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Mirzapur News: खेतों में जलाने की बजाय गोशालाओं को दान करें पराली
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धान कटाई के बाद फसलों के अवशेष जलाने की बजाय गोशालाओं के लिए दान कर दें। इससे पशुओं का पेट भरेगा, वहीं पर्यावरण प्रदूषित होने से बचेगा।
किसानों से यह अपील जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने की है।
जिलाधिकारी ने कहा कि फसलों के अवशेष खेतों में जलाने से आग की चपेट में आकर पैदावार बढ़ाने में सहायक भूमि में मौजूद कीट जलकर मर जाते हैं। इससे उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है। पराली के धुएं से श्वांस संबंधी बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है। इससे स्वास्थ्य एवं जलवायु पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने अपील की कि जो किसान भाई पराली दान करना चाहते हैं वे मोबाइल फोन नंबर 9984668598 पर सूचित कर सकते हैं।
उप निदेशक कृषि अशोक उपाध्याय ने बताया कि फसल अवशेष जलाने पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण की तरफ से पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के लिए अर्थदंड का प्रावधान किया गया है।
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किसानों से यह अपील जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने की है।
जिलाधिकारी ने कहा कि फसलों के अवशेष खेतों में जलाने से आग की चपेट में आकर पैदावार बढ़ाने में सहायक भूमि में मौजूद कीट जलकर मर जाते हैं। इससे उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है। पराली के धुएं से श्वांस संबंधी बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है। इससे स्वास्थ्य एवं जलवायु पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने अपील की कि जो किसान भाई पराली दान करना चाहते हैं वे मोबाइल फोन नंबर 9984668598 पर सूचित कर सकते हैं।
उप निदेशक कृषि अशोक उपाध्याय ने बताया कि फसल अवशेष जलाने पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण की तरफ से पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के लिए अर्थदंड का प्रावधान किया गया है।
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