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गैरइरादतन हत्या में पांच को दस वर्ष की कड़ी कैद
Updated Wed, 01 Nov 2017 12:06 AM IST
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मिर्जापुर। अपर सत्र न्यायाधीश पीएन श्रीवास्तव ने गैर इरादतन हत्या के जुर्म में दोष सिद्घ होने पर मंगलवार को पांच आरोपियों को दस वर्ष की कड़ी कैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही कोर्ट ने प्रत्येक 22-22 हजार रुपये के जुर्माना लगाया।
अभियोजन अनुसार लालगंज थाना क्षेत्र के उसरी पांडेय गांव निवासी कलक्टर, नरसिंह, नारायण, बृजवासी तथा अमरनाथ के खिलाफ गांव के ही दीनानाथ ने लालगंज थाने में 31 जनवरी 1996 को तहरीर दिया था, कि उसका चचेरा भाई सुरेश घर बनाने के लिए ट्रैक्टर से बालू ले जा रहा था। उसी समय गांव के दूधनाथ व कलक्टर दूबे, नरसिंह अमरनाथ, नारायण व बृजवासी ने बालू ले जाने से रोका। सुरेश ने उनसे कहा कि वह सड़क पर पड़ा बालू ले जा रहा है। इस पर पांचों उससे गालीगलौज करने लगे और बरछा, गड़ासा तथा कट्टे से हमला कर दिया। सुरेश को गिरा देख कर रामविशाल बचाने आया तो उसे भी मारपीट कर घायल कर दिया। इलाज के दौैरान 10 फरवरी को रामविशाल की मौत हो गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दिया। अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुनीता गुप्ता ने सभी गवाहों को प्रस्तुत कराया। दौरान मुकदमा दूधनाथ की मौत हो जाने पर पांच आरोपियों की सुनवाई मंगलवार को की गई। अधिवक्ताओं की दलील, पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य तथा गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट ने सभी आरोपियों को गैरइरादतन हत्या में दोष सिद्घ पाते हुए दस वर्ष की कड़ी कैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक को 22-22 हजार रुपये के अर्थदंड लगाया।
अभियोजन अनुसार लालगंज थाना क्षेत्र के उसरी पांडेय गांव निवासी कलक्टर, नरसिंह, नारायण, बृजवासी तथा अमरनाथ के खिलाफ गांव के ही दीनानाथ ने लालगंज थाने में 31 जनवरी 1996 को तहरीर दिया था, कि उसका चचेरा भाई सुरेश घर बनाने के लिए ट्रैक्टर से बालू ले जा रहा था। उसी समय गांव के दूधनाथ व कलक्टर दूबे, नरसिंह अमरनाथ, नारायण व बृजवासी ने बालू ले जाने से रोका। सुरेश ने उनसे कहा कि वह सड़क पर पड़ा बालू ले जा रहा है। इस पर पांचों उससे गालीगलौज करने लगे और बरछा, गड़ासा तथा कट्टे से हमला कर दिया। सुरेश को गिरा देख कर रामविशाल बचाने आया तो उसे भी मारपीट कर घायल कर दिया। इलाज के दौैरान 10 फरवरी को रामविशाल की मौत हो गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दिया। अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुनीता गुप्ता ने सभी गवाहों को प्रस्तुत कराया। दौरान मुकदमा दूधनाथ की मौत हो जाने पर पांच आरोपियों की सुनवाई मंगलवार को की गई। अधिवक्ताओं की दलील, पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य तथा गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट ने सभी आरोपियों को गैरइरादतन हत्या में दोष सिद्घ पाते हुए दस वर्ष की कड़ी कैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक को 22-22 हजार रुपये के अर्थदंड लगाया।
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