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विंध्य धाम विकास परिषद की ओर से मंदिरों का कराया जाएगा विकास, बोले विधायक- भाजपा सरकार में मंदिर को नहीं बनाया जाएगा ट्रस्ट
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विंध्याचल। मां विंध्यवासिनी मंदिर के छत पर सोमवार को श्री विंध्य पंडा समाज की एक बैठक हुई जिसमें विंध्य विकास परिषद के गठन और समाज के चुनाव को लेकर चर्चा हुई। परिषद के गठन को लेकर पदाधिकारियों व सदस्यों ने तरह-तरह की आशंका, जिज्ञासा व्यक्त की जिसे शांत करते हुए नगर विधायक पं. रत्नाकर मिश्र ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार में मां विंध्यवासिनी मंदिर को ट्रस्ट नहीं बनाया जाएगा। जो परिषद का गठन किया जा रहा है उसमें सिर्फ विंध्याचल मंदिर एवं काली खोह मंदिर व अष्टभुजा मंदिरों का विकास होगा। बैठक में पंडा समाज का जल्द से जल्द चुनाव कराए जाने की मांग उठाई गयी ताकि मंदिर पर फैली अव्यवस्थाओं दुरुस्त कराया जा सके। अध्यक्ष पंकज द्विवेदी की अध्यक्षता में बैठक हुई।
नगर विधायक ने कहा मां विंध्यवासिनी दरबार विश्व विख्यात है। जिस तरह यहां का विकास होना चाहिए था वह नहीं हुआ है। प्रदेश सरकार, विंध्य धाम विकास परिषद का गठन कर मां विंध्यवासिनी मंदिर का अयोध्या, काशी व मथुरा की तर्ज पर विकास करना चाह रही है। जिसका पंडा समाज स्वागत करता है, लेकिन मंदिर के अंदर व्यवस्थाएं जो भी हैं उनमें हस्तक्षेप नहीं होगा। उन्होने कहा मां विंध्यवासिनी मंदिर के लिए दो संस्थाएं काम कर रही हैं, वह करती रहेंगी। लेकिन मुख्यमंत्री अलग से विकास परिषद बनाकर विंध्याचल मंदिर, काली कोह मंदिर एवं अष्टभुजा मंदिरों का विकास कराने के लिए तत्पर हैं।
श्री विंध्य पंडा समाज के पूर्व अध्यक्ष राजन पाठक ने बताया कि पंडा समाज का चुनाव मुख्य मुद्दा है। दो दिन पहले भी मंदिर परिसर में पंडा समाज के लोग जुटे थे। जल्द से जल्द चुनाव कराया जाए। उन्होंने कहा विंध्य धाम विकास परिषद, इसका मूल उद्देश्य क्या है इसकी जानकारी के लिए भी हम लोग एकत्रित हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव के लिए जिलाधिकारी को कई बार पत्र दिया गया। लेकिन चुनाव ना होने से मंदिर परिसर में फैली अव्यवस्था के कारण श्रद्धालुओं में अच्छा संदेश नहीं जा रहा है। पंडा समाज अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने बताया कि विंध्य धाम विकास परिषद के कैबिनेट में पास होने के बाद पंडा समाज में गलत और भ्रामक खबर फैलाई जा रही है कि मंदिर ट्रस्ट हो जाएगा, लोगों की रोजी-रोटी छिन जाएगी। जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। उन्होने कहा पंडा समाज के चुनाव को लेकर उच्च अधिकारियों से शीघ्र मुलाकात कर इसकी प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। बैठक का संचालन मंत्री भानु पाठक ने किया। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र पांडेय, रघुवर दयाल उपाध्याय, केदार भंडारी, प्रशांत त्रिवेदी, सनी दत्त पाठक, हृदय राम भंडारी सहित सैकड़ों की संख्या में पंडा समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
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नगर विधायक ने कहा मां विंध्यवासिनी दरबार विश्व विख्यात है। जिस तरह यहां का विकास होना चाहिए था वह नहीं हुआ है। प्रदेश सरकार, विंध्य धाम विकास परिषद का गठन कर मां विंध्यवासिनी मंदिर का अयोध्या, काशी व मथुरा की तर्ज पर विकास करना चाह रही है। जिसका पंडा समाज स्वागत करता है, लेकिन मंदिर के अंदर व्यवस्थाएं जो भी हैं उनमें हस्तक्षेप नहीं होगा। उन्होने कहा मां विंध्यवासिनी मंदिर के लिए दो संस्थाएं काम कर रही हैं, वह करती रहेंगी। लेकिन मुख्यमंत्री अलग से विकास परिषद बनाकर विंध्याचल मंदिर, काली कोह मंदिर एवं अष्टभुजा मंदिरों का विकास कराने के लिए तत्पर हैं।
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श्री विंध्य पंडा समाज के पूर्व अध्यक्ष राजन पाठक ने बताया कि पंडा समाज का चुनाव मुख्य मुद्दा है। दो दिन पहले भी मंदिर परिसर में पंडा समाज के लोग जुटे थे। जल्द से जल्द चुनाव कराया जाए। उन्होंने कहा विंध्य धाम विकास परिषद, इसका मूल उद्देश्य क्या है इसकी जानकारी के लिए भी हम लोग एकत्रित हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव के लिए जिलाधिकारी को कई बार पत्र दिया गया। लेकिन चुनाव ना होने से मंदिर परिसर में फैली अव्यवस्था के कारण श्रद्धालुओं में अच्छा संदेश नहीं जा रहा है। पंडा समाज अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने बताया कि विंध्य धाम विकास परिषद के कैबिनेट में पास होने के बाद पंडा समाज में गलत और भ्रामक खबर फैलाई जा रही है कि मंदिर ट्रस्ट हो जाएगा, लोगों की रोजी-रोटी छिन जाएगी। जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। उन्होने कहा पंडा समाज के चुनाव को लेकर उच्च अधिकारियों से शीघ्र मुलाकात कर इसकी प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। बैठक का संचालन मंत्री भानु पाठक ने किया। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र पांडेय, रघुवर दयाल उपाध्याय, केदार भंडारी, प्रशांत त्रिवेदी, सनी दत्त पाठक, हृदय राम भंडारी सहित सैकड़ों की संख्या में पंडा समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
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