69 जर्जर लाइनों को बदलने का काम किया जाना था जो अभी पूरा नहीं हो सका है। अभी भी काम चल रहा है। कई जगहों पर लाइनों को बांटने का भी काम किया जा रहा है जो अभी अधूरा है। विद्युत वितरण खंड प्रथम में 64 काम कराए जाने थे जो पूरे नहीं हो सके हैं। इन कार्यों के लिए 5 करोड़ 25 लाख रुपये का बजट था। इसमें से 11 केवी लाइन के 9 काम कराए जाने थे जिसमें से तीन बाकी रह गए हैं। इसी तरह से 37 वितरण क्षेत्रों में ट्रांसफाॅर्मर लगाए जाने थे जिनमें से अभी 12 शेष हैं। विद्युत वितरण खंड द्वितीय में कुल 243 काम कराए जाने थे। इन कार्यों के लिए 14.47 लाख रुपये का बजट था। इसमें चार विद्युत उपकेंद्रों की क्षमता में वृद्धि के अलावा 62 वितरण ट्रांसफॉर्मरों लगाने की बात कही गई थी। जो कि अभी तक पूरे नहीं हो सके हैं।
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ग्रामीण क्षेत्रों का हाल बेहाल
ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि भी नहीं हो पा रही है। ट्रांसफॉर्मर तो बदल दिए गए लेकिन अधिकांश वितरण क्षेत्रों में ट्रांसफॉर्मर नहीं बदले जा सके हैं। जिगना: हरगढ़ उपकेंद्र का पावर ट्रांसफॉर्मर पांच से 10 एमवीए कर दिया गया। जिगना उपकेंद्र का आठ से 10 एमवीए किया गया लेकिन क्षेत्र के ही पठखौली, कोसीपुर, बघेड़ा खुर्द, बौड़ई, नगवासी, पुरानी हरगढ़, श्रीनिवासधाम में ट्रांसफॉर्मर नहीं बदला जा सका है। कहीं 10 से 25 केवी होना था तो कही 25 से 63 या कहीं 100 से 250 केवी ट्रांसफॉर्मर की क्षमता होनी थी। इसी प्रकार पटेहरा ब्लॉक के दीपनगर पावर हाउस से संचालित पटेहरा कला, रामपुर, रेक्सा, बनकी, घोरी, सिरसी, लेदुकी, रामपुर अतरी, पथरौर, मझारी, गोहिया, नेवढ़िया, ककरद, अमोई पुरवा, मलुआ, लालापुर, कन्हईपुर समेत अधिकांश गांव में खंभे नहीं बदले जा सके हैं।
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वर्जन
बिजनेस प्लान के तहत 65 प्रतिशत कार्य पूरे हो चुके हैं जो कार्य शेष हैं वह भी तीव्र गति से हो रहे हैं। उनको भी शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा।
- रामदास, अधीक्षण अभियंता
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