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प्लेटफार्म पर बैठी सात किशोरियों को आरपीएफ ने किया बरामद
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विंध्याचल। रेलवे प्लेटफार्म नंबर दो पर सुबह साढ़े आठ बजे 14790 ताप्ती गंगा एक्सप्रेस से उतरी सात लड़कियों को आरपीएफ पुलिस ने बरामद किया। पुलिस ने उनके माता-पिता को सूचित करते हुए चाइल्ड हेल्प लाइन को बुलाकर उनके सपुर्द कर दिया।
गश्त के दौरान आरपीएफ प्रभारी दिनेश रेलवे प्लेटफार्म नंबर दो पर भ्रमण कर रहे थे कि एक स्थान पर सात की संख्या में किशोरियां बैठी नजर आई। पूछताछ करने पर लड़कियों ने बताया कि हम लोग धागे की फैक्ट्री में काम करने के लिए यहां आए हैं। शक के आधार पर उन्हें जीआरपी चौकी लाया गया। पूछताछ के दौरान पाया कि थाना जिगना के बनवारीपुर निवासी पुष्पराज बिंद उन लड़कियों को धागे की फैक्ट्री में काम करने के लिए लाया था। लेकिन उनसे वह अपने आर्केस्ट्रा में काम करवाना चाहता था। इसलिए उन लड़कियों को विंध्याचल रेलवे स्टेशन पर उतार कर ऑटो से जिगना ले जाने वाला था। लेकिन पकड़े जाने पर वह सारी सच्चाई बयां करने लगा। एक लड़की ने बताया कि पिछली बार पुष्पराज ने एक महीने में सिर्फ 4 हजार रुपये ही दिए गए। जीआरपी प्रभारी अंजनी कुमार सिंह ने चाइल्ड हेल्प लाइन को बुला कर सभी किशोरियों को सुपुर्द करते हुए उनके माता-पिता के पते पर सूचित कर दिया।
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गश्त के दौरान आरपीएफ प्रभारी दिनेश रेलवे प्लेटफार्म नंबर दो पर भ्रमण कर रहे थे कि एक स्थान पर सात की संख्या में किशोरियां बैठी नजर आई। पूछताछ करने पर लड़कियों ने बताया कि हम लोग धागे की फैक्ट्री में काम करने के लिए यहां आए हैं। शक के आधार पर उन्हें जीआरपी चौकी लाया गया। पूछताछ के दौरान पाया कि थाना जिगना के बनवारीपुर निवासी पुष्पराज बिंद उन लड़कियों को धागे की फैक्ट्री में काम करने के लिए लाया था। लेकिन उनसे वह अपने आर्केस्ट्रा में काम करवाना चाहता था। इसलिए उन लड़कियों को विंध्याचल रेलवे स्टेशन पर उतार कर ऑटो से जिगना ले जाने वाला था। लेकिन पकड़े जाने पर वह सारी सच्चाई बयां करने लगा। एक लड़की ने बताया कि पिछली बार पुष्पराज ने एक महीने में सिर्फ 4 हजार रुपये ही दिए गए। जीआरपी प्रभारी अंजनी कुमार सिंह ने चाइल्ड हेल्प लाइन को बुला कर सभी किशोरियों को सुपुर्द करते हुए उनके माता-पिता के पते पर सूचित कर दिया।
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