मिर्जापुर: ट्रेन की चपेट में आने से किसान की मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने ट्रैक पर रखे पत्थर
किसान कॉरिडोर की नई रेललाइन को पार कर रहा था। इसी दौरान निर्माण सामग्री लेकर एक इंजन को अपनी ओर आता देख, बचने के प्रयास में दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गया।
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उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना की रेल लाइन पर गुरुवार की सुबह एक रेल इंजन की चपेट मे आने से एक किसान की मौत हो गई। किसान की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, मौत से से नाराज ग्रामीणों ने रेल ट्रैक पर पत्थर, बोल्डर रखकर जाम लगा दिया है।
जानकारी के जिगना थाना क्षेत्र के सुमतिया गांव निवासी(45) शिवजीत सिंह पुत्र स्व. रंगबहादुर सिंह गुरुवार की सुबह सवा छह बजे अपने पुराने घर से नए मकान पर आ रहे थे। वे कॉरिडोर के तहत बनी नई रेललाइन को पार कर रहे थे। तभी निर्माण सामग्री लेकर एक इंजन मांडारोड से जिगना की ओर जा रहा था।
शिवजीत ने इंजन को आता देख भागने की कोशिश की, तब तक रेल इंजन की चपेट में आ गए। इससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन शिवजीत को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सर्रोई गए। जहां पर चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। मृतक का एक पुत्र और चार पुत्रियां हैं। एक लड़की की शादी पांच दिन पूर्व हुई है। मृतक के भाई अजीत सिंह ने घटना की सूचना जिगना पुलिस को दी तो मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पांच दिन में 500 मीटर के बीच गई दो की जान
कॉरिडोर के लिए बन रही रेल लाइन चालू न होने के पहले ही पांच दिन में लगभग 500 मीटर की दूरी पर ही ठेकेदार के ट्रेन ने दो जान ले ली। इससे लोगों मे रोष है। 22 मई को पाली में चौकीदार रमेशचंद्र विश्वकर्मा की मौत ठेकेदार की ही रेल डीएमटी ट्रेन से हुई थी। वह ट्रेन पीछे की तरफ जा रही थी और हॉर्न भी नहीं बज रहा था। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस बार भी इंजन चालक ने हॉर्न नहीं बजाया।