{"_id":"5bf84a5fbdec22418d76130b","slug":"201542998623-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या के जुर्म में दो को उम्र कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हत्या के जुर्म में दो को उम्र कैद
Updated Sat, 24 Nov 2018 12:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मिर्जापुर। न्यायालय जनपद एवं सत्र न्यायाधीश नवीन श्रीवास्तव ने हत्या का अपराध सिद्घ होने पर दो लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर दस दस हजार रुपये का अर्थ दंड भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार कटरा कोतवाली क्षेत्र के पुतलीघर पक्का पुल निवासी एवं वादी मुकदमा सदरदार ज्ञान सिंह पुत्र बलदेव सिंह ने कोतवाली में तहरीर दी कि उनका लड़का दिलेर सिंह जो आटो चालक है, आठ अगस्त 2011 को शाम सात बजे घर आया। उसी शाम करीब साढ़े सात बजे उसके दो साथी कोदई केवट पुत्र नान्हक निवासी गैवीघाट व गुंगई उर्फ राजू बिंद पुत्र शंकर निवासी चोरवा नाला महंत शिवाला कटरा कोतवाली घर आए। कहा कि चलो तुमको जोगी बाबा उर्फ अशोक पुत्र छब्बी गोड़ निवासी महंत शिवाला बुला रहे हैं। वह उनके बुलाने पर उनके साथ चला गया। 11 अगस्त 2011 को सुबह आठ बजे उसका एक दोस्त लाल उर्फ छांगुर पुत्र दशरथ सोनकर निवासी पुतली ने घर आकर बताया कि तुम्हारा लड़का दिलेर सिंह कटरा कोतवाली क्षेत्र के चौबेघाट भैरो एवं काली मंदिर के पीछे जोगी बाबा के कमरे में गुंगई ने घुसों से मारकर बेहोश कर दिया था। फिर कफन वाले कपड़े को रस्सी बनाकर उसके गले में कस दिया। उसे जमीन पर पटककर जोगी बाबा लोहे के सड़से से तथा कोदई केवट व गुंगई ने लोहे के राड से काफी मारा पीटा था। इससे उसकी मौत हो गई। तीनों ने मिलकर उसे गंगा नदी में फेंक दिया। रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 302 और 201 भादस के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दिया था। अभियोजन की ओर से सभी गवाहों का बयान लिया गया। अधिवक्ताओं की दलील, पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने जोगी बाबा उर्फ अशोक और गुंगई उर्फ राजू को दोषी पाते हुए उमक्रैद की सजा सुनाई। साथ ही दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाते हुए जेल भेज दिया।
विज्ञापन
हत्या के जुर्म में दो को उम्र कैद