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बहन के घर जा रहे युवक की सड़क हादसा में हुई मौत
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विंध्याचल। बहन के घर जा रहे युवक की विंध्याचल थाना क्षेत्र के मंगला गौरी मोड़ के पास सड़क हादसा में मौत हो गई। घटना मंगलवार की सुबह सात बजे की है। अष्टभुजा मंगला गौरी मोड़ पर मिर्जापुर की तरफ से आ रहे बाइक सवार रोहित दुबे (21) को स्कॉर्पियो ने जोरदार टक्कर मार दी। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पीएम हाउस भेजा। घटना के बाद चालक स्कॉर्पियो लेकर फरार हो गया।
भदोही जनपद स्थित औराई थाना क्षेत्र के महथुआ गांव निवासी रोहित दुबे (21) वर्ष पुत्र चंद्रकांत दूबे अपने भतीजे पवन के साथ अपने दो मित्र को मुंबई के लिए ट्रेन पर बैठाने मिर्जापुर स्टेशन आया था। सुबह छह बजे ट्रेन पर दोनों को बैठाने के बाद रोहित और पंकज अलग अलग बाइक से विंध्याचल के अकोढ़ी गांव में रहने वाली अपनी बहन ज्योति के घर जा रहे थे। बाइक सवार युवक रोहित जैसे अष्टभुजा मंगला गौरी मोड़ पर पहुंचा कि तेज गति से आ रही लाल रंग की स्कॉर्पियो ने सामने से धक्का मार दिया जिससे रोहित को गंभीर चोटें आई। ग्रामीणों और पीछे से आ रहे पंकज ने एंबुलेंस से रोहित को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विंध्याचल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पंकज की सूचना पर विंध्याचल सीएचसी पर धीरे धीरे परिजन इकटठा होने लगे। रोहित के पिता चंद्रकांत दुबे पुत्र शोक में बार बार बेहोश हो जा रहे थे। वहीं बहन का रो-रो कर बुरा हाल था। मौके पर पहुंची विंध्याचल पुलिस ने कार्यवाही के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
खाना बनाकर बहन कर रही थी इंतजार
मिर्जापुर। भाई को खाना खिलाने के लिए जल्दी से खाना बनाकर इंतजार कर रही बहन को जब उसकी मौत की सूचना मिली तो उसे भरोसा नहीं हुआ। फोन करने वाले उसके दोस्त से कहा कि वह झूठ बोल रहा है। अपनी तस्सली के लिए वह भागकर अस्पताल पहुंची तो भाई का शव अपनी आंखों से देखा। यह देखते ही वह बेहोश हो गई।
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रोहित ने अपने मित्रों को मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर छोड़ने के बाद अपनी बहन ज्योति को फोन किया था कि दीदी खाना बना के रखो हम लोग आ रहे हैं। बहन खाना बना कर भाई का इंतजार कर रही थी कि इतने में फोन आया कि रोहित का एक्सीडेंट हो गया है। भाई के दुर्घटना में घायल होने की खबर लगते ही वह ज्योति भागकर सीएचसी विंध्याचल के लिए घर से निकली। जब वह अस्पताल पहुंची तो खाना खाने वाला दुनिया में ही नहीं था । भाई के शव को देखते ही ज्योति उसके शव से लिपटकर रोने लगी। पिता भी बार-बार अपने पुत्र के वियोग में बेहोश हो जा रहा था। बता दें कि रोहित दो भाई और दो बहन में तीसरे नंबर पर था।
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भदोही जनपद स्थित औराई थाना क्षेत्र के महथुआ गांव निवासी रोहित दुबे (21) वर्ष पुत्र चंद्रकांत दूबे अपने भतीजे पवन के साथ अपने दो मित्र को मुंबई के लिए ट्रेन पर बैठाने मिर्जापुर स्टेशन आया था। सुबह छह बजे ट्रेन पर दोनों को बैठाने के बाद रोहित और पंकज अलग अलग बाइक से विंध्याचल के अकोढ़ी गांव में रहने वाली अपनी बहन ज्योति के घर जा रहे थे। बाइक सवार युवक रोहित जैसे अष्टभुजा मंगला गौरी मोड़ पर पहुंचा कि तेज गति से आ रही लाल रंग की स्कॉर्पियो ने सामने से धक्का मार दिया जिससे रोहित को गंभीर चोटें आई। ग्रामीणों और पीछे से आ रहे पंकज ने एंबुलेंस से रोहित को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विंध्याचल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पंकज की सूचना पर विंध्याचल सीएचसी पर धीरे धीरे परिजन इकटठा होने लगे। रोहित के पिता चंद्रकांत दुबे पुत्र शोक में बार बार बेहोश हो जा रहे थे। वहीं बहन का रो-रो कर बुरा हाल था। मौके पर पहुंची विंध्याचल पुलिस ने कार्यवाही के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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खाना बनाकर बहन कर रही थी इंतजार
मिर्जापुर। भाई को खाना खिलाने के लिए जल्दी से खाना बनाकर इंतजार कर रही बहन को जब उसकी मौत की सूचना मिली तो उसे भरोसा नहीं हुआ। फोन करने वाले उसके दोस्त से कहा कि वह झूठ बोल रहा है। अपनी तस्सली के लिए वह भागकर अस्पताल पहुंची तो भाई का शव अपनी आंखों से देखा। यह देखते ही वह बेहोश हो गई।
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रोहित ने अपने मित्रों को मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर छोड़ने के बाद अपनी बहन ज्योति को फोन किया था कि दीदी खाना बना के रखो हम लोग आ रहे हैं। बहन खाना बना कर भाई का इंतजार कर रही थी कि इतने में फोन आया कि रोहित का एक्सीडेंट हो गया है। भाई के दुर्घटना में घायल होने की खबर लगते ही वह ज्योति भागकर सीएचसी विंध्याचल के लिए घर से निकली। जब वह अस्पताल पहुंची तो खाना खाने वाला दुनिया में ही नहीं था । भाई के शव को देखते ही ज्योति उसके शव से लिपटकर रोने लगी। पिता भी बार-बार अपने पुत्र के वियोग में बेहोश हो जा रहा था। बता दें कि रोहित दो भाई और दो बहन में तीसरे नंबर पर था।