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Navaratri: मां विंध्यवासिनी के दर्शन संग भक्तों ने किया हवन-पूजन, त्रिकोण परिक्रमा में लगे जयकारे
Wed, 17 Apr 2024 12:08 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Wed, 17 Apr 2024 12:08 PM IST
सार
Navaratri 2024: विभिन्न देवी मंदिरों में दर्शन-पूजन के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु विंध्याचल रेलवे स्टेशन से ट्रेन व रोडवेज परिसर में बस पकड़कर घरों के लिए रवाना हो गए। पुलिस प्रशासन जिला प्रशासन की ओर से कड़े इंतजाम किए गए हैं।
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मां विंध्यवासिनी धाम।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मिर्जापुर के विंध्याचल धाम क्षेत्र में चल रहे चैत्र नवरात्र की नवमी तिथि पर बुधवार को विंध्य धाम में मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने विंध्याचल मंदिर में दर्शन-पूजन कर अष्टभुजा पहाड़ पर त्रिकोण परिक्रमा भी की।
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मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन विंध्य क्षेत्र में जगह-जगह विधि-विधान से कन्या पूजन और हवन कुंड में आहुतियां डालकर मां की आराधना की गई। बुधवार को सुबह से लेकर देर रात तक विंध्य धाम मां विंध्यवासिनी के जयकारे से गुंजायमान रहा। चैत्र नवरात्र मेला की नवमी तिथि पर भोर से ही माता के दर्शन-पूजन के लिए आस्थावानों की भीड़ उमड़ पड़ी।
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मंदिर पहुंचे लोगों मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन कर सुख समृद्धि की कामना की। इसके बाद मंदिर परिसर में स्थित हवन कुंड में आहुतियां डालकर देवी मां की आराधना की। इसके पूर्व भक्तों ने विंध्याचल के विभिन्न गंगा घाटों पर पहुंचकर स्नान किया। नारियल, चुनरी व प्रसाद लिए मंदिर की तरफ जाने वाले विभिन्न रास्तों में लगे कतारों में खड़े हो गए।
मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन करने के बाद धाम परिसर में विराजमान समस्त देवी-देवताओं के मंदिरों में जाकर मत्था टेका। मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन कर श्रद्धालुओं त्रिकोण पथ पर परिक्रमा भी की। इसके बाद काली खोह स्थित महाकाली और अष्टभुजा देवी का दर्शन-पूजन किया।