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खरीद का इंतजार कर रहे किसानों पर आफत की बारिश
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जमालपुर क्षेत्र जमालपुर धान क्रय केंद्र पर बारिश दौरान भीगा धान।
- फोटो : MIRZAPUR
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जिले में इन दिनों धान की खरीद का सीजन चल रहा है। धान की खरीद में आनलाइन टोकन व्यवस्था के बाद भी किसानों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। उसके बाद अब मंगलवार को हुई आफत की बारिश से किसान और भी परेशान हैं।
जमालपुर, क्षेत्र में धान क्रय केंद्र पर बारिश के दौरान बोरे के अभाव में धान खरीद नहीं हो पा रही है। क्रय केंद्र पर खुले में होने से धान भींग रहा है। आरोप है कि किसानों की गाढ़ी कमाई अधिकारियों की लापरवाही के चलते मिट्टी में मिल रही है। शेरवां, धान क्रय केन्द्र साधन सहकारी संघ चौकिया मनउर पर किसानों का धान तिरपाल से ढंका है, फिर भी क्रय केन्द्र पर स्थित मैदान में लगें पानी से धान भींग रहा है। कमोवेश यह स्थिति प्रत्येक वर्ष होती है लेकिन इसे रोकने के लिए आजतक कोई प्रयास नहीं किया गया। लालगंज, मंगलवार को दोपहर तेज गति से बरसात शुरू होने से किसानों की परेशानी और बढ़ गई। उनको अपने ट्रैक्टर पर लदे धान को बचाने की चिंता सताने लगी। कई किसानो ने ट्राली पर रखे धान को तिरपाल से ढंकने का प्रयास किया। कइयों ने पास में स्थित फोरलेन ओवर ब्रिज को सहारा बनाया और उसके नीचे धान को किसी तरह सुरक्षित किया। साथ ही ठंड और बरसात से खुद को बचाने के लिए अलाव का प्रबंध कर आग के सहारे ठंड से बचने की जुगत किया। धान क्रय केंद्र प्रभारी एवं क्षेत्रीय विपणन अधिकारी दशरथ लाल ने बताया कि ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था अब समाप्त कर दी गई है। नया आदेश आने के बाद ही धान की तौल कराई जाएगी।
बारबार नियम बदलने से परेशान हो रहे किसान
लालगंज। धान क्रय केंद्र पर तौल कराने के लिए आए किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शासन द्वारा टोकन व्यवस्था में अलग-अलग शासनादेश जारी करने के कारण किसानों को काफी आक्रोश है। ऑनलाइन टोकन प्राप्त करने वाले किसान अपने नंबर पर धान लेकर विपणन केंद्र के धान क्रय केंद्र पर मंगलवार को पहुंच तो क्रय केंद्र प्रभारी ने कहा कि अब इस टोकन पर धान की खरीद नहीं की जाएगी। यह शब्द सुनकर किसान हताश एवं हैरान हैं और शासन द्वारा बार बार नए नियम लागू करने के कारण वह काफी आक्रोश में है। क्षेत्र के मटियारी कला रामपुर कामता प्रसाद रजाई जहीदा आदि गांव से आए श्याम नारायण सिंह, घनश्याम, राजकिशोर, महेंद्र सिंह, ठाकुर प्रसाद, कृपाशंकर सिंह, राम सिंह, आद्या प्रसाद, अमित कुमार, शुभम सिंह, बुधिराम आदि किसानो ने बताया कि दो दिन पहले आए शासनादेश पर रात में जागरण करके ऑनलाइन टोकन प्राप्त किया। जब धान लेकर लालगंज स्थित राजकीय धान क्रय केंद्र पर पहुंचे तो धान क्रय केंद्र प्रभारी ने ऑनलाइन टोकन लेने वाले किसानों से नियम में बदलाव को बताते हुए धान लेने से इनकार कर दिया गया। किसान किंकर्तव्यविमूढ़ होगए कि अब आगे क्या करना है।
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बारिश में ट्रैक्टर ट्राली पर लदे धान भीगे
हलिया। सहकारी विपणन केंद्र मवई कलां प्रथम तथा द्वितीय के अलावा साधन सहकारी भटवारी ,सिकटा पीसीयू केंद्र मवई कलां पर तौल कराने के लिए ट्रैक्टर ट्राली लदे धान बारिश में पानी से भींग गए।
कोहरे के बीच अचानक बूंदाबादी के साथ ही हुई तेज बारिश को देख अगल बगल से त्रिपाल कुछ किसान जहां अपनी धान बचाने में सफल रहे वहीं त्रिपाल की व्यवस्था न होने से कई किसानों के धान भींग गए। किसानों की मानें तो विगत दिनों टोकन सिस्टम के चलते धान खरीद प्रभावित हुई है। समय से तौल न होने के कारण केंद्रों पर काफी संख्या में ट्रैक्टर ट्राली पर लदे धान के साथ किसान तौल के लिए अपनी बारी की प्रतिक्षा में लगे हुए थे। धान भींगने से किसानों के सामने समस्या खड़ी हो गयी है।
