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खोदाई के 72 घंटे में बनवाएं सड़कः प्रमुख सचिव
ब्यूरो, अमर उजाला,मिर्जापुर
Updated Sun, 28 Jun 2015 12:00 AM IST
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प्रमुख सचिव रेशम नवतेज सिंह ने शनिवार को विकास भवन के सभाकक्ष में कार्यदायी संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में नगरपालिका और बीएसएनएल द्वारा सीवर तथा पाइप बिछाने के नाम पर धड़ल्ले से खोदे गए गड्ढों पर कड़ी नाराजगी जताई।
उन्होंने सड़क खुदाई के बाद 72 घंटे में सड़क का निर्माण नहीं होने पर ठेेकेदार व संबंधित विभाग के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कराए जा रहे कार्यो की समीक्षा की।
कहा कि कार्यदायी संस्था गुणवत्ता और मानक के साथ निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के अंदर पूरा करें।
प्रमुख सचिव ने नगर पालिका परिषद और बीएसएनएल के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़कों पर लाइन बिछाने और सीवर आदि डालने के लिए गड्ढ़ा निर्माण सामग्री उपलब्ध होने के बाद ही खोदे और काम पूरा होते ही सड़क अथवा गली को तत्काल दुरुस्त कराएं।
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सड़कों पर खोदे गए गड्ढे को 72 घंटे में पाट दें। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी अमित कुमार सिंह को सेतु निगम द्वारा भटौली घाट एवं चुनार में निर्माणाधीन पुल की नियमित जांच कर गुणवत्ता देखने का निर्देश दिया।
प्रमुख सचिव ने कहा कि शासन द्वारा चलाई गई कल्याणकारी योजनाएं जनपद में संचालित की जा रही है। जिनके लिए निर्माण का कार्य चल रहा है।
उन्होंने कहा कि जो विभाग कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्य देते हैं, ऐसे विभागों की जिम्मेदारी होती है कि वह कार्य का समय समय पर निरीक्षण और परीक्षण करते रहे। जिससे विकास कार्य मानक के अनुरुप हो।
सीडीओ को निर्देश दिया कि निर्माणाधीन भवनों के निरीक्षण के लिए अधिकारियों को नियुक्त करें, जो निरन्तर कार्यो की गुणवत्ता एवं मानक को परखते रहें।
प्रमुख सचिव ने डूडा द्वारा बनवाये जा रहे आवासो की भी बैठक में समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि भवनों की जांच करें और जांच के दौरान सुनिश्चित करें कि भवन पूर्ण होने पर उसमें रहने वाले को मुलभूत सुविधा में काई कमी नहीं हो।
निर्माणाधीन स्कूलों, पालिटेक्निक के बारे में संबंधित कार्यदायी संस्थाओ से जानकारी प्राप्त की। मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि इन भवनों में पढ़ेंगे। बच्चों की जिंदगी से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
स्कूलों के निर्माण में पूरी सजगता और सावधानी बरतें। निर्माणाधीन भवनों का कार्य शुरू होने से पहले लाई गई सामग्री एवं कार्य शुरू होने के बाद समय-समय पर सभी की फोटोग्राफी कराने को कहा।
प्रमुख सचिव ने कहा कि पीएचसी, सीएचसी के भवनो का निर्माण हो रहा है, उस पर भी विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि वार्ड, चिकित्सकों के बैठने का कमरा, आपरेशन थ्रियेटर व दवा स्टोर बना दे। बाद में निर्माण कराते रहें।
उन्होंने कहा कि चिकित्सालय को शुरू कर दिया जाये जिससे वहा कि जनता को शासन की मंशा के अनुरूप चिकित्सकीय सुविधाओ का लाभ मिल सके। प्रमुख सचिव ने कहा कि मॉ विन्ध्यावसिनी के दरबार में लाखों लोग मात्था टेकने आते है।
विंध्यधाम की गलियो को ठीक कराने का कार्य चल रहा है, इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नही होगी। कार्य में किसी प्रकार की कमी मिलने पर संबंधित कार्यदायी संस्था के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी।
