लालगंज। बाणसागर परियोजना के मुख्य अभियंता विजय कुमार श्रीवास्तव ने बुधवार को लालगंज क्षेत्र के तेंदुआ सहित विभिन्न स्थानों पर मेजा–जरगो मुख्य नहर का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने जल प्रवाह की स्थिति और चल रहे मरम्मत कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों तक तय मात्रा में समय से पानी पहुंचे और इसमें किसी तरह की लापरवाही न हो। कहा कि नहर संचालन और निगरानी को लेकर विभागीय स्तर पर सख्ती बढ़ाई गई है। मुख्य नहर के साथ शाखा नहरों, उपरौध और रजबाहों पर विभागीय टीमें नियमित पेट्रोलिंग कर रही हैं। कहा कि जहां कहीं भी रिसाव या क्षति की स्थिति सामने आएगी तो वहां तत्काल मरम्मत कराई जाएगी। किसानों का कहना है कि पहले पानी की कमी से फसल अन्न व अवशेष पर्याप्त नहीं मिल पाते थे। इससे पुआल और भूसा बाजार से खरीदना पड़ता था। अब किसान भरपूर अन्न उत्पादन कर रहे हैं। रानीबारी, सहिरा, नेवढ़िया, अमहा और तिखोर गांव के किसानों ने बताया कि बाणसागर नहर से खेती को लेकर नया भरोसा पैदा हुआ है। मेढ़रा निवासी किसान गोविंद शरण और रमेश ने बताया कि पहले पानी की अनिश्चितता के कारण खेती घाटे का सौदा बनती जा रही थी लेकिन अब हालात बदल चुके हैं और कृषि से लाभ मिलने लगा है। खास बात है कि गर्मी के मौसम में जलस्तर बना रहेगा। इस दौरान विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बाणसागर पानी से गुर्गी में किसानों की फसल डूबी-हलिया। अदवा बैराज से बांध में लगातार एक सप्ताह तक बाणसागर का पानी छोड़े जाने से गुर्गी गांव में बोई गई गेंहू, चना, मटर सहित अन्य फसल डूबकर बर्बाद हो गई। रोष व्यक्त करते हुए पीड़ित किसानों ने सिंचाई विभाग से क्षतिपूर्ति दिए जाने की मांग की है। गुर्गी गांव निवासी धनंजय सिंह, भूप नारायण, बृजबिहारी राय, रामजी राय, रामचंद्र, राजेश्वर सिंह, छोटेलाल, रामजी राय, बाल गोविंद, श्याम किशोर, रामसागर, कृपा शंकर, रामलल्लू, रामजीत मौर्य सहित अन्य किसानों की लगभग पचास बीघा से अधिक गेंहू मटर की फसल अदवा बांध में पानी बढ़ने से जलमग्न हो गई। किसानों ने सिंचाई विभाग से फसलों की क्षतिपूर्ति दिए जाने की मांग की है। अवर अभियंता अदवा सिद्धार्थ यादव का कहना है मेजा नहर खराब होने से एक सप्ताह तक बाणसागर से 600 क्यूसेक पानी अदवा बांध में छोड़ा गया है। अब पानी मेजा बांध में जा रहा है।