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बूंदाबांदी तो कहीं मूसलाधार बरसे मेघ
ब्यूरो मिर्जापुर अमर उजाला
Updated Fri, 17 Jul 2015 12:31 AM IST
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भगवान इंद्र देव गुरुवार को ऐसे मेहरबान हुए कि पूरे दिन भगवान भास्कर के दर्शन तक नसीब नहीं हुए। कहीं बूंदाबांदी तो कहीं झमाझम बारिश से जहां मेड़ों के ऊपर पानी लगने से किसान धान की नर्सरी को लेकर चिंतित नजर आए वहीं मार्गों पर जलभराव होने से आवाजाही में असुविधा का सामना करना पड़ा। ईद पर्व के बावजूद बारिश की वजह से नगर के प्रमुख बाजारों व सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
बुधवार की रात से बरस रहे मेघ गुरुवार की सुबह से लेकर शाम तक बरसते रहे। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, वहीं दूसरी ओर बाजारों से रौनक गायब रही। दूकानदार ग्राहकों का इंतजार करते नजर आए। झमाझम बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। पटरियों पर ठेला-खोमचा लगाने वाले दूकानदार दिन भर गायब मिले। नगर के प्रमुख सड़कों पर कीचड़ व पानी लगने से राहगीरों को आवाजाही में असुविधा का सामना करना पड़ा।
लगातार हो रही बारिश से खेतों में पानी भर गए, वहीं नदी-नाले, तालाब, झरने उफान पर रहे। बारिश से खेतों के मेड़ के उपर चारों तरफ पानी लगने से किसान परेशान व चिंतित नजर आए। पिछले 15 दिन के अंदर दोबारा भारी बारिश होने से सब्जियों की खेती बर्बादी के कगार पर पहुंच गई, जिसके चलते हरी सब्जियों के दाम भी आसमान छूने लगे।
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बुधवार की रात से बरस रहे मेघ गुरुवार की सुबह से लेकर शाम तक बरसते रहे। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, वहीं दूसरी ओर बाजारों से रौनक गायब रही। दूकानदार ग्राहकों का इंतजार करते नजर आए। झमाझम बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। पटरियों पर ठेला-खोमचा लगाने वाले दूकानदार दिन भर गायब मिले। नगर के प्रमुख सड़कों पर कीचड़ व पानी लगने से राहगीरों को आवाजाही में असुविधा का सामना करना पड़ा।
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लगातार हो रही बारिश से खेतों में पानी भर गए, वहीं नदी-नाले, तालाब, झरने उफान पर रहे। बारिश से खेतों के मेड़ के उपर चारों तरफ पानी लगने से किसान परेशान व चिंतित नजर आए। पिछले 15 दिन के अंदर दोबारा भारी बारिश होने से सब्जियों की खेती बर्बादी के कगार पर पहुंच गई, जिसके चलते हरी सब्जियों के दाम भी आसमान छूने लगे।
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