बैठक में परियोजना निदेशक राजीव बनकटा, उप जिलाधिकारी अशोक कनौजिया, अर्थ एवं संख्या अधिकारी संतोष कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी , अधिशासी अभियन्ता सिरसी डिवीजन, अधिक्षण अभियन्ता विद्युत, अधिशासी अभियन्ता पीडब्ल्यूडी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
उन्होंने सड़क खुदाई के बाद 72 घंटे में सड़क का निर्माण नहीं होने पर ठेेकेदार व संबंधित विभाग के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कराए जा रहे कार्यो की समीक्षा की।
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कहा कि कार्यदायी संस्था गुणवत्ता और मानक के साथ निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के अंदर पूरा करें।
प्रमुख सचिव ने नगर पालिका परिषद और बीएसएनएल के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़कों पर लाइन बिछाने और सीवर आदि डालने के लिए गड्ढ़ा निर्माण सामग्री उपलब्ध होने के बाद ही खोदे और काम पूरा होते ही सड़क अथवा गली को तत्काल दुरुस्त कराएं।
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सड़कों पर खोदे गए गड्ढे को 72 घंटे में पाट दें। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी अमित कुमार सिंह को सेतु निगम द्वारा भटौली घाट एवं चुनार में निर्माणाधीन पुल की नियमित जांच कर गुणवत्ता देखने का निर्देश दिया।
प्रमुख सचिव ने कहा कि शासन द्वारा चलाई गई कल्याणकारी योजनाएं जनपद में संचालित की जा रही है। जिनके लिए निर्माण का कार्य चल रहा है।
उन्होंने कहा कि जो विभाग कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्य देते हैं, ऐसे विभागों की जिम्मेदारी होती है कि वह कार्य का समय समय पर निरीक्षण और परीक्षण करते रहे। जिससे विकास कार्य मानक के अनुरुप हो।
सीडीओ को निर्देश दिया कि निर्माणाधीन भवनों के निरीक्षण के लिए अधिकारियों को नियुक्त करें, जो निरन्तर कार्यो की गुणवत्ता एवं मानक को परखते रहें।
प्रमुख सचिव ने डूडा द्वारा बनवाये जा रहे आवासो की भी बैठक में समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि भवनों की जांच करें और जांच के दौरान सुनिश्चित करें कि भवन पूर्ण होने पर उसमें रहने वाले को मुलभूत सुविधा में काई कमी नहीं हो।
निर्माणाधीन स्कूलों, पालिटेक्निक के बारे में संबंधित कार्यदायी संस्थाओ से जानकारी प्राप्त की। मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि इन भवनों में पढ़ेंगे। बच्चों की जिंदगी से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
स्कूलों के निर्माण में पूरी सजगता और सावधानी बरतें। निर्माणाधीन भवनों का कार्य शुरू होने से पहले लाई गई सामग्री एवं कार्य शुरू होने के बाद समय-समय पर सभी की फोटोग्राफी कराने को कहा।
प्रमुख सचिव ने कहा कि पीएचसी, सीएचसी के भवनो का निर्माण हो रहा है, उस पर भी विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि वार्ड, चिकित्सकों के बैठने का कमरा, आपरेशन थ्रियेटर व दवा स्टोर बना दे। बाद में निर्माण कराते रहें।
उन्होंने कहा कि चिकित्सालय को शुरू कर दिया जाये जिससे वहा कि जनता को शासन की मंशा के अनुरूप चिकित्सकीय सुविधाओ का लाभ मिल सके। प्रमुख सचिव ने कहा कि मॉ विन्ध्यावसिनी के दरबार में लाखों लोग मात्था टेकने आते है।
विंध्यधाम की गलियो को ठीक कराने का कार्य चल रहा है, इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नही होगी। कार्य में किसी प्रकार की कमी मिलने पर संबंधित कार्यदायी संस्था के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी।
बैठक में परियोजना निदेशक राजीव बनकटा, उप जिलाधिकारी अशोक कनौजिया, अर्थ एवं संख्या अधिकारी संतोष कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी , अधिशासी अभियन्ता सिरसी डिवीजन, अधिक्षण अभियन्ता विद्युत, अधिशासी अभियन्ता पीडब्ल्यूडी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।