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ईको टूरिज्म की संभावनाएं तलाशें
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मंडलायुक्त कार्यालय के सभागार में प्रेसवार्ता करते जिले के प्रभारी मंत्री दारा सिंह चौहान।
- फोटो : MIRZAPUR
मिर्जापुर। प्रदेश के वन, पर्यावरण एवं जंतु-उद्यान और जिले के प्रभारी मंत्री दारा सिंह चौहान ने शनिवार को वन विभाग अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यो की समीक्षा की। विभागीय कार्यो की समीक्षा के साथ जिले में ईको टूरिज्म की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने अगले वर्ष उत्तर प्रदेश के लिए निर्धारित पौधरोपण लक्ष्य 35 करोड़ के सापेक्ष जिले में लगभग 79 लाख पौधों के रोपण लक्ष्य को प्राप्त करने की तैयारियों एवं स्थल चयन समय से करने का निर्देश दिया । इसी क्रम में प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री ने रविवार को पथरहिया स्थित मंडलायुक्त सभागार में पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहा कि इस विंध्य पर्वत क्षेत्र में जितने प्राकृतिक झरने व अन्य स्थल हैं। वह अपने आप में अद्भुत हैं। इससे जिले का सर्वांगीण विकास हो सकता है। प्रभारी मंत्री ने दुधवा नेशनल पार्क का जिक्र करते हुये जिले के मड़िहान, पटेहरा व हलिया क्षेत्र के वन क्षेत्र में पाये जाने काले हिरन के संरक्षण के साथ ही प्रदेश के पर्यावरण एवं ईको टूरिज्म को बढ़ाने पर बल दिया। जिला में आने वाले पर्यटकों व वीआईपी के रुकने के लिये सर्किट हाउस बनाने का प्रस्ताव भी जिलाधिकारी से मांगा।
मां विंध्यवासिनी मंदिर की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यहां पर दूर-दूर से लोग दर्शन के लिए आते हैं। इसीलिए प्रदेश सरकार ने विंध्य कारिडोर योजना शुरू की है ताकि आने वाले दर्शनार्थी सरलता पूर्वक माध्यम विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन कर सकें। इसके लिए एक सौ 28 करोड़ जारी कर दिया गया है। साथ ही रोपवे संचालन, हर घर को नल से जल, अमृत योजना व नमामि गंगे के तहत होने वाले कार्यों की जानकारी दी। इसके पूर्व उन्होंने एक फोल्डर का विमोचन भी किया।
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बैठक में मुख्य वन संरक्षक आरसी झा, प्रभागीय वनाधिकारी पीएस त्रिपाठी, प्रभागीय वनाधिकारी कैमूर वन्य जीव प्रभाग सुभाष चंद्र यादव, डीएलएम (वन निगम), प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्रीय अधिकारी सहित वन विभाग के क्षेत्रीय वन अधिकारी मौजूद रहे।
इनसेट
मंत्री ने किया मौके का निरीक्षण
मिर्जापुर। शास्त्री सेतु से इमामबाड़ा तक की खस्ताहाल सड़क का रविवार को जिले के प्रभारी मंत्री दारा सिंह चौहान ने निरीक्षण किया। मौके पर उन्होंने अधिकारियों से इस मार्ग को जल्द से जल्द ठीक कराने को कहा। कहा कि काम में तेजी लाकर इसे पूरा किया जाए। कहा कि वाकई में हालात चिंताजनक हैं। उनके साथ नगर विधायक रत्नाकर मिश्र, मझवां विधायक सुचिस्मिता मौर्य, छानबे विधायक राहुल प्रकाश कोल, जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार, मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस, सिटी मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह आदि थे।
वनमंत्री ने किया मां विंध्यवासिनी का दर्शन
पूजन के बाद विंध्य कॉरिडोर के बारे में ली जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
विंध्याचल। पर्यावरण एवं जंतु उद्यान वनमंत्री दारा सिंह ने रविवार की सुबह मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन किया। पुरानी वीआईपी रोड पर पहुंचे वनमंत्री एक होटल में कुछ देर रुकने के बाद कतारबद्ध होकर गणेश द्वार से मां विंध्यवासिनी के गर्भगृह में पहुंचकर मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन किया।
दर्शन के बाद मंदिर परिसर में विराजमान अन्य देवी, देवताओं के आगे शीश नवाया। दर्शन के बाद विंध्य कॉरिडोर योजना के तहत हुए ध्वस्तीकरण कार्यों की जानकारी ली। नगर मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह ने विंध्य कारिडोर योजना के अंतर्गत प्रथम फेज में हुए ध्वस्तीकरण कार्यों की जानकारी दी। बताया कि पहले पांच फीट की गलियां थी जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसका भूमि पूजन हो गया है। जल्द ही परिक्रमा पथ पर काम शुरू किए जाएगा। इस दौरान नगर विधायक रत्नाकर मिश्रा, प्रभागीय वनाधिकारी पीएस त्रिपाठी समेत अन्य मौजूद रहे थे।
