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तीन लाख लोगों पर है बिजली बिल बकाया
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प्रदेश सरकार की तरफ से विद्युत निगम के बकाएदारों के लिए एक मुश्त समाधान योजना शुरू की गई है, लेकिन इसका लाभ न तो बकाएदार उठा पाए हैं और न ही विभाग को इसका लाभ मिल पाया है। जिले में 302363 उपभोक्ताओं पर बिजली का बकाया है। इसमें से अब तक मात्र 25030 बकाएदार ही इस योजना का लाभ ले पाए हैं।
उपभोक्ताओं से बकाया जमा कराने के लिए सरकार की तरफ से 30 जून तक के लिए एक मुश्त समाधान योजना चलायी गई थी। हालांकि अब इसकी अंतिम तिथि अब बढ़ाकर 15 जुलाई कर दी गई है। बीते 30 जून तक जिले में मात्र 25030 बकाएदारों ने ही इस योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण कराया। बीते 30 अप्रैल को विद्युत निगम की तरफ से बकाएदारों की जो सूची जारी की गई थी, उसके अनुसार जिले के 302363 उपभोक्ताओं पर 716.88 करोड़ रुपये बकाया है। ओटीएस का लाभ लेने के लिए मात्र 25030 बकाएदारों ने पंजीकरण कराया। विभाग को उनसे 11.़16 करोड़ रुपये राजस्व की प्राप्ति हुई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बहुत से बिल त्रुटिपूर्ण होने के कारण लंबित रहते हैं। यदि समय रहते उन त्रुटियों को विभाग दूर कर दे तो बकाया की धनराशि बहुत कम हो सकती है। इसके लिए प्रत्येक सप्ताह उपकेंद्रों पर मेगा कैंप का आयोजन किया जाना चाहिए। उधर, नगर क्षेत्र में 17087 बकाएदार हैं। इन पर 75 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। ओटीएस का लाभ लेने के लिए नगर क्षेत्र के 3401 बकाएदारों ने पंजीकरण कराया। उनसे विभाग को दो करोड़ 33 लाख रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई है। जिले में नेवर पेड (कभी नहीं भुगतान करने वाले) बकाएदारों की संख्या ज्यादा है। इनमें से अधिकांश ने सौभाग्य योजना के तहत कनेक्शन भी लिया है। साथ ही कई ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने कनेक्शन लेने के बाद आज तक कभी बिल का भुगतान किया ही नहीं किया है। फिलहाल, जिले में ऐसे बकाएदारों की संख्या 197497 बताई जाती है। विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता राम बुझारत का कहना है कि अभी एक मुश्त समाधान योजना चल रही है। इसमें पंजीकरण कराकर बकाएदार किश्तों में भी भुगतान कर सकते हैं। इसके बाद विभाग बकाएदारों के खिलाफ कड़े कदम उठाकर बकाया वसूली करेगा। आरसी जारी कर वसूली हो सकती है।
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उपभोक्ताओं से बकाया जमा कराने के लिए सरकार की तरफ से 30 जून तक के लिए एक मुश्त समाधान योजना चलायी गई थी। हालांकि अब इसकी अंतिम तिथि अब बढ़ाकर 15 जुलाई कर दी गई है। बीते 30 जून तक जिले में मात्र 25030 बकाएदारों ने ही इस योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण कराया। बीते 30 अप्रैल को विद्युत निगम की तरफ से बकाएदारों की जो सूची जारी की गई थी, उसके अनुसार जिले के 302363 उपभोक्ताओं पर 716.88 करोड़ रुपये बकाया है। ओटीएस का लाभ लेने के लिए मात्र 25030 बकाएदारों ने पंजीकरण कराया। विभाग को उनसे 11.़16 करोड़ रुपये राजस्व की प्राप्ति हुई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बहुत से बिल त्रुटिपूर्ण होने के कारण लंबित रहते हैं। यदि समय रहते उन त्रुटियों को विभाग दूर कर दे तो बकाया की धनराशि बहुत कम हो सकती है। इसके लिए प्रत्येक सप्ताह उपकेंद्रों पर मेगा कैंप का आयोजन किया जाना चाहिए। उधर, नगर क्षेत्र में 17087 बकाएदार हैं। इन पर 75 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। ओटीएस का लाभ लेने के लिए नगर क्षेत्र के 3401 बकाएदारों ने पंजीकरण कराया। उनसे विभाग को दो करोड़ 33 लाख रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई है। जिले में नेवर पेड (कभी नहीं भुगतान करने वाले) बकाएदारों की संख्या ज्यादा है। इनमें से अधिकांश ने सौभाग्य योजना के तहत कनेक्शन भी लिया है। साथ ही कई ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने कनेक्शन लेने के बाद आज तक कभी बिल का भुगतान किया ही नहीं किया है। फिलहाल, जिले में ऐसे बकाएदारों की संख्या 197497 बताई जाती है। विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता राम बुझारत का कहना है कि अभी एक मुश्त समाधान योजना चल रही है। इसमें पंजीकरण कराकर बकाएदार किश्तों में भी भुगतान कर सकते हैं। इसके बाद विभाग बकाएदारों के खिलाफ कड़े कदम उठाकर बकाया वसूली करेगा। आरसी जारी कर वसूली हो सकती है।
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