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नाइट कर्फ्यू के दौरान विंध्याचल आने वाले श्रद्धालुओं को भी छूट नहीं
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मिर्जापुर। कोरोना संक्रमण को देखते हुए विंध्याचल मंदिर में दर्शन पूजन के लिए आने या जाने वाले श्रद्धालुओं पर भी रात्रिकालीन प्रतिबंध (नाइट कर्फ्यू) पूर्णतया लागू होगा। रात नौ बजे से लेकर सुबह छह बजे तक मंदिर में दर्शन पूजन के नाम पर भक्तों को किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। इतना ही नहीं विंध्याचल मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश व चरण स्पर्श पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। एक बार में मंदिर में पांच दर्शनार्थी ही प्रवेश कर पाएंगे। साथ ही उन्हें संक्रमण से बचाव की गाइडलाइन का पालन करना होगा। जैसे- मास्क, सैनिटाइजर व सोशल डिस्टेसिंग आदि का पालन करना होगा।
विंध्याचल में 13 अप्रैल से नवरात्र मेला शुरू हो रहा है। इसको लेकर व्यापक स्तर पर तैयारी चल रही है। वहीं दूसरी ओर कोरोना संक्रमण भी बढ़ता जा रहा है। देश के कोने - कोने से दर्शन - पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से संक्रमण बढ़ने का खतरा भी मंडरा रहा था। दोपहर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ऑफिसियल ट्वीटर हैंडल से ट्वीट किया गया कि धर्म स्थलों में पांच से अधिक लोगों को एक साथ प्रवेश नहीं दिया जाएगा। ऐसे में मंदिर में दर्शन - पूजन की स्थिति को लेकर चर्चा चल ही रही थी कि जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने 11 अप्रैल की रात नौ से सुबह छह बजे तक रात्रिकालीन प्रतिबंध की घोषणा कर दी। इसके बाद मंदिर में दर्शन - पूजन को लेकर भी सवाल उठने लगे। इस बाबत जिलाधिकारी ने बताया कि इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर किसी को भी नियम, गाइडलाइन के विपरीत व्यवहार की छूट नहीं होगी। ऐसे में रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक दर्शनार्थी भी मंदिर दर्शन के लिए आ- जा नहीं सकेंगे। सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक ही दर्शन - पूजन के लिए आने - जाने की छूट होगी। मंदिर परिसर में लगने वाली दुकानों व अन्य व्यवस्थाओं पर भी यही गाइडलाइन लागू होगी।
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विंध्याचल में 13 अप्रैल से नवरात्र मेला शुरू हो रहा है। इसको लेकर व्यापक स्तर पर तैयारी चल रही है। वहीं दूसरी ओर कोरोना संक्रमण भी बढ़ता जा रहा है। देश के कोने - कोने से दर्शन - पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से संक्रमण बढ़ने का खतरा भी मंडरा रहा था। दोपहर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ऑफिसियल ट्वीटर हैंडल से ट्वीट किया गया कि धर्म स्थलों में पांच से अधिक लोगों को एक साथ प्रवेश नहीं दिया जाएगा। ऐसे में मंदिर में दर्शन - पूजन की स्थिति को लेकर चर्चा चल ही रही थी कि जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने 11 अप्रैल की रात नौ से सुबह छह बजे तक रात्रिकालीन प्रतिबंध की घोषणा कर दी। इसके बाद मंदिर में दर्शन - पूजन को लेकर भी सवाल उठने लगे। इस बाबत जिलाधिकारी ने बताया कि इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर किसी को भी नियम, गाइडलाइन के विपरीत व्यवहार की छूट नहीं होगी। ऐसे में रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक दर्शनार्थी भी मंदिर दर्शन के लिए आ- जा नहीं सकेंगे। सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक ही दर्शन - पूजन के लिए आने - जाने की छूट होगी। मंदिर परिसर में लगने वाली दुकानों व अन्य व्यवस्थाओं पर भी यही गाइडलाइन लागू होगी।
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