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उन्होंने अगले वर्ष उत्तर प्रदेश के लिए निर्धारित पौधरोपण लक्ष्य 35 करोड़ के सापेक्ष जिले में लगभग 79 लाख पौधों के रोपण लक्ष्य को प्राप्त करने की तैयारियों एवं स्थल चयन समय से करने का निर्देश दिया । इसी क्रम में प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री ने रविवार को पथरहिया स्थित मंडलायुक्त सभागार में पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहा कि इस विंध्य पर्वत क्षेत्र में जितने प्राकृतिक झरने व अन्य स्थल हैं। वह अपने आप में अद्भुत हैं। इससे जिले का सर्वांगीण विकास हो सकता है। प्रभारी मंत्री ने दुधवा नेशनल पार्क का जिक्र करते हुये जिले के मड़िहान, पटेहरा व हलिया क्षेत्र के वन क्षेत्र में पाये जाने काले हिरन के संरक्षण के साथ ही प्रदेश के पर्यावरण एवं ईको टूरिज्म को बढ़ाने पर बल दिया। जिला में आने वाले पर्यटकों व वीआईपी के रुकने के लिये सर्किट हाउस बनाने का प्रस्ताव भी जिलाधिकारी से मांगा।
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मां विंध्यवासिनी मंदिर की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यहां पर दूर-दूर से लोग दर्शन के लिए आते हैं। इसीलिए प्रदेश सरकार ने विंध्य कारिडोर योजना शुरू की है ताकि आने वाले दर्शनार्थी सरलता पूर्वक माध्यम विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन कर सकें। इसके लिए एक सौ 28 करोड़ जारी कर दिया गया है। साथ ही रोपवे संचालन, हर घर को नल से जल, अमृत योजना व नमामि गंगे के तहत होने वाले कार्यों की जानकारी दी। इसके पूर्व उन्होंने एक फोल्डर का विमोचन भी किया।
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बैठक में मुख्य वन संरक्षक आरसी झा, प्रभागीय वनाधिकारी पीएस त्रिपाठी, प्रभागीय वनाधिकारी कैमूर वन्य जीव प्रभाग सुभाष चंद्र यादव, डीएलएम (वन निगम), प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्रीय अधिकारी सहित वन विभाग के क्षेत्रीय वन अधिकारी मौजूद रहे।
इनसेट
मंत्री ने किया मौके का निरीक्षण
मिर्जापुर। शास्त्री सेतु से इमामबाड़ा तक की खस्ताहाल सड़क का रविवार को जिले के प्रभारी मंत्री दारा सिंह चौहान ने निरीक्षण किया। मौके पर उन्होंने अधिकारियों से इस मार्ग को जल्द से जल्द ठीक कराने को कहा। कहा कि काम में तेजी लाकर इसे पूरा किया जाए। कहा कि वाकई में हालात चिंताजनक हैं। उनके साथ नगर विधायक रत्नाकर मिश्र, मझवां विधायक सुचिस्मिता मौर्य, छानबे विधायक राहुल प्रकाश कोल, जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार, मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस, सिटी मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह आदि थे।
वनमंत्री ने किया मां विंध्यवासिनी का दर्शन
पूजन के बाद विंध्य कॉरिडोर के बारे में ली जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
विंध्याचल। पर्यावरण एवं जंतु उद्यान वनमंत्री दारा सिंह ने रविवार की सुबह मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन किया। पुरानी वीआईपी रोड पर पहुंचे वनमंत्री एक होटल में कुछ देर रुकने के बाद कतारबद्ध होकर गणेश द्वार से मां विंध्यवासिनी के गर्भगृह में पहुंचकर मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन किया।
दर्शन के बाद मंदिर परिसर में विराजमान अन्य देवी, देवताओं के आगे शीश नवाया। दर्शन के बाद विंध्य कॉरिडोर योजना के तहत हुए ध्वस्तीकरण कार्यों की जानकारी ली। नगर मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह ने विंध्य कारिडोर योजना के अंतर्गत प्रथम फेज में हुए ध्वस्तीकरण कार्यों की जानकारी दी। बताया कि पहले पांच फीट की गलियां थी जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसका भूमि पूजन हो गया है। जल्द ही परिक्रमा पथ पर काम शुरू किए जाएगा। इस दौरान नगर विधायक रत्नाकर मिश्रा, प्रभागीय वनाधिकारी पीएस त्रिपाठी समेत अन्य मौजूद रहे थे।