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Mirzapur News: जुलाई से अपने भवन में संचालित हो सकता है इंजीनियरिंग काॅलेज
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मिर्जापुर। नगर के बथुआ के पास राजकीय पालिटेक्निक परिसर में निर्माणाधीन राजकीय इंजीनियरिंग काॅलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है। संभावना जताई जा रही है कि इसी वर्ष जुलाई माह से इसी इंजीनियरिंग काॅलेज की कक्षाएं अपने भवन में संचालित हो सकती हैं। अभी तक यहां की कक्षाएं सोनभद्र में संचालित हो रही हैं।
इस इंजीनियरिंग काॅलेज का निर्माण लगभग 15 वर्षों से हो रहा है। पहले इसका बजट 89 लाख रुपये निर्धारित किया गया था लेकिन बाद में निर्माण कार्य में विलंब होता गया और बजट बढ़ता गया। अब इसका पुनरीक्षित बजट लगभग 128 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। अच्छी बात यह है कि अब काॅलेज का कलेवर दिखाई देने लगा है। प्रशासनिक ब्लाॅक व अकादमिक ब्लाॅक लगभग तैयार है। कुछ काम हालांकि अभी शेष है लेकिन कहा जा रहा है कि जुलाई 2024 तक इसे पूरा कर लिया जायेगा। उसके बाद से यहां पर कक्षाएं चलायी जा सकती हैंं। वैसे तो इस संस्थान को पहले ही बन जाना चाहिए था लेकिन बार- बार बजट के अभाव में कार्य बाधित होता गया। इससे बजट भी बढ़ता गया और काम तो विलंबित होता ही गया। अब वर्तमान में कार्य ने गति पकड़ी है और कहा जा रहा है कि जुलाई तक काम पूरा होने की संभावना है। कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट प्रबंधक रमेश कुमार मौर्य ने कहा कि कार्य प्रगति पर है। काम तेजी से हो रहा है। शीघ्र ही पूरा होने की संभावना है। हालांकि कितनी प्रगति है, यह वे नहीं बता सके।
इंजीनियरिंग काॅलेज से होगी प्रगति
मिर्जापुर। जिले में इंजीनियरिंग काॅलेज के संचालित होने से हर क्षेत्र में प्रगति होगी। अन्य क्षेत्रों के विद्यार्थियों के आने से स्थानीय लोगों की जानकारी बढ़ेगी। विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ेगी। साथ ही आस पास के लोगों की आर्थिक प्रगति होगी। विद्यार्थी आएंगे, शिक्षक भी आयेंगे। जिससे आर्थिक प्रगति भी होगी।
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इस इंजीनियरिंग काॅलेज का निर्माण लगभग 15 वर्षों से हो रहा है। पहले इसका बजट 89 लाख रुपये निर्धारित किया गया था लेकिन बाद में निर्माण कार्य में विलंब होता गया और बजट बढ़ता गया। अब इसका पुनरीक्षित बजट लगभग 128 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। अच्छी बात यह है कि अब काॅलेज का कलेवर दिखाई देने लगा है। प्रशासनिक ब्लाॅक व अकादमिक ब्लाॅक लगभग तैयार है। कुछ काम हालांकि अभी शेष है लेकिन कहा जा रहा है कि जुलाई 2024 तक इसे पूरा कर लिया जायेगा। उसके बाद से यहां पर कक्षाएं चलायी जा सकती हैंं। वैसे तो इस संस्थान को पहले ही बन जाना चाहिए था लेकिन बार- बार बजट के अभाव में कार्य बाधित होता गया। इससे बजट भी बढ़ता गया और काम तो विलंबित होता ही गया। अब वर्तमान में कार्य ने गति पकड़ी है और कहा जा रहा है कि जुलाई तक काम पूरा होने की संभावना है। कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट प्रबंधक रमेश कुमार मौर्य ने कहा कि कार्य प्रगति पर है। काम तेजी से हो रहा है। शीघ्र ही पूरा होने की संभावना है। हालांकि कितनी प्रगति है, यह वे नहीं बता सके।
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इंजीनियरिंग काॅलेज से होगी प्रगति
मिर्जापुर। जिले में इंजीनियरिंग काॅलेज के संचालित होने से हर क्षेत्र में प्रगति होगी। अन्य क्षेत्रों के विद्यार्थियों के आने से स्थानीय लोगों की जानकारी बढ़ेगी। विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ेगी। साथ ही आस पास के लोगों की आर्थिक प्रगति होगी। विद्यार्थी आएंगे, शिक्षक भी आयेंगे। जिससे आर्थिक प्रगति भी होगी।
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