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जमालपुर, क्षेत्र में धान क्रय केंद्र पर बारिश के दौरान बोरे के अभाव में धान खरीद नहीं हो पा रही है। क्रय केंद्र पर खुले में होने से धान भींग रहा है। आरोप है कि किसानों की गाढ़ी कमाई अधिकारियों की लापरवाही के चलते मिट्टी में मिल रही है। शेरवां, धान क्रय केन्द्र साधन सहकारी संघ चौकिया मनउर पर किसानों का धान तिरपाल से ढंका है, फिर भी क्रय केन्द्र पर स्थित मैदान में लगें पानी से धान भींग रहा है। कमोवेश यह स्थिति प्रत्येक वर्ष होती है लेकिन इसे रोकने के लिए आजतक कोई प्रयास नहीं किया गया। लालगंज, मंगलवार को दोपहर तेज गति से बरसात शुरू होने से किसानों की परेशानी और बढ़ गई। उनको अपने ट्रैक्टर पर लदे धान को बचाने की चिंता सताने लगी। कई किसानो ने ट्राली पर रखे धान को तिरपाल से ढंकने का प्रयास किया। कइयों ने पास में स्थित फोरलेन ओवर ब्रिज को सहारा बनाया और उसके नीचे धान को किसी तरह सुरक्षित किया। साथ ही ठंड और बरसात से खुद को बचाने के लिए अलाव का प्रबंध कर आग के सहारे ठंड से बचने की जुगत किया। धान क्रय केंद्र प्रभारी एवं क्षेत्रीय विपणन अधिकारी दशरथ लाल ने बताया कि ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था अब समाप्त कर दी गई है। नया आदेश आने के बाद ही धान की तौल कराई जाएगी।
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बारबार नियम बदलने से परेशान हो रहे किसान
लालगंज। धान क्रय केंद्र पर तौल कराने के लिए आए किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शासन द्वारा टोकन व्यवस्था में अलग-अलग शासनादेश जारी करने के कारण किसानों को काफी आक्रोश है। ऑनलाइन टोकन प्राप्त करने वाले किसान अपने नंबर पर धान लेकर विपणन केंद्र के धान क्रय केंद्र पर मंगलवार को पहुंच तो क्रय केंद्र प्रभारी ने कहा कि अब इस टोकन पर धान की खरीद नहीं की जाएगी। यह शब्द सुनकर किसान हताश एवं हैरान हैं और शासन द्वारा बार बार नए नियम लागू करने के कारण वह काफी आक्रोश में है। क्षेत्र के मटियारी कला रामपुर कामता प्रसाद रजाई जहीदा आदि गांव से आए श्याम नारायण सिंह, घनश्याम, राजकिशोर, महेंद्र सिंह, ठाकुर प्रसाद, कृपाशंकर सिंह, राम सिंह, आद्या प्रसाद, अमित कुमार, शुभम सिंह, बुधिराम आदि किसानो ने बताया कि दो दिन पहले आए शासनादेश पर रात में जागरण करके ऑनलाइन टोकन प्राप्त किया। जब धान लेकर लालगंज स्थित राजकीय धान क्रय केंद्र पर पहुंचे तो धान क्रय केंद्र प्रभारी ने ऑनलाइन टोकन लेने वाले किसानों से नियम में बदलाव को बताते हुए धान लेने से इनकार कर दिया गया। किसान किंकर्तव्यविमूढ़ होगए कि अब आगे क्या करना है।
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बारिश में ट्रैक्टर ट्राली पर लदे धान भीगे
हलिया। सहकारी विपणन केंद्र मवई कलां प्रथम तथा द्वितीय के अलावा साधन सहकारी भटवारी ,सिकटा पीसीयू केंद्र मवई कलां पर तौल कराने के लिए ट्रैक्टर ट्राली लदे धान बारिश में पानी से भींग गए।
कोहरे के बीच अचानक बूंदाबादी के साथ ही हुई तेज बारिश को देख अगल बगल से त्रिपाल कुछ किसान जहां अपनी धान बचाने में सफल रहे वहीं त्रिपाल की व्यवस्था न होने से कई किसानों के धान भींग गए। किसानों की मानें तो विगत दिनों टोकन सिस्टम के चलते धान खरीद प्रभावित हुई है। समय से तौल न होने के कारण केंद्रों पर काफी संख्या में ट्रैक्टर ट्राली पर लदे धान के साथ किसान तौल के लिए अपनी बारी की प्रतिक्षा में लगे हुए थे। धान भींगने से किसानों के सामने समस्या खड़ी हो गयी है।