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तंत्र मंत्र के चक्कर में हुई थी अविनाश की हत्या
Updated Thu, 10 Aug 2017 12:36 AM IST
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कछवां। थाना क्षेत्र के मितई गांव में बीती रात धारदार हथियार से हुए हमले में घायल युवक ने देर रात वाराणसी के बीएचयू ट्रामा सेंटर में दम तोड़ दिया। इस मामले में पुलिस ने हत्या के चार आरोपियों को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि हत्या तंत्र मंत्र के चक्कर में की गई थी।
बताते चलें कि मंगलवार की देर शाम मितई गांव में कुछ लोगों ने गांव निवासी अविनाश की गला रेत कर हत्या कर दी थी। धारदार हथियार की चोट से बुरी तरह घायल अविनाश को आनन फानन में परिवार के लोग वाराणसी के ट्रामा सेंटर ले गए थे जहां इलाज की दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस बुधवार की शाम हत्याकांड में शामिल चार लोगों योगेश दूबे,गौरीशंकर पांडेय, प्रदीप दुबे और विपिन दुबे को शाम चार बजे गांव से ही दबोच लिया। हत्यारोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद हुई। पूछताछ में हत्यारोपियों ने बताया कि अविनाश उर्फ सोनू बाबा लोगो को तंत्र मंत्र से रोग सही करने का काम करता था। सोनू बाबा वाराणसी के कीनाराम अखाड़े का चेला था। उसने गांव व क्षेत्र में ही कुछ शिष्य बनाये थे। शिष्यों में योगेश भी शामिल था। योगेश ने बताया कि हमको अपने गुरु के कुछ कार्य अच्छे नहीं लगते थे। आठ माह पहले मैने सोनू बाबा को मना किया की यह सब क्षेत्र में करना अच्छी बात नही है लेकिन सोनू बाबा ने हमको भला बुरा कह कर मना कर दिया और हिदायत दिया कि अगर यह बात किसी को बताओगे तो तुम्हें अपने तंत्र मंत्र से बर्बाद कर दूंगा । उसी समय से हमने अपने गुरु को मारने की ठान लिया था । योगेश पांडेय और उसका मित्र गौरीशंकर पांडेय मंगलवार को शाम पाच बजे मितई गांव के नहर पर एक जगह बैठ कर शराब पी रहे थे। दोनों ने ने अपने गुरु सोनू बाबा को मौत के घाट उतारने के लिए प्लान बनाया और अपने साइकल में एक धारदार हथियार घर से लेकर आये और नहर पर ही सोनू बाबा को भी बुला लाया और तीनों मिल कर शराब पी रहे थे। उसी समय योगेश ने सोनू बाबा के गर्दन पर ताबडतोड़ दो वार किए और सोनू बाबा जमीन पर तड़पने लगा। यह देख गौरीशंकर वहां से भागा और शोर मचाने लगा। लोगों को इकट्ठा होता देख योगेश मौके से भाग गया ।
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