फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   छोटी मोटी नौकरी कर परिवार का खर्च चलाते थे राहुल व किशन

छोटी मोटी नौकरी कर परिवार का खर्च चलाते थे राहुल व किशन

Tue, 11 Jul 2017 12:47 AM IST
Updated Tue, 11 Jul 2017 12:47 AM IST
विज्ञापन
छोटी मोटी नौकरी कर परिवार का खर्च चलाते थे राहुल व किशन

विज्ञापन
कछवां। क्षेत्र के कोहड़िया स्थित पेट्रोल पंप मारे गए दोनों युवकों के परिवार की गृहस्थी काफी कच्ची है। पिता से लेकर भाई तक छोटा मोटा काम कर परिवार का खर्च चलते थे। वहीं किशन व राहुल भी पंप पर तीन से लेकर पांच हजार की नौकरी कर परिवार चलाने में अपना अहम योगदान देते थे। फिर भी परिवार चलाना मुश्किल होता था। ऐसे हालत में उनकी हत्या होने से परिवार के लोग काफी गमगीन है। उधर डबल मर्डर होने से क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने कानून व्ववस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीजेपी सरकार अपराध पर अंकुश लगाने की बात करती थी, लेकिन उसकी सरकार में अपराध रुकने की बजाय बढ़ता जा रहा है। इस समय कौन सुरक्षित है इसके बारे में कहना मुश्किल है।
दामोदरपुर गांव निवासी राहुल प्रजापति उर्फ पिंटू मध्यम वर्ग परिवार का था। उसके पिता कुल्हड़ गढ़ने का काम करते थे। परिवार का सबसे बड़ा लड़का होने के कारण पिंटू पर अधिक जिम्मेदारियां थी। जिससे इलाहाबाद के हंडिया निवासी रंजन कुमार के कछवां के कोहड़िया स्थित पेट्रोल पंप तीन हजार की नौकरी करता था। पेट्रोल पंप पर तीन हजार की नौकरी कर राहुल परिवार चलाने में अपने पिता का थोड़ा बहुत सहयोग करता था। पिंटू के दो भाई अभी पढ़ रहे हैं। इसी प्रकार गांव निवासी किशन गौड़ तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। उसका बड़ा व छोटा भाई ठेले पर दाना भून कर बेचने का कार्य करते हैं, जबकि वह पेट्रोल पंप पर मैनेजर की नौकरी करता था। उसके परिवार की भी गृहस्थी काफी कच्ची थी। किशन व राहुल अपस में गहरे दोस्त थे। सबसे पहले किशन पेट्रोल पंप पर नौकरी करता था। एक सेल्समैन की जरूरत होने पर किशन ही राहुल को नौकरी दिलाने लाया था। दोनों साथी होने के कारण एक साथ ही अच्छे से रहते थे।
विज्ञापन


दो दिन की बिक्री के रुपये पड़े थे
कछवां। कछवां-राजातालाब मार्ग पर कोहड़िया गांव के पास रविवार की रात पेट्रोल पंप के मैनेजर और सेल्समैन की हत्या और लूट की घटना से लोगों में गुस्सा है। बताया जाता है कि पेट्रोल पंप मालिक विशाल सिंह प्रतिदिन शाम को पेट्रोल पंप पर तेल की बिक्री का हिसाब लेने जाते थे, लेकिन शनिवार की सुबह वह किसी काम से इलाहाबाद चले गए थे। इस वजह से शनिवार और रविवार का पैसा पंप पर ही पड़ा रह गया था। बताया जाता है कि पंप मालिक रंजन सिंह दोनों कर्मचारी किशन और पिंटू पर बेहद भरोसा करते थे। उन्होंने उनके भरोसे पंप का कार्य छोड़ दिया था। दोनों काफी जिम्मेदारी से काम भी करते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed