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Mirzapur News: मंडलायुक्त ने 15 अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण, एक को दी प्रतिकूल प्रविष्टि
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मिर्जापुर। विकास कार्यों की धीमी प्रगति के कारण रैंकिंग में नीचे आने से नाराज मंडलायुक्त डॉ.मुथुकुमार स्वामी बी ने बुधवार को 15 अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांग लिया। इसके अलावा विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने पर उन्होंने संयुक्त विकास आयुक्त को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश भी दिया।
मंडलायुक्त पथरहिया स्थित कार्यालय सभागार में बुधवार को विकास कार्यों व कानून व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत विद्यालयों के औचक निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित रहे शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने तथा मिर्जापुर जिला सी श्रेणी में आने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मिर्जापुर को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। उन्होंने बैठक में नहीं आने पर उप निदेशक मंडी से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया। नई सड़कों के निर्माण में मिर्जापुर व भदोही को ई श्रेणी में रखे जाने तथा सोनभद्र को डी श्रेणी प्राप्त होने पर मंडलायुक्त ने लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता से भी स्पष्टीकरण की मांग की।
इसी प्रकार कार्यों में अपेक्षित प्रगति न लाने पर उपायुक्त एनआरएलएम मिर्जापुर व सोनभद्र तथा परियोजना निदेशक डीआरडीए भदोही, अपर निदेशक स्वास्थ्य, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी मिर्जापुर व भदोही, सहायक पर्यटन अधिकारी मिर्जापुर, उप निदेशक पंचायत तथा जल निगम के अधिशासी अभियंता से भी स्पष्टीकरण मांगा। साथ ही अगले माह तक प्रत्येक मद में ए प्लस श्रेणी लाने का निर्देश दिया। कर एवं करेत्तर, राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान खराब प्रगति मिलने पर उप निदेशक आबकारी, मंडलीय बाट माप अधिकारी, उप निदेशक मंडी तथा उपायुक्त खाद्य एवं सुरक्षा से भी उन्होंने स्पष्टीकरण मांग लिया। कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान उन्होंने पाॅक्सो एक्ट एवं महिला उत्पीड़न के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही महिला उत्पीड़न के मामलों में मिर्जापुर में निस्तारण की प्रगति कम होने पर उन्होंने नाराजगी जताई और अधिक से अधिक आरोपियों के खिलाफ प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने का निर्देश दिया। उन्होंने घरेलू हिंसा, गैंगस्टर, गुंडा एक्ट, जिला बदर, अपहरण आदि के मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने पशुपालन विभाग के उप निदेशक को मंडल के तीनों जिलों के गोशालाओं का निरीक्षण कर कार्यवाही से अवगत कराने का निर्देश भी दिया।
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मंडलायुक्त पथरहिया स्थित कार्यालय सभागार में बुधवार को विकास कार्यों व कानून व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत विद्यालयों के औचक निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित रहे शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने तथा मिर्जापुर जिला सी श्रेणी में आने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मिर्जापुर को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। उन्होंने बैठक में नहीं आने पर उप निदेशक मंडी से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया। नई सड़कों के निर्माण में मिर्जापुर व भदोही को ई श्रेणी में रखे जाने तथा सोनभद्र को डी श्रेणी प्राप्त होने पर मंडलायुक्त ने लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता से भी स्पष्टीकरण की मांग की।
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इसी प्रकार कार्यों में अपेक्षित प्रगति न लाने पर उपायुक्त एनआरएलएम मिर्जापुर व सोनभद्र तथा परियोजना निदेशक डीआरडीए भदोही, अपर निदेशक स्वास्थ्य, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी मिर्जापुर व भदोही, सहायक पर्यटन अधिकारी मिर्जापुर, उप निदेशक पंचायत तथा जल निगम के अधिशासी अभियंता से भी स्पष्टीकरण मांगा। साथ ही अगले माह तक प्रत्येक मद में ए प्लस श्रेणी लाने का निर्देश दिया। कर एवं करेत्तर, राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान खराब प्रगति मिलने पर उप निदेशक आबकारी, मंडलीय बाट माप अधिकारी, उप निदेशक मंडी तथा उपायुक्त खाद्य एवं सुरक्षा से भी उन्होंने स्पष्टीकरण मांग लिया। कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान उन्होंने पाॅक्सो एक्ट एवं महिला उत्पीड़न के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही महिला उत्पीड़न के मामलों में मिर्जापुर में निस्तारण की प्रगति कम होने पर उन्होंने नाराजगी जताई और अधिक से अधिक आरोपियों के खिलाफ प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने का निर्देश दिया। उन्होंने घरेलू हिंसा, गैंगस्टर, गुंडा एक्ट, जिला बदर, अपहरण आदि के मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने पशुपालन विभाग के उप निदेशक को मंडल के तीनों जिलों के गोशालाओं का निरीक्षण कर कार्यवाही से अवगत कराने का निर्देश भी दिया